फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन पर बने मकानों पर संकट, निस्तारण टीम ने लिया कब्जा

अयोध्या के नाका इलाके में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। अब फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन पर बने 50 से ज्यादा मकान खतरे में पड़ गए हैं। जानकारी के मुताबिक डिस्टलरी संपत्ति से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिसमापन टीम ने खाली जमीन पर कब्जा कर लिया है. इस कार्रवाई के बाद यहां रहने वाले लोगों में भय और भ्रम का माहौल है. लोगों को अब अपने घरों के भविष्य की चिंता सताने लगी है.
कितने घर आये दायरे में?
तहसील सूत्रों के मुताबिक नाका क्षेत्र में कुल 50 से अधिक मकान इस विवाद के घेरे में हैं। इनमें से करीब 19 मकान फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन पर बने हैं, जबकि करीब 35 मकान 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की सीमा में आते हैं। इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं.
डिस्टलरी की जमीन पर क्या है विवाद?
बताया जा रहा है कि फैजाबाद डिस्टिलरी की जमीन ‘नॉन जेडए’ श्रेणी की है, यानी शहर की जमींदारी श्रेणी में आती है. इस डिस्टिलरी पर बकाया चुकाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में परिसमापन का मामला चल रहा है। कोर्ट ने डिस्टिलरी की संपत्ति बेचकर बकाया चुकाने का आदेश दिया है.
परिसमापन टीम की कार्रवाई
इसी आदेश के तहत संपत्तियों का आकलन करने के लिए निस्तारण टीम मौके पर पहुंची। 21 अप्रैल को कोर्ट में काउंटर दाखिल करने से पहले टीम ने जमीन का निरीक्षण किया। टीम के साथ सदर तहसील से एक राजस्व निरीक्षक और एक लेखपाल भी मौजूद थे। तहसील प्रशासन की मदद से टीम को खाली जमीन पर कब्जा भी दिला दिया गया।
प्रशासन की चुप्पी और लोगों की चिंता
इस पूरे मामले में एसडीएम रामप्रसाद तिवारी ने कोई भी स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया है. वहीं, स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है. उन्हें डर है कि आने वाले समय में उनके घरों पर भी कार्रवाई हो सकती है.
आगे क्या होगा
फिलहाल यह मामला कोर्ट में लंबित है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी. प्रभावित परिवार अब फैसले का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन और निस्तारण टीम की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है.
(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)
