केदारनाथ: तीर्थयात्रा से पहले तप्त कुंड का होगा जीर्णोद्धार, गौरीकुंड में पुरुषों और महिलाओं के लिए बनेंगे चेंजिंग रूम -केदारनाथ धाम: तीर्थयात्रा चारधाम यात्रा 2026 से पहले तप्त कुंड का होगा पुनर्निर्माण
केदारनाथ धाम के महत्वपूर्ण आधार शिविर गौरीकुंड में आपदा के कारण नष्ट हुए गर्म कुंड की मरम्मत का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। इसके लिए 67 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं. कुंड में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं।
तप्त कुंड सिर्फ एक जलस्रोत नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम है। इसीलिए संरक्षण एवं जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। 2013 की आपदा में गौरीकुंड का गर्म कुंड भी जमींदोज हो गया था. कुछ वर्षों के बाद जब स्थानीय लोगों और प्रशासन ने खुदाई की तो गर्म पानी का एक स्रोत मिला, इसे अस्थायी रूप से एक नल के माध्यम से तीर्थयात्रियों के लिए पुनर्जीवित किया गया, लेकिन तालाब और चेंजिंग रूम के अभाव के कारण भक्त इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे। अब केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने तालाब के जीर्णोद्धार के लिए बजट जारी कर दिया है, इससे तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है।
यहां माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी
शास्त्रों के अनुसार यहीं से केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू मानी जाती है। भक्त खुद को शुद्ध करने और आगे की यात्रा की तैयारी के लिए इस गर्म तालाब में स्नान करते हैं। आचार्य विश्वमोहन जमलोकी बताते हैं कि यहां माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसीलिए इस स्थान का नाम गौरीकुंड पड़ा। गर्म तालाब के गर्म पानी में स्नान करने से शारीरिक रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति मिलती है।
ये भी पढ़ें…बर्फबारी: बर्फ की मोटी चादर से ढका केदारनाथ धाम, यात्रा तैयारियों में चुनौती, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
गर्म तालाब की मूल संरचना आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे इसकी धार्मिक गरिमा एवं उपयोगिता प्रभावित हुई। अब तालाब का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. – राजविंद सिंह, ईई पीडब्ल्यूडी
