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काली माता मंदिर में बड़ी कार्रवाई… जूना अखाड़े का सख्त फैसला, पुलिस की मौजूदगी में हटाए गए महंत

मोरादाबाद काली माता मंदिर: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मुगलपुरा इलाके में स्थित प्रसिद्ध लालबाग प्राचीन सिद्ध पीठ श्री काली माता मंदिर (मिश्री गिरी जी का टीला) में लंबे समय से चल रहे प्रबंधन विवाद पर अब बड़ा फैसला लिया गया है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर के पुराने महंतों को उनके पद से हटा दिया है और नई नियुक्तियां की हैं. यह बदलाव अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महासचिव महंत हरि गिरि महाराज के निर्देश पर किया गया है. इस कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच नया प्रशासनिक ढांचा लागू कर दिया गया है.

लंबे विवाद के बाद अखाड़े का सख्त फैसला
मंदिर के प्रबंधन और कार्यशैली को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों और अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद अखाड़े ने यह कदम उठाया। महंत सज्जन गिरि और महंत राम गिरि का तत्काल प्रभाव से प्रयागराज तबादला कर दिया गया. जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि ने कहा कि इन महंतों को पहले भी कई बार सुधार के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ.

रिपोर्ट के आधार पर लिया गया बड़ा फैसला
महंत नारायण गिरि के नेतृत्व में एक टीम ने पूरी स्थिति की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर अखाड़ा महासभा ने ये फैसला लिया. इसके बाद अखाड़ा दल भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर पहुंचा और परिसर की पूरी कमान अपने हाथ में ले ली. नए प्रबंधकों व पुजारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई और परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना भी की गई।

मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा एवं नियंत्रण
कार्रवाई के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. सुरक्षा कारणों से भक्तों को बाहर निकाल दिया गया और मंदिर के सभी कमरों और इमारतों पर नए ताले लगा दिए गए। इस दौरान कुछ विरोध की स्थिति भी बनी, जिसमें हटाए गए महंतों ने आपत्ति जताने की कोशिश की. पुलिस की मदद से महंत सज्जन गिरी को कमरे से बाहर निकाला गया.

नई नियुक्तियाँ एवं प्रशासनिक परिवर्तन
अखाड़े की ओर से जारी आदेश के मुताबिक महंत महाकाल गिरि को मंदिर का नया प्रबंधक और महंत हितेश्वर गिरि को सहायक प्रबंधक बनाया गया है. पूजा व्यवस्था के लिए महंत वशिष्ठ गिरि को निचले मंदिर का मुख्य पुजारी और महंत इच्छा गिरि को ऊपरी मंदिर का मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया है. वहीं स्थानांतरित महंत राम गिरि को प्रयागराज के दत्त मंदिर और महंत सज्जन गिरि को दशाश्वमेध घाट स्थित जूना अखाड़ा भेजा गया है.

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