कौशांबी मेडिकल कॉलेज में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कौशांबी जिले के स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक चले इस कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया गया. कार्यक्रम में डॉक्टर, शिक्षक और विद्यार्थियों ने मिलकर समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया और महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने की. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक सामाजिक जरूरत नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है. उन्होंने सभी संकाय सदस्यों, चिकित्सा कर्मियों और छात्रों से अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के बारे में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
स्वास्थ्य एवं जागरूकता पर विशेष सत्र
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कई शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विशेष व्याख्यान दिए गए, जिनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, मानसिक स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विद्यार्थियों को इन विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी, ताकि वे समाज में जागरूकता फैला सकें.
सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से दिया संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेमिनार, नुक्कड़ नाटक एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय था “नारी सम्मान एवं सशक्तिकरण”। इसके अलावा कॉलेज परिसर में जागरूकता रैली भी निकाली गयी. इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और लैंगिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।
समापन एवं भविष्य की योजनाएँ
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी स्टाफ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज में जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे। इस अवसर पर संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं एमबीबीएस प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र उपस्थित थे।
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
