फर्जी CAG अफसर बनकर की शादी, 1.5 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद खुली सच्चाई!

ग़ाज़ीपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने वैवाहिक रिश्तों में भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक ने खुद को सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) विभाग में वरिष्ठ ऑडिट अधिकारी बताकर एमबीए पढ़ी-लिखी लड़की से शादी कर ली। शादी बहुत धूमधाम से हुई और इसमें करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए. लेकिन शादी के बाद जब सच्चाई सामने आई तो परिवार की खुशियां पल भर में गम और कानूनी लड़ाई में बदल गईं।
शादी धूमधाम से हुई
यह मामला करंडा थाना क्षेत्र का है. यहां रहने वाली लड़की की शादी 29 अप्रैल 2025 को जखनिया निवासी शुभम सिंह से हुई थी। पीड़िता के मुताबिक, शादी में करीब 81 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन दिए गए थे। इसके अलावा ज्वेलरी और गिफ्ट समेत कुल खर्च करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
सरकारी काम का बहाना
शादी के बाद आरोपी शुभम सिंह अक्सर सरकारी ऑडिट और टूर के बहाने अपनी पत्नी से दूर रहने लगा. उसकी बातों और व्यवहार में कई विरोधाभास दिखने लगे, जिससे लड़की को शक हो गया.
व्हाट्सएप चैट से खुला राज!
जांच के दौरान आरोपी की व्हाट्सएप चैट से लड़की को सच्चाई पता चली। पता चला कि शुभम सिंह पूरी तरह से बेरोजगार है और उसका खर्च उसकी बहन उठाती है. उसने सीएजी अधिकारी होने का झूठ बोलकर शादी की थी।
दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद भी आरोपी और उसके परिवार ने अलग-अलग बहाने से पैसे लिए। जब सच्चाई सामने आई तो वे अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर किशोरी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
पुलिस में मामला दर्ज
पीड़िता ने फरीदाबाद के वल्लभगढ़ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने पति शुभम सिंह, ससुर अनिल कुमार सिंह और हरिद्वार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और दहेज उत्पीड़न की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
