साहिया: 39 साल बाद कचाटा पहुंचे चालदा महासू देवता, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु – देहरादून 39 साल बाद कचाटा पहुंचे चालदा महासू देवता, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
चालदा महासू देवता खत कोरू के कचटा गांव में प्रवास के लिए खत शैली के दोहा गांव के मंदिर पहुंचे। 39 साल बाद देवता के आगमन के ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कचटा गांव पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। विशाल भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे भगवान की डोली और पद चिन्हों को दोहा गांव स्थित मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान को नम आंखों से विदाई दी। इसके बाद करीब छह घंटे की पैदल यात्रा के बाद शाम छह बजे देवता कचटा गांव पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान के साथ उन्हें नवनिर्मित मंदिर में विराजमान किया गया।
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मंदिर परिसर में सबसे पहले देवता की बकरियां प्रवेश करती थीं। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए उत्सुक दिखे। यह यात्रा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
खत कोरू के सदर स्याणा सुनील दत्त जोशी, मंदिर समिति के अध्यक्ष सीताराम चौहान, देवता के वजीर अमर सिंह, ब्लॉक प्रमुख सावित्री चौहान, ज्येष्ठ प्रमुख मीरा राठौड़, भरत चौहान, राजेंद्र शर्मा, खत शैली स्याणा के राजेंद्र सिंह तोमर, खत सिलगांव के स्याणा के तुलसीराम शर्मा, अमर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
