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मुज़फ्फरनगर – एक बंदर कमरे में घुस गया और नवजात बच्ची के पास बैठा था, करीब एक घंटे बाद मोबाइल दिखाकर उसकी जान बचाई गई।

मुजफ्फरनगर-/चरथावल इलाके में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक बंदर घर के कमरे में घुस गया और नवजात बच्ची के पास करीब एक घंटे तक बैठा रहा. पूरे इलाके में सनसनी मच गई. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजन घबरा गए, लेकिन समझदारी से काम लेते हुए आखिरकार उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

घटना जय हिंद इंटर कॉलेज के पीछे स्थित मोहल्ले की बताई जा रही है.


कमरे में अकेली सो रही थी नवजात बच्ची, अचानक आ गया बंदर

जानकारी के अनुसार नवजात बच्ची कलसूम कमरे में सो रही थी. इसी बीच अचानक एक बंदर कमरे में घुस आया और बच्ची के पास बैठ गया. कुछ देर बाद बच्ची रोने लगी, जिसे सुनकर उसकी दादी कमरे में पहुंची।

कमरे के अंदर बंदर को देखकर वह डर गई और तुरंत बाहर आकर आसपास के लोगों को बुलाया।


एक घंटे तक बच्ची के पास बैठा रहा बंदर, हटाने की कोशिशें हुईं नाकाम!

शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बंदर को हटाने की कोशिश की, लेकिन वह बच्ची के पास से हटने को तैयार नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर कभी बच्ची को उठाने की हरकत करता नजर आया तो कभी उसे शांत कराने की कोशिश करता नजर आया।

हालात को देखते हुए लोगों को बेहद सतर्क रहना चाहिए ताकि लड़की को कोई नुकसान न पहुंचे ⚠️


पशु प्रेमियों की मदद से बनाई गई रेस्क्यू योजना

घटना की जानकारी पशु-पक्षी प्रेमी सनी चोपड़ा को दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बंदर को हटाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके।

इसके बाद लोगों ने बंदर का ध्यान भटकाने के लिए नई तरकीब अपनाई.


मोबाइल दिखाकर ध्यान भटकाया, लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला गया

लोगों ने बंदर को मोबाइल फोन दिखाया, जिससे उसका ध्यान स्क्रीन की तरफ गया. इसी बीच परिवार और मौजूद लोगों ने मौके का फायदा उठाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना के दौरान लड़की को कोई चोट नहीं आई।


माता-पिता काम पर गये थे, बच्ची घर पर अकेली थी.

घटना के वक्त बच्ची की मां गुलिस्ता और पिता तहसीन ईंट भट्ठे पर काम करने गए थे. उस वक्त बच्ची कमरे में सो रही थी, जबकि उसकी दादी घर के बाहर बैठी थी.

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में चिंता का माहौल हो गया.


सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरी घटना की जानकारी ली. स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में पहले भी बंदरों की गतिविधियां देखी गई हैं, जिससे लोग डरे रहते हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.


ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही बंदरों की समस्या पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद इलाके में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाकों में बंदरों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है.

लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से संयुक्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.


चरथावल क्षेत्र में एक कमरे के अंदर नवजात बच्ची के पास एक बंदर के करीब एक घंटे तक बैठे रहने की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को उजागर करती है। परिवार और स्थानीय लोगों की सतर्कता से बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.

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