लखनऊ में आतंकी मॉड्यूल का बड़ा खुलासा, पांचवें संदिग्ध की तलाश तेज

राजधानी लखनऊ में आतंकी साजिश से जुड़े एक बड़े मामले में जांच एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं. एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) अब उस संदिग्ध की तलाश कर रही है जिसने गिरफ्तार आरोपियों को ज्वलनशील पदार्थ मुहैया कराया था. इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह पूरा नेटवर्क देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहा था. अब पुलिस और एटीएस की टीमें मिलकर पूरे मॉड्यूल की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं.
आलमनगर स्टेशन पर हुआ संदिग्ध लेनदेन
जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी साकिब, अरबाब, लोकेश और विकास दो अप्रैल की शाम आलमनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. कुछ देर बाद एक अज्ञात व्यक्ति वहां आया और इन लोगों को करीब दो लीटर ज्वलनशील पदार्थ दे दिया. हैरानी की बात तो ये है कि आरोपियों को उस शख्स का नाम या पहचान तक नहीं पता. एटीएस ने इस शख्स को मामले का पांचवां आरोपी मानकर उसकी तलाश शुरू कर दी है.
सीसीटीवी और तकनीकी जांच के जरिए तलाश जारी है
जांच एजेंसियां अब स्टेशन और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही हैं। साथ ही तकनीकी निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि संदिग्ध की पहचान और स्थान का पता लगाया जा सके. अधिकारियों का मानना है कि यह शख्स पूरे मॉड्यूल का अहम हिस्सा है और इसकी गिरफ्तारी से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.
चैट डिलीट करने से खुल सकते हैं बड़े राज
गिरफ्तार आरोपियों ने अपने मोबाइल से सारी चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन एटीएस की फॉरेंसिक टीम उन्हें रिकवर करने में जुटी है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे कि काम पूरा होते ही चैट डिलीट कर दें. अब इन चैट्स से देशभर में फैली साजिश का पर्दाफाश होने की संभावना है.
लखनऊ के युवक का नाम भी आया सामने
जांच के दौरान लखनऊ के लालकुआं इलाके के एक युवक का नाम भी सामने आया है, जो मुख्य आरोपी साकिब के संपर्क में था. बताया जा रहा है कि उसने गाड़ियों में आग लगाने की तैयारी भी दिखाई थी. एटीएस अब उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है.
बड़ी साजिश के संकेत, एजेंसियां अलर्ट!
एटीएस के मुताबिक यह मॉड्यूल देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहा था. चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है. फरार संदिग्ध तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आलमनगर रेलवे स्टेशन पर हुए इस लेनदेन को पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है.
