दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, एक ही परिवार के 6 लोगों की जलकर मौत

राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. इस हादसे में मध्य प्रदेश के श्योपुर के रहने वाले एक ही परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. बताया जा रहा है कि यह परिवार माता वैष्णो देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहा था. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आपातकालीन सुविधाओं की कमी पर उठाए सवाल
जानकारी के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे महंगे टोल मार्गों में से एक है, लेकिन यहां आपातकालीन सेवाओं का अभाव है। अगर कोई हादसा हो जाए तो मदद के लिए करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. इससे पहले भी नवंबर 2025 में राहुवास के पास एक कंटेनर में आग लगने से ड्राइवर की मौत हो गई थी. 17 दिसंबर 2025 को पिनान इलाके में एक पिकअप में आग लगने से तीन लोगों की जान चली गई थी.
मदद देर से पहुंची, नुकसान बढ़ गया
बताया गया कि हादसे की जानकारी रात करीब 11:15 बजे मिली, लेकिन फायर ब्रिगेड करीब 30 मिनट बाद मौके पर पहुंची. तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। हादसा सशस्त्र सीमा बल के मौजपुर ट्रेनिंग सेंटर के पास हुआ, जहां चलती कार में अचानक आग लग गई और कुछ ही सेकेंड में वह आग के गोले में तब्दील हो गई.
सीएनजी किट बनी आग का कारण
कार में सीएनजी किट लगी होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कार चालक तो किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहा, लेकिन परिवार के बाकी सदस्य अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने के बाद कार का लॉकिंग सिस्टम फेल हो गया, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके. एसएसबी जवानों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है. साथ ही लंबी दूरी तक कार चलाने से भी तकनीकी खराबी आ सकती है। इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत कुल 6 लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है.
