नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर निकला कथित मास्टरमाइंड

13 अप्रैल को नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा अब एक बड़े खुलासे की ओर इशारा कर रही है. शुरुआत में इस घटना को मजदूरों का अचानक गुस्सा माना जा रहा था, लेकिन जांच में कुछ और ही बात सामने आई। स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में यह हिंसा एक सोची-समझी साजिश लग रही है. इस पूरे मामले में आदित्य आनंद नाम के युवक को मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिसने कथित तौर पर एक नेटवर्क बनाया था.
जांच में साजिश की परतें खुल रही हैं
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यह हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी योजना पहले से बनाई गई थी. जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इसमें किन लोगों की भूमिका थी और कैसे इस घटना को अंजाम दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है.
कौन हैं आदित्य आनंद?
आदित्य आनंद मूल रूप से हाजीपुर, बिहार के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा काफी अच्छी रही है. उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जमशेदपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान वे एक होनहार छात्र माने जाते थे और तकनीकी क्षेत्र में उनका भविष्य उज्ज्वल माना जाता था।
आईटी सेक्टर छोड़ने के बाद बदली राह
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद आदित्य नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने लगे। बाद में उन्होंने गुरुग्राम में आईटी सेक्टर में भी काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उनका रुझान सामाजिक और वैचारिक गतिविधियों की ओर बढ़ने लगा। इस दौरान उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय हो गये।
हिंसक नेटवर्क बनाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आदित्य आनंद ने कार्यकर्ताओं के बीच एक नेटवर्क बनाया, जो बाद में हिंसा में बदल गया. फिलहाल इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि साजिश के हर पहलू को समझा जा सके.
आगे की कार्रवाई जारी है
मामले में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सबूतों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े हुए हैं.
