मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन निरीक्षण: सहारनपुर रेंज के DIG अभिषेक सिंह का वार्षिक निरीक्षण, परेड से लेकर शस्त्रागार तक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा.
मुजफ्फरनगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक एम अभिषेक सिंह द्वारा वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं, व्यवस्थाओं एवं संसाधनों का गहन अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये।
निरीक्षण की शुरुआत परेड ग्राउंड से हुई, जहां पुलिस बल ने औपचारिक सलामी देकर वरिष्ठ अधिकारी का स्वागत किया. इसके बाद ग्रुपवार परेड का निरीक्षण किया गया और अनुशासन, टर्नआउट और प्रस्तुति की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया।
परेड निरीक्षण के साथ-साथ अनुशासन एवं तत्परता पर विशेष बल दिया गया
परेड समाप्ति के बाद पुलिस बल ने मार्च पास्ट के माध्यम से सलामी मंच के सामने से गुजरकर औपचारिक सम्मान प्रस्तुत किया। परेड का संचालन करते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा कृत।
इस दौरान पुलिस बल की अनुशासनात्मक स्थिति, समन्वय और प्रशिक्षण स्तर का भी परीक्षण किया गया, जो पुलिस प्रशासन के नियमित कामकाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
रेस्टोरेंट एवं गोदाम की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के अगले चरण में पुलिस कर्मियों के भोजन की व्यवस्था हेतु संचालित कैंटीन का निरीक्षण किया गया। साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक पायी गयी, वहीं नियमित रूप से निर्धारित मेनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया.
भंडार गृह में रखे खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्रियों की भी जांच की गयी तथा व्यवस्था बनाये रखने पर बल दिया गया.
बैरक में रहने वाले पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनीं
पुलिस लाइन स्थित बैरक का निरीक्षण करते हुए वहां रहने वाले पुलिसकर्मियों से संवाद स्थापित किया गया। उनकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
बैरक एवं आसपास के परिसर में साफ-सफाई बनाये रखने हेतु भी आवश्यक निर्देश दिये गये।
मोटर परिवहन शाखा और वाहनों के रखरखाव की जाँच
निरीक्षण के दौरान मोटर परिवहन शाखा का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया. सरकारी वाहनों की स्थिति, रख-रखाव एवं रजिस्टरों में प्रविष्टियों की समीक्षा कर संबंधित कर्मियों को नियमित निरीक्षण एवं रख-रखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि आपातकालीन स्थितियों के लिए वाहन हमेशा तैयार रहें।
शौचालय, नाई की दुकान एवं पुलिस कैफे व्यवस्था का परीक्षण
पुलिस लाइन परिसर में स्थित शौचालय एवं नाई की दुकान का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई की स्थिति को परखा गया। इसके बाद पुलिस कैफे का निरीक्षण किया गया, जहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता उच्च स्तर पर बनाये रखने के निर्देश दिये गये.
इस प्रकार की सुविधाओं का सीधा संबंध पुलिस कर्मियों के कल्याण से माना जाता है।
लाइब्रेरी और इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी समीक्षा की गई
पुलिस लाइन स्थित लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए पुस्तकों के रख-रखाव एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति जांची। प्रशिक्षण एवं अध्ययन की दृष्टि से पुस्तकालय की उपयोगिता को महत्वपूर्ण बताते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
क्वार्टर गार्ड एवं शस्त्रागार की सुरक्षा व्यवस्था की जांच।
निरीक्षण के दौरान क्वार्टर गार्ड में तैनात पुलिस बल द्वारा औपचारिक सलामी दी गई। इसके बाद गार्ड ड्यूटी पर तैनात जवानों की टर्नआउट और सतर्कता को परखा गया.
शस्त्रागार का निरीक्षण करते हुए राजकीय हथियारों के रख-रखाव, रजिस्टर व अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की भी जांच की गयी.
कैश कार्यालय एवं सहायक कैंटीन का भी निरीक्षण किया
निरीक्षण के दौरान कैश ऑफिस के अभिलेखों व रजिस्टरों की जांच की गयी. इसके बाद सहायक कैंटीन का निरीक्षण किया गया तथा वहां उपलब्ध दैनिक उपयोग की वस्तुओं एवं स्टॉक रजिस्टर की स्थिति का अवलोकन किया गया।
संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिये गये।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में निरीक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो संजय कुमार वर्मापुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैनपुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडिकपुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्र समेत सभी क्षेत्राधिकारी व अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देश पुलिस लाइन की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
रिजर्व पुलिस लाइन्स मुजफ्फरनगर में आयोजित इस वार्षिक निरीक्षण में पुलिस प्रशासन की तैयारियों, संसाधनों और व्यवस्थाओं की स्थिति का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को पुलिस कर्मियों की दक्षता और सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
