चैत्र नवरात्रि: भव्य रूप से सजाया गया माता मंदिर, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़, पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है. बाजार सज गए हैं तो मंदिरों में अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इस बार मां पालकी पर सवार होकर आई हैं. आज सबसे पहले मां शैलपुत्री की पूजा की गई. देवी मां के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी हुई है.
श्रीनगर के मां धारी देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है. अलकनंदा तट पर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि मां धारी देवी को उत्तराखंड के चारधाम की रक्षक के रूप में पूजा जाता है। यही कारण है कि नवरात्रि के दौरान यहां विशेष श्रद्धा और आस्था देखने को मिलती है।
मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान शुरू किये गये. सुबह से ही श्रद्धालु देवी मां के दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं और पूरा इलाका जयकारों से गूंज रहा है. श्रद्धालुओं का मानना है कि मां धारी देवी की कृपा से चारधाम यात्रा सुरक्षित और सफल होती है. इसी मान्यता के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं और अपनी मन्नतें मांग रहे हैं.

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माता के मंदिर की भव्य सजावट – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी व्यवस्था की गयी है.

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माता मंदिर – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी।

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देवी मां के दर्शन करते श्रद्धालु – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी. 19 मार्च को कलश स्थापना का पहला मुहूर्त सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक रहेगा.
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धारी देवी मंदिर – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है, जो खुशी, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
