84 कोसी परिक्रमा मार्ग में बड़ा घोटाला? कागजों में पेड़, जमीन से गायब, ठेकेदार ने उठाए सवाल

अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और संबंधित विभागों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट में पेड़ों की कटाई को लेकर गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं. बताया जा रहा है कि कागजों में दर्ज पेड़ जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं. इस मामले में वन निगम और कार्यदायी संस्था की मिलीभगत के भी आरोप लग रहे हैं। शिकायतों के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.
हजारों पेड़ों की कटाई में अनियमितता का आरोप
84 कोसी परिक्रमा मार्ग पांच जिलों के कई वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है. इस सड़क के निर्माण के लिए हजारों पेड़ों को काटना पड़ा। लेकिन अब आरोप है कि पेड़ों की कटाई में नियमों का पालन नहीं किया गया. खासकर अयोध्या के कुमारगंज वन रेंज में 1609 पेड़ों के कटान का टेंडर करीब 26 लाख रुपये में हुआ था. संबंधित संस्था ने यह रकम वन निगम को अदा कर दी, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
बिना वर्क ऑर्डर के गायब हो रहे पेड़
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि अभी तक ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया है. ठेकेदार का कहना है कि बिना वर्क ऑर्डर के वह कानूनी तौर पर पेड़ नहीं काट सकता। इसके बावजूद आरोप है कि आधे से ज्यादा पेड़ रातों-रात गायब हो गए हैं. इससे सवाल उठता है कि इन पेड़ों को किसने और कैसे हटाया। इस स्थिति ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है.
ठेकेदार की शिकायत, कार्रवाई का इंतजार
पीड़ित ठेकेदार लगातार अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया का भुगतान कर दिया है, लेकिन उन्हें काम शुरू करने का मौका नहीं दिया गया. वहीं दूसरी ओर पेड़ों के गायब होने से भी इसे नुकसान हो रहा है. फिलहाल इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. अगर जल्द ही इसकी निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो आने वाले समय में यह मामला बड़ा रूप ले सकता है।
(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)
