हरिद्वार: जिले के स्कूलों में गहराया मिड-डे मील संकट, उधार के चावल से बनाया जा रहा खाना, कई स्कूल बंद
हरिद्वार जिले के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना की व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतरती नजर आ रही है। कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन के लिए चावल की गंभीर कमी हो गई है. स्थिति इतनी खराब है कि कई स्कूलों में उधार के चावल से बच्चों को भोजन परोसा जा रहा है, जबकि कुछ स्कूलों में चावल की कमी के कारण मध्याह्न भोजन पूरी तरह से बंद करना पड़ा है.
जानकारी के मुताबिक पिछले साल से ही स्कूलों में चावल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे हेडमास्टरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मध्याह्न भोजन योजना के सुचारू संचालन के लिए उन्हें स्थानीय सरकारी राशन डीलरों से उधार पर चावल लेना पड़ता है। प्राचार्यों का कहना है कि कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है और समय पर भुगतान नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है. ऐसे में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द चावल उपलब्ध कराने और बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है, ताकि बच्चों को नियमित रूप से भोजन मिल सके.
इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. इससे मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और स्थिरता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं. अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर बच्चों के पोषण और शिक्षा पर पड़ सकता है।
