कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा, चुनाव नतीजों के बाद मुझे गंभीरता से एहसास हुआ कि राजनीति में निरंतर तार्किक संवाद जरूरी है. गहन विचार-विमर्श के बाद मैंने निर्णय लिया कि 15 मई से पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर संवाद करूंगा। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि संवाद में तीन समूह होंगे.
प्रथम बुद्धिजीवी वर्ग जो राज्य आन्दोलन एवं राज्य निर्माण के प्रति अत्यधिक उत्साहित था। मैं उनसे यह जानने की कोशिश करूंगा कि क्या हम इस 25 साल की यात्रा में सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और क्या हमारा रास्ता चुनना तर्कसंगत है। मैं राज्य के विभिन्न संगठनों और युवाओं से भी संवाद करूंगा. कुल मिलाकर रोजगार देने के मामले में मेरे नेतृत्व में बनी कांग्रेस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा है। 2014 में राज्य में बेरोजगारी की वार्षिक वृद्धि दर 13 प्रतिशत से ऊपर थी. वर्ष 2017 में हम देश भर में सबसे कम डेढ़ प्रतिशत लाने में सफल रहे।
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आज भी मेरे पास रोजगार और स्वरोजगार का स्पष्ट रोड मैप है। हरीश रावत ने कहा, मैं हरिद्वार में मां गंगा, कुमाऊं में ग्वाल देवता और गढ़वाल में घंडियाल देवता का आशीर्वाद लेकर संवाद अभियान शुरू करूंगा।