मुजफ्फरनगर-जानसठ कुतुबपुर नहर झाल पर डकैती की साजिश नाकाम, मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, आठ गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ इलाके में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक संभावित बड़ी घटना टल गई. पुलिस ने कुतुबपुर नहर झाल के पास डकैती की योजना बना रहे बदमाशों को घेर लिया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो शातिर बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि छह अन्य आरोपियों को कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संगठित आपराधिक योजना को विफल कर दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई
देर रात पुलिस को सूचना मिली कि कुतुबपुर नहर झाल के पास कुछ संदिग्ध लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर राजीव शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी.
इस कार्रवाई में एसआई ओमेंद्र सिंह, एसआई मोहित परिहार, एसआई कामिल चौधरी, एसआई भूपेन्द्र सिंह कालरा, एसआई दीपक शर्मा, हेड कांस्टेबल जीतेन्द्र सिंह यादव और कांस्टेबल सचिन चौधरी शामिल रहे। पुलिस टीम ने रणनीतिक तौर पर इलाके को घेर लिया.
बदमाशों ने सरेंडर करने की बजाय फायरिंग कर दी
घेराबंदी के बाद पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोप है कि जवाब में बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की.
जवाबी फायरिंग के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए और मौके पर ही पकड़े गए. पुलिस ने तुरंत दोनों को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी.
घायल बदमाशों की पहचान मेरठ और हापुड निवासी के रूप में हुई।
गिरफ्तार घायल आरोपियों की पहचान आरिफ पुत्र मोहम्मद उमर निवासी आशियाना कॉलोनी, लिसाड़ी गेट, मेरठ और साजिद पुत्र अनीस निवासी कस्तला काशमाबाद, हापुड के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों पर पहले से ही लूट, डकैती और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं. इससे पता चलता है कि ये पेशेवर आपराधिक गिरोहों से जुड़े थे.
मौके से बंदूकें और कारतूस बरामद हुए हैं
पुलिस ने मौके से दो पिस्तौल, दो चले हुए कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किये हैं. बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने में किया गया होगा.
कॉम्बिंग ऑपरेशन में छह और अपराधी पकड़े गये
घटना के बाद चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान छह अन्य संदिग्ध आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. इनमें इकरामुद्दीन (मवाना, मेरठ), मुजाहिद (जंदरपुर, बिजनोर), शादाब (भोवनवाड़ा, बिजनोर), राशिद (बटला हाउस, दिल्ली), अकील अहमद (नहटौर, बिजनोर) और जीशान (मंडावली, बिजनोर) शामिल हैं।
इन आरोपियों के पास से छह चाकू भी बरामद हुए हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है.
घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया
मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी निगरानी की जा रही है. मेडिकल ट्रीटमेंट के बाद उनसे विस्तार से पूछताछ की जाएगी.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है.
सीओ ऋषिका सिंह ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी ऋषिका सिंह मौके पर पहुंचीं और पुलिस टीम से पूरी जानकारी ली. उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण कर आगे की जांच के निर्देश दिये.
मुठभेड़ की सूचना मिलने पर जानसठ थाना, रामराज थाना और ककरौली थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई.
समय पर कार्रवाई से बड़ी घटना टली
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो गिरोह बड़ी डकैती को अंजाम दे सकता था। त्वरित कार्रवाई के कारण न सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी हुई बल्कि संभावित अपराध को भी रोका जा सका.
इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
कुतुबपुर नहर झाल इलाके में देर रात हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर संकेत दिया है कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संगठित अपराध की बड़ी घटनाओं को समय रहते रोका जा सकता है। आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस कार्रवाई ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया है.
