कौशांबी में एक हफ्ते में उखड़ गई नई सड़क, PWD-ठेकेदार पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नई बनी सड़क एक हफ्ते के अंदर ही उखड़ने लगी है. इस घटना के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ठेकेदार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितता बरती गयी है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. इस कारण सड़क नहीं बच सकी और अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है. मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.
घोसिया गांव में बनी सड़क बनी भ्रष्टाचार की मिसाल
यह मामला चायल तहसील के घोसिया ग्राम पंचायत का है, जहां हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क का निर्माण कराया गया था। बताया जा रहा है कि करीब 7.50 मीटर लंबी इस सड़क को बने अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि इसकी परत उखड़ने लगी. सड़क की हालत इतनी खराब हो गयी है कि जगह-जगह से सड़क पूरी तरह टूट गयी है.
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया. आरोप है कि घटिया और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे सड़क जल्दी खराब हो गई। लोगों का कहना है कि जहां उन्हें नई सड़क बनने से राहत की उम्मीद थी, वहीं अब यह सड़क उनके लिए खतरा बन गई है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है, लेकिन अब तक न तो कोई जांच शुरू की गयी है और न ही सड़क पर कोई मरम्मत कार्य किया गया है. इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। लोग लगातार जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
जवाबदेही पर उठाए सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क निर्माण में ऐसी लापरवाही होगी तो जनता को सुविधाएं कैसे मिलेंगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में भ्रष्टाचार कब तक होता रहेगा.
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
