नोएडा में मजदूर आंदोलन बना हिंसा का मैदान, सोशल मीडिया पोस्ट पर राजद प्रवक्ताओं पर FIR दर्ज

नोएडा मजदूरों का विरोध: उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है. प्रदर्शन के दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया. इस मामले में कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस ने इस हिंसा को भड़काने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में राजनीतिक पार्टी राजद के दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि भ्रामक सूचना फैलाकर माहौल खराब किया गया।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में राजद प्रवक्ताओं पर केस
नोएडा पुलिस ने राजद की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि दोनों ने इसे नोएडा की घटना बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जबकि वीडियो किसी और जगह का था. पुलिस का कहना है कि इस तरह की भ्रामक पोस्ट से लोगों में डर और भ्रम का माहौल पैदा हुआ. पुलिस के मुताबिक, इन पोस्ट के जरिए एक सुनियोजित नैरेटिव तैयार किया गया, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और लोगों को भड़काने की कोशिश की गई. इससे विभिन्न क्षेत्रों में अविश्वास और तनाव की स्थिति पैदा हो गई.
किन धाराओं में केस दर्ज, डिजिटल नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस ने दोनों प्रवक्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(बी) और आईटी अधिनियम की धारा 66 और 66डी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है. जांच में यह भी पता चला है कि 7 व्हाट्सएप ग्रुप और करीब 25 सोशल मीडिया बॉट हैंडल के जरिए गलत सूचना फैलाने की कोशिश की गई थी। पुलिस अब पूरे डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही है.
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ
यह पूरा मामला सोमवार को शुरू हुआ, जब वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी सड़कों पर उतर आए. शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के बाद स्थिति बिगड़ गई. देखते ही देखते झड़पें शुरू हो गईं और प्रदर्शन हिंसक हो गया. भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया और कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी हुईं. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
300 से ज्यादा हिरासत में, पीएसी और आरएएफ तैनात
पुलिस ने अब तक 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है. औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पीएसी और आरएएफ तैनात कर दी गई है ताकि आगे कोई हिंसा न हो.
