मुजफ्फरनगर क्रांति सेना महिला मोर्चा की बैठक में बड़ा ऐलान, 2027 चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी टिकट देने की उठी मांग

मुजफ्फरनगर जिले के वहलना गांव में आयोजित क्रांति सेना महिला मोर्चा की अहम बैठक में महिलाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली. कार्यक्रम में संगठन की आगामी रणनीति, महिला सुरक्षा, राजनीतिक भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक जिला प्रभारी रानी चौधरी के आवास पर हुई, जहां महिला कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प लिया.

कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। कई महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव व्यक्त किये, जिससे यह बैठक महज औपचारिक आयोजन न रह कर सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का मंच बन गयी.


महिला सुरक्षा पर जोर और सख्त कानून की मांग

बैठक के दौरान महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी. महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना बहुत जरूरी है।

वक्ताओं ने कहा कि सिर्फ कानून बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी जरूरी है, ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों में डर पैदा हो सके. कई महिला कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और महिला हेल्पलाइन सेवाओं को और अधिक सक्रिय बनाने की मांग भी उठाई.


2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी टिकट देने की मांग

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हुई. महिला मोर्चा ने राजनीति में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई.

कार्यक्रम में प्रस्ताव रखा गया कि आगामी चुनाव में 50 फीसदी टिकट महिलाओं को दिये जाएं, ताकि राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी मजबूत हो सके. वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं, इसलिए राजनीति में भी उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए।

बैठक के दौरान मौजूद महिला कर्मियों के बीच यह मांग चर्चा का केंद्र बनी रही.


महिला कमांडो यूनिट बनाने की योजना पर चर्चा

महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मो -पूनम चौधरी अपने संबोधन में कहा कि समय तेजी से बदल रहा है और महिलाएं अब खुलकर अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं.

उन्होंने कहा कि क्रांति सेना महिला मोर्चा हर जिले में महिला कमांडो यूनिट बनाने की योजना पर काम करेगी. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक और आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपनी और अन्य महिलाओं की सुरक्षा में मदद कर सकें.

पूनम चौधरी ने कहा कि महिलाओं को न केवल सामाजिक रूप से बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी सशक्त बनाना समय की मांग है।


ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी विशेष रही

बैठक में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया. महिलाओं ने रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं तक पहुंच से जुड़े मुद्दे खुलकर सामने रखे।

कई महिलाओं ने कहा कि आज भी गांवों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं. इस दौरान स्वरोजगार योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और महिला समूहों को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया.


“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी लड़ो” अभियान चलाने का निर्णय

बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये. इनमें पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी लड़ो” अभियान चलाने का निर्णय प्रमुख था।

संगठन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी इसका हिस्सा होगा।

अधिकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत करने के लिए जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है.


ब्लॉक स्तर तक संगठन विस्तार की रणनीति

कार्यक्रम के दौरान संगठन को और मजबूत करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा इकाइयों का गठन करने का भी निर्णय लिया गया।

क्रांति सेना के अध्यक्ष मुकेश त्यागी और नगर अध्यक्ष देवेन्द्र चौहान कहा कि संगठन अब जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन सामाजिक मुद्दों पर और अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा।


महिलाओं ने संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने तथा समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि अब महिलाएं केवल सामाजिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी अपनी भागीदारी चाहती हैं.


महिला सशक्तिकरण को लेकर बढ़ रही सक्रियता

हाल के दिनों में मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में महिला संगठनों की सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है. सामाजिक सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर महिलाओं की खुली भागीदारी अब ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऐसी बैठकों से महिलाओं में जागरूकता बढ़ती है और उन्हें अपने अधिकारों के बारे में खुलकर बात करने का मंच मिलता है।


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