जय परशुराम के नारे से गूंजी अमेठी, भव्य शोभा यात्रा में उमड़ी भीड़.

भगवान परशुराम जयंती के मौके पर रविवार को अमेठी में भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। ब्राह्मण स्वाभिमान एकता मंच के तत्वावधान में निकाले गये भव्य जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. पूरे शहर में जय परशुराम के नारे गूंज उठे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया. कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा. इस दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था.
शुरुआत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई
कार्यक्रम की शुरूआत भगवान परशुराम एवं माता गायत्री की विधि विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस दौरान 111 वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार कर देश व धर्म की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह देखा गया।
जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा
इसके बाद शोभा यात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर अंबेडकर तिराहा, हनुमानगढ़ी मंदिर, गांधी चौक, सगरा तिराहा, राजर्षि तिराहा, रामलीला मैदान होते हुए शक्तिपीठ पहुंची। यात्रा के दौरान भक्त भक्ति गीतों पर नाचते नजर आए और पूरा शहर “जय श्री राम”, “जय भगवान परशुराम” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
वक्ताओं ने भगवान परशुराम के आदर्शों को बताया
मंच के जिलाध्यक्ष सुरेश ओझा ने कहा कि भगवान परशुराम ने राक्षसों का वध कर पृथ्वी को पाप से मुक्त कराया था। कवि एवं इतिहासकार अभिजीत त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम ने हैहय वंश के राक्षसों का वध किया था, किसी जाति विशेष का विनाश नहीं किया था. राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित दिनेश तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम संपूर्ण समाज के आराध्य हैं और उन्होंने पाप का नाश करने के लिए अवतार लिया था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए
कार्यक्रम का संचालन संस्था के प्रवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने किया। इस मौके पर मनोज तिवारी, हरिकेश मिश्र, भूपेन्द्र मिश्र, कैप्टन अरविन्द शुक्ल, अमित तिवारी, अंबरीश पांडेय, कन्हैयालाल मिश्र व डा. देवमणि तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया.
(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)
