लखनऊ में सियासी शक्ति का प्रदर्शन…सीएम योगी के साथ डिप्टी सीएम निकालेंगे पैदल मार्च, सड़कों पर दिखेगी ताकत.

नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल लोकसभा में फेल होने के बाद बीजेपी में नाराजगी बढ़ गई है. इसके चलते पार्टी देशभर में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा कदम उठाया है. पार्टी 21 अप्रैल को राज्य में पैदल मार्च निकालने जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर कई बड़े नेता शामिल होंगे. इस मार्च के जरिए बीजेपी महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की तैयारी में है और इसे बड़ा राजनीतिक अभियान बना रही है.
लखनऊ में सीएम योगी की अगुवाई में पदयात्रा
जानकारी के मुताबिक, यह पदयात्रा राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर विधानसभा तक जाएगी. इस मार्च में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रिजेश पाठक शामिल होंगे. इसके साथ ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महिला जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और महिला आयोग की अध्यक्ष भी इसमें शामिल होंगी.
महिला कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी
बीजेपी के मुताबिक इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल होंगी. आसपास के जिलों से महिलाएं राजधानी पहुंच रही हैं. कालिदास मार्ग से निकलने वाली यह पदयात्रा महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता के बीच संदेश देने का माध्यम बनेगी और विपक्ष के खिलाफ पार्टी का रुख स्पष्ट करेगी.
वाराणसी में महिलाओं का बड़ा कार्यक्रम होगा
पार्टी ने अपनी आगे की रणनीति भी तैयार कर ली है. 21 अप्रैल की पदयात्रा के बाद 28 अप्रैल को वाराणसी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 50 हजार महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. इसे बीजेपी के बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है.
बीजेपी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप
विपक्ष जहां इस बिल के फेल होने का ठीकरा बीजेपी पर फोड़ रहा है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की साजिश बता रही है. पार्टी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष सच्चाई छिपा रहा है. ऐसे में यह पदयात्रा और आगामी कार्यक्रम बीजेपी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन गए हैं.
