देवीगंज में बिना अनुमति पुतला जलाने पर कार्रवाई, भाजपा पदाधिकारी समेत कई कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में विरोध प्रदर्शन करना बीजेपी कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया. 25 अप्रैल को कड़ा धाम थाना क्षेत्र के देवीगंज चौराहे पर बिना अनुमति प्रदर्शन और पुतला फूंकने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। इस दौरान बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम कर दी गई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका थी. पुलिस ने इस मामले में कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
प्रदर्शन और पुतला दहन का मामला
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला फूंका गया. यह प्रदर्शन “नारी शक्ति वंदन कानून” के विरोध में किया गया था। बिना प्रशासनिक अनुमति के हुए इस प्रदर्शन से सड़क जाम जैसी स्थिति भी बन गई, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
किसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया?
पुलिस ने इस मामले में महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष नीतू कन्नौजिया और मंडल अध्यक्ष दीपा श्रीवास्तव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा बीजेपी नेता अजय शुक्ला, प्रदीप और अंजनी को भी नामांकित किया गया है. कुल मिलाकर 5 लोगों को नामजद किया गया है और कई अन्य अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है.
किस आधार पर कार्रवाई की गई?
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान पुतला जलाया गया, जिससे आगजनी की आशंका थी. साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई गई थी. इसी आधार पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
यह एफआईआर शीतला धाम चौकी प्रभारी रवि मौर्य ने दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के कोई भी प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
