नहर में कूदे 12 वर्षीय बच्चे का पांचवें दिन भी नहीं लगा कोई सुराग, गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे किया जाम

मंडी धनौरा क्षेत्र से 12 वर्षीय बालक के लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पांच दिन बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चलने पर परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गये. सोमवार को गुस्साए लोगों ने बिजनौर स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया और प्रशासन से नहर का पानी बंद कराने की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया. इस घटना से इलाके में चिंता और दुख का माहौल है, वहीं परिवार अभी भी बच्चे के मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है.
दादी की डांट से आहत होकर उसने यह कदम उठाया।
मामला डिडौली थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर नूरी निवासी आर्यन्स का है। वह अपने मामा के घर गांव मिलक अख्तियारपुर आया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दादी की डांट से आहत होकर उसने रामगंगा पोषक नहर में छलांग लगा दी। तब से वह लापता है और परिवार सदमे में है.
पांच दिनों से चल रहा है सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद से एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. लेकिन नहर में तेज बहाव के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. टीम ने शेरपुर के पास जाल बिछा दिया है और आसपास के पुलों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, फिर भी बच्चे का कोई पता नहीं चल सका है.
ग्रामीणों ने लगाया जाम, पानी बंद करने की मांग
पांच दिन बाद भी जब कोई सफलता नहीं मिली तो ग्रामीणों व परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में लोग बिजनौर स्टेट हाईवे पर गांव चुचैला कला के पास नहर पुल पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों की मांग है कि नहर का पानी बंद कराया जाए ताकि बच्चे की तलाश आसान हो सके.
अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुला
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। साथ ही एसडीएम शैलेश कुमार दुबे और सीओ अंजली कटारिया भी पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नहर का जलस्तर कम करने के लिए संबंधित विभाग से बात की जा रही है. करीब 45 मिनट बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
