कौशांबी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष ने सरकार पर लगाये गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है. स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय मंझनपुर पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के जरिए गरीब उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है. प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग की.
कांग्रेस का पैदल मार्च और प्रदर्शन
कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष गौरव पांडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से समाहरणालय तक मार्च निकाला. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेसियों ने मंझनपुर में धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
सरकार पर आरोप
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष गौरव पांडे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गांव-गांव में गरीबों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं पर थोड़ा भी बिल बकाया है, उनकी बिजली काट दी जाती है. इतना ही नहीं, कई मामलों में तो बिल चुकाने के बाद भी बिजली बहाल नहीं की जाती, जिससे आम जनता परेशान हो रही है.
कंपनी और मीटर को लेकर विवाद
गौरव पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि देश के गृह मंत्री अमित शाह के बेटे की कंपनी के स्मार्ट मीटर पूरे देश में लगाए जा रहे हैं और इससे गरीबों का आर्थिक शोषण हो रहा है. उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम (न्यायिक) को सौंपा। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल बंद कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा.
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
