टिहरी: तूफान के कारण फंसे 30 लोग, एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
आपदा नियंत्रण कक्ष टिहरी गढ़वाल से सूचना मिली कि डोबरा-चाटी के पास आए तेज तूफान के कारण झील में बनी फ्लोटिंग झोपड़ियां टूट गई हैं और इस घटना में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट कोटी कॉलोनी से सब इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा के नेतृत्व में बचाव दल आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत मौके के लिए रवाना हो गया।
मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि तेज तूफान के कारण तैरती झोपड़ियां क्षतिग्रस्त होकर बह गई हैं। एसडीआरएफ की टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बचा लिया. सभी लोगों को पर्यटन विभाग की नाव की मदद से कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया।
पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग पर नियंत्रण, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
मौसम विभाग ने 4 और 5 मई को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौडी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने कहा कि जिलों को उच्च सतर्कता बरतने और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और राहत एवं बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है. सभी संबंधित विभागों जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ आदि को सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीण स्तर तक के अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और आपदा उपकरण व संसाधन तैयार हालत में रखने को कहा गया है. स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है.
