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मुजफ्फरनगर: श्री वैश्य कुटुंब सेवा समिति ने तीन जरूरतमंद बच्चों को लिया गोद, पूरे साल की फीस, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी की ली जिम्मेदारी

श्री वैश्य कुटुम्ब सेवा समिति द्वारा मुजफ्फरनगर शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक कदम उठाते हुए तीन जरूरतमंद बच्चों को गोद लिया गया है और उनकी पूरी शैक्षणिक जिम्मेदारी ली गई है। इस पहल के तहत बच्चों की पूरे साल की फीस स्कूल प्रबंधन को सौंपी गई, जबकि उनकी माताओं को स्कूल परिसर में ही यूनिफॉर्म और स्टेशनरी की व्यवस्था की गई. यह सहयोग न सिर्फ आर्थिक मदद है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना की मिसाल भी बनकर उभरा है। 🌹


सत्र 2026-27 के लिए पूरे वर्ष की फीस स्कूल को सौंप दी गई

समिति द्वारा प्रदेश संयोजक पवन सिंघल के मार्गदर्शन में अंतिम दिन हुआ कुँवर जगदीश प्रसाद सनातन धर्म जूनियर हाई स्कूल में अध्ययनरत तीन बच्चों को शिक्षा सहयोग योजना के तहत गोद लिया गया। इससे पहले भी पिछले सत्र की छह माह की फीस समिति द्वारा वहन की जा चुकी है.

वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बच्चों की पूरे वर्ष की फीस, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य साधुराम गर्ग विद्यालय परिसर में ही औपचारिक रूप से सौंपा गया। इस मौके पर मौजूद लोगों ने इसे समाज के लिए अनुकरणीय पहल बताया.


स्टेशनरी और वर्दी का खर्च भी परिवार को सौंप दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों की आवश्यक स्टेशनरी एवं यूनिफार्म के लिए निर्धारित राशि सीधे उनकी माताओं को प्रदान की गई। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि किसी भी वित्तीय बाधा के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।

समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल फीस भरने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे संबंधित सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।


पिता की मृत्यु के बाद परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

समिति द्वारा गोद लिए गए तीन बच्चे कक्षा 4, 6 और 8 में पढ़ते हैं और मित्तल परिवार से हैं। पिछले साल पिता की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का डर बढ़ गया था.

ऐसे समय में समिति का सहयोग परिवार के लिए बड़ी राहत बनकर आया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे सामाजिक संवेदनशीलता का उदाहरण बताया.


समिति पदाधिकारियों ने स्वयं आर्थिक सहयोग कर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

कार्यक्रम में मौजूद संस्था के पदाधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहयोग किया और रसीदें बच्चों की माताओं को सौंपी गईं। यह सहयोग न केवल औपचारिक था बल्कि व्यक्तिगत भागीदारी का भी प्रतीक था।

यह पहल मुख्य रूप से प्रवीण गुप्ता, रोहिताश कर्णवाल, विनीत गर्ग, पवन सिंघल, शैलेन्द्र कर्णवाल, पीयूष गोयल, इंदु अग्रवाल, निधि अग्रवाल, -विपिन गुप्ता और श्रेय मित्तल सहित अन्य साथियों ने योगदान दिया।

इस अवसर पर सभी सहयोगी उपस्थित रहे और इस सामाजिक पहल के प्रत्यक्ष साक्षी बने।


कार्यक्रम जिले के पदाधिकारियों के नेतृत्व में संपन्न हुआ

कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कार्यकारी अध्यक्ष ने किया अजय गर्ग वहीं कार्यक्रम के समापन समारोह में जिला महासचिव मो शैलेन्द्र कर्णवाल उपस्थित सभी सहयोगियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रभारी सहित वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया। संजय अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति भी रही, जिससे आयोजन को विशेष महत्व मिला।


शिक्षा सहयोग की यह पहल समाज के लिए प्रेरणा बनी।

समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। सामाजिक संगठनों की ऐसी सक्रिय भागीदारी शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्थानीय नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने इस कदम की सराहना की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी तरह के सहयोगात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे।


जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की श्री वैश्य कुटुंब सेवा समिति की यह पहल सामाजिक एकता, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है। ऐसे प्रयास न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित करते हैं, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को एक नई दिशा भी प्रदान करते हैं। 🌹

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