विकासनगर अग्निकांड: 500 झोपड़ियां जलकर राख, दो मासूमों की मौत से पसरा मातम

लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम भीषण आग ने सब कुछ तबाह कर दिया. सेक्टर-14 रिंग रोड के पास खाली मैदान में बनी करीब 500 झोपड़ियां आग की चपेट में आ गईं. देखते ही देखते लाखों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बाराबंकी निवासी सतीश के दो मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. आग इतनी भयानक थी कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. घटना के दूसरे दिन भी इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई दे रही है.
झोपड़ियाँ जलकर राख हो गईं, लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया
बताया जा रहा है कि शाम करीब 5 बजे झुग्गियों में अचानक आग लग गई. कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी कॉलोनी को अपनी चपेट में ले लिया। यहां रहने वाले लोग अपना सामान तक नहीं बचा सके. कई परिवारों की सालों की मेहनत एक पल में खत्म हो गई. गुरुवार को भी लोग अपनी झोपड़ियों को राख में तब्दील देख रोते-बिलखते दिखे.
दो मासूमों की मौत, इलाके में मचा हड़कंप
इस हादसे में सतीश के दो छोटे बच्चों की जलकर मौत हो गई. जब उनके शव मलबे से बाहर निकाले गए तो वहां मौजूद लोगों का दिल दहल गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
घायलों की संख्या पर संशय, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, लेकिन प्रशासन सही संख्या बताने से बच रहा है. कुछ लोगों का आरोप है कि सिलेंडर फटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये, लेकिन इस बात को दबाया जा रहा है.
सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी दहशत
आग लगने के बाद झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। करीब एक घंटे तक लगातार धमाके होते रहे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई. फायर ब्रिगेड और पुलिस को भी बार-बार पीछे हटना पड़ा।
खुशियां मातम में बदल गईं
इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. गुरुवार को एक परिवार में शादी होनी थी, लेकिन आग ने सब कुछ नष्ट कर दिया। शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं।
प्रशासन का बयान और जांच जारी
डीसीपी ईस्ट डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि दो बच्चों की मौत की पुष्टि हो गई है और घायलों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है.
(रिपोर्ट: संदीप शुक्ला, लखनऊ)
