मुज़फ्फरनगर न्यूज़: बैंक सुरक्षा को लेकर एसएसपी संजय कुमार वर्मा का सख्त एक्शन, साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंक प्रबंधकों को दिए गए सख्त निर्देश
मुजफ्फरनगर समाचार: बढ़ते साइबर अपराध एवं वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की अध्यक्षता में बैंक शाखा प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया. रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाना, ग्राहकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और साइबर अपराधों को रोकने के लिए एक समन्वित रणनीति तैयार करना था।
बैठक में जिले के विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रबंधकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कई व्यावहारिक सुझाव भी साझा किये. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध एवं मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैंक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
सेमिनार के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बैंक शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बैंक शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील स्थिति में होने चाहिए और उनकी गुणवत्ता भी उच्च मानक की होनी चाहिए।
इसके साथ ही कैमरों का बैकअप सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में जांच प्रक्रिया में मदद मिल सके. अधिकारियों ने बैंक परिसर में अलार्म सिस्टम सक्रिय रखने तथा सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.
संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने के निर्देश
बैठक में बैंक प्रबंधकों को बैंक परिसर में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया. पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है.
इसलिए, सभी शाखाओं को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नियमित रूप से निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए बैंक अधिकारियों को दी गई विशेष जिम्मेदारी
वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध को देखते हुए बैठक में इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा की गयी. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे अपने ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, ओटीपी शेयरिंग और फर्जी कॉल जैसे मामलों से बचने के लिए लगातार जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मियों की सक्रिय भूमिका से ही साइबर अपराध को काफी हद तक रोका जा सकता है. ग्राहकों को जागरूक करना सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत अकाउंट फ्रीज करने के निर्देश
सेमिनार के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि साइबर ठगी से संबंधित मामलों में पुलिस द्वारा भेजे गये प्रार्थना पत्रों पर तत्काल कार्रवाई की जाये. ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर खातों को फ्रीज किया जाना चाहिए ताकि पीड़ित के पैसे की सुरक्षा की जा सके।
उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई से वित्तीय क्षति को काफी हद तक रोका जा सकता है और अपराधियों पर नकेल कसने में भी मदद मिलेगी।
संदिग्ध लेनदेन की सूचना देने के संबंध में बैंक शाखाओं को सतर्क रहने के निर्देश
बैठक के दौरान बैंक प्रबंधकों को संदिग्ध लेनदेन पर विशेष नजर रखने तथा ऐसे मामलों की नियमानुसार रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया. यदि आवश्यक हो तो संबंधित जानकारी तत्काल पुलिस एवं साइबर सेल को उपलब्ध करायी जाय।
माना जा रहा है कि यह कदम वित्तीय अपराधों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाएगा।
पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया
सेमिनार के अंत में वरीय पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बैंक प्रबंधकों से पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाये रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही सुरक्षित बैंकिंग माहौल बनाया जा सकता है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग बैंक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रशासनिक सक्रियता से वित्तीय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
बैठक में पुलिस अधीक्षक अपराध, मुख्य अग्निशमन अधिकारी व अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट संदेश गया कि जिले में बैंकिंग सुरक्षा को लेकर प्रशासन बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रहा है.
अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी समन्वय बैठकें आयोजित की जाती रहेंगी ताकि बैंकिंग प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके.


