मुजफ्फरनगर: ग्रेन चैंबर पब्लिक स्कूल में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती एवं बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया।
मुजफ्फरनगर ग्रेन चैंबर पब्लिक स्कूल में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती एवं बैसाखी पर्व के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
इस अवसर पर विद्यालय निदेशक एमके गुप्ता, प्रधानाचार्य आजाद वीर, समन्वयक आशीष त्यागी, प्रधानाध्यापिका श्रीमती ममता चौहान, काउंसलर कंचन सोनी एवं सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों पर अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन, विचारों एवं सामाजिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किये। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक समानता, शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया और भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी।
विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करने का भी संदेश दिया गया।
बैसाखी पर्व पर छोटे बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया
बैसाखी पर्व के अवसर पर विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने कविता पाठ किया तथा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। ‘ढोलिड़ा ढोल बाजे’, ‘पंजाबी मुटियारां’ और ‘बैसाखी भांगड़ा’ जैसे गानों पर प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को उत्सवी बना दिया।
छात्रों के प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा और कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। 🔥
जलियांवाला बाग पर लघु नाटक और पंजाबी संस्कृति की झलक
कार्यक्रम के दौरान बैसाखी पर्व के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को दर्शाने के लिए जलियांवाला बाग हत्याकांड पर आधारित एक लघु नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही छात्रों द्वारा पंजाबी ढाबा सिस्टम, विलेज कॉर्नर और पंजाब में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक बर्तनों की झलक भी पेश की गई।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत चित्रण किया।
बैसाखी का महत्व और खालसा पंथ की स्थापना के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि बैसाखी पर्व का सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. तब से यह त्यौहार उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर स्कूल में छात्रों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व से भी परिचित कराया गया।
डॉ. अंबेडकर के योगदान को आधुनिक भारत की आधारशिला बताया
कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रधानाध्यापिका श्रीमती. ममता चौहान ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि वे आधुनिक भारत के अग्रणी न्यायविद् एवं महान समाज सुधारक थे।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक भेदभाव और असमानता का सामना करने के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और शिक्षा के बल पर समाज के वंचित वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान को सदैव याद किया जायेगा।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना के साथ हुआ।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की तथा उन्हें भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही सभी को बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
ग्रेन चैंबर पब्लिक स्कूल में आयोजित अंबेडकर जयंती एवं बैसाखी उत्सव ने विद्यार्थियों को सामाजिक समानता, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रस्तुत किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रेरणादायक विचारों से विद्यालय परिसर में उत्साह एवं प्रेरणा का माहौल बन गया।
