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SIR पर अजय राय का बड़ा बयान…पूरी प्रक्रिया अवैध, बीजेपी पर लगाया लोकतंत्र से खिलवाड़ करने का आरोप

अजय राय: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को अवैध बताया और कहा कि यह लोकतंत्र के साथ धोखा है. अजय राय के मुताबिक इस प्रक्रिया से सीधे तौर पर लोगों के मताधिकार का हनन हुआ है. उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए.

आरटीआई के जवाब पर विवाद, प्रक्रिया पर सवाल
अजय राय ने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि एसआईआर से संबंधित कोई आदेश या फाइल उपलब्ध नहीं है. इस पर अजय राय ने सवाल उठाया कि जब कोई आधिकारिक आदेश नहीं है तो यह प्रक्रिया कैसे की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई कहीं बीजेपी के इशारे पर तो नहीं हो रही है.

बीएलओ पर दबाव और मौत का आरोप
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के दबाव में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) पर गलत काम करने के लिए दबाव डाला। उन्होंने दावा किया कि इस दबाव के कारण राज्य में कई बीएलओ को अपनी जान गंवानी पड़ी. यह आरोप मामले को और गंभीर बनाता है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है.

मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट, आंकड़ों पर उठे सवाल!
अजय राय ने आंकड़ों के आधार पर बताया कि उत्तर प्रदेश में 18 साल से अधिक उम्र की आबादी 16 करोड़ से ज्यादा है. ग्राम पंचायत और नगर निकायों की मतदाता सूची में भी 16 करोड़ से ज्यादा नाम दर्ज हैं. लेकिन एसआईआर के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या घटकर सिर्फ 13 करोड़ 39 लाख रह गई है, जबकि पहले यह संख्या 15 करोड़ से ज्यादा थी. उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम क्यों और कैसे हटाये गये.

साजिश की आशंका और जांच की मांग
अजय राय ने सवाल उठाया कि क्या बंगाल की तरह यहां भी एक खास समुदाय को निशाना बनाकर रणनीतिक तरीके से नाम हटाये गये हैं. उन्होंने इसे गंभीर साजिश बताते हुए व्यापक जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मतदाता सूची को स्वीकार नहीं करेगी और चुनाव से पहले सभी पात्र युवाओं के नाम जोड़े जाने चाहिए.

वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
अजय राय ने सुझाव दिया कि अगर केंद्रीय चुनाव आयोग यह काम ठीक से नहीं कर पा रहा है तो विधानसभा चुनाव में नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इससे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होंगे.

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