प्रतापगढ़ में हत्या का खुलासा, महिला ने भाई के साथ मिलकर रची थी साजिश

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मांधाता थाना क्षेत्र में हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमन देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं. पुलिस जांच में पता चला है कि यह हत्या एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी. मृतक गुलशन उर्फ मुन्ना 18 मार्च 2026 को घर से प्रयागराज जाने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. इसके बाद परिजनों ने 20 मार्च को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
नहर में मिला शव, परिजनों ने की पहचान
पुलिस जांच के दौरान 22 मार्च को शारदा सहायक नहर से एक शव बरामद हुआ। शव की पहचान मृतक के परिजनों ने गुलशन उर्फ मुन्ना के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और कई अहम सुराग जुटाए.
अवैध संबंध और ब्लैकमेल बनी हत्या की वजह
जांच में पता चला कि सुमन देवी और मृतक के बीच अवैध संबंध था. बाद में, दोनों के बीच विवाद बढ़ गया क्योंकि मृतक कथित तौर पर सुमन को ब्लैकमेल कर रहा था और धमकी दे रहा था। इससे परेशान होकर सुमन देवी ने अपने भाई अतुल गौतम और उसके साथी अरुण गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
घर बुलाकर हत्या, शव नहर में फेंका
पुलिस की पूछताछ में सुमन देवी ने बताया कि 18 मार्च की रात उसने मृतक को अपने मायके बगियापुर लेहरा (जेठवारा थाना) बुलाया था. वहां खाना खाकर जब गुलशन सो गया तो सुमन और उसके भाई ने लोहे के पाइप से उस पर हमला कर उसे मार डाला. इसके बाद शव को रस्सी से बांधकर बोरे में भरकर बाइक पर ले गए और उमरिया बादल गेंदा के पास शारदा सहायक नहर में फेंक दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश, पुलिस ने सबूत बरामद किए
आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन और हेलमेट भी नहर में फेंक दिया था. सुमन देवी ने अपना मोबाइल और सिम भी नष्ट कर दिया था. हालांकि पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप, कपड़ा और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं. फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
