अमेठी में नवनिर्मित आरसीसी सड़कों पर भ्रष्टाचार का आरोप, चौड़ाई कम होने से बढ़ी दिक्कतें

अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र में हाल ही में बनी दो आरसीसी सड़कों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये हैं. रामलीला मैदान मार्ग और एसडीएम कॉलोनी मार्ग पर बनी इन सड़कों की गुणवत्ता और चौड़ाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले सड़कें चौड़ी थीं, लेकिन अब संकरी कर दी गयी हैं, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है. विरोध बढ़ने पर विभाग द्वारा किनारे पर मिट्टी डालकर कमी छुपाने का प्रयास भी चर्चा का विषय बन गया है।
सड़क की चौड़ाई कम होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, पहले ये दोनों सड़कें करीब 5 मीटर चौड़ी थीं, लेकिन जब नई आरसीसी सड़क बनाई गई तो ये करीब 3 मीटर चौड़ी हो गईं। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण दो बड़े वाहनों का एक साथ गुजरना मुश्किल हो गया है. इससे आए दिन ट्रैफिक जाम हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। यह भी सामने आया है कि कई पैदल यात्री गिरकर घायल हो गए।
मिट्टी भरकर कमियां छिपाने का आरोप
इस मामले को लेकर जब लोगों ने विरोध किया तो विभाग ने सड़क के दोनों ओर मिट्टी डालने का काम शुरू कर दिया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में कमियों और मानकों के उल्लंघन को छिपाने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि असली खामियां नजर न आएं. इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है.
धूल के कारण स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ा
सड़क किनारे डाली गई मिट्टी पर पानी का छिड़काव नहीं किया गया, जिससे धूल उड़कर आसपास की दुकानों और राहगीरों तक पहुंच रही है। खासकर नाश्ते की दुकानों में धूल जमने से खाद्य पदार्थ दूषित होने का खतरा बढ़ गया है. दुकानदारों और ग्राहकों ने इस पर चिंता जताई है और इसे सेहत के लिए खतरनाक बताया है.
महत्वपूर्ण मार्ग होने से बढ़ी चिंता
रामलीला मैदान मार्ग शहर की महत्वपूर्ण सड़क मानी जाती है, जो दो प्रमुख सड़कों को जोड़ती है। इसी रास्ते से लोग रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और आसपास के बड़े स्कूलों तक पहुंचते हैं। इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों स्कूली बच्चे, अभिभावक व आम लोग आवागमन करते हैं. ऐसे में सड़क की खराब हालत और कम चौड़ाई ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)
