मुजफ्फरनगर-तितावी नसीरपुर शोकसभा में उमड़ा जनसैलाब: श्रद्धांजलि देने पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, सपा में शामिल होने की अटकलों पर दिया काव्यात्मक जवाब
मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के नसीरपुर गांव में आयोजित किया गयाशोक सभा सोमवार को यह भावनाओं और सामाजिक सहभागिता का बड़ा केंद्र बन गया। भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के पिता स्वर्गीय ठाकुर सतपाल सिंह की तेरहवीं एवं शोक सभा में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों सहित हजारों ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतारें देखी गईं. गांव का माहौल जरूर गमगीन था, लेकिन लोगों की भारी मौजूदगी ने मृतक के प्रति सम्मान और सामाजिक जुड़ाव की मजबूत तस्वीर भी पेश की.
बृजभूषण शरण सिंह ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों को सांत्वना दी
इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष मो बृजभूषण शरण सिंह नसीरपुर भी पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय ठाकुर सतपाल सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से सांत्वना देते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। उनके आगमन से कार्यक्रम का राजनीतिक एवं सामाजिक दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व हो गया।
शोकसभा के बीच उठे सियासी सवाल, मिला शायराना जवाब
शोक सभा के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बेहद संयमित और शायराना अंदाज में जवाब दिया-
“लोग कुछ तो कहेंगे, लोगों का काम है कहना…”
उनके जवाब से एक पल के लिए माहौल हल्का हो गया, लेकिन संदेश साफ था कि वह इन अटकलों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते.
सपा में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज
मामले को आगे बढ़ाते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने साफ किया कि उन्होंने समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर कभी कोई बयान नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि वह फिलहाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और उसी के साथ अपना राजनीतिक सफर जारी रखे हुए हैं.
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनका परिवार लंबे समय से बीजेपी से जुड़ा है और यह रिश्ता दशकों पुराना है.
परिवार की राजनीतिक विरासत का जिक्र किया
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके परिवार के सदस्य सक्रिय राजनीति में हैं- एक बेटा सांसद है और दूसरा विधायक के रूप में कार्यरत है। वे स्वयं और उनकी पत्नी भी सांसद रह चुके हैं।
इस संदर्भ में उन्होंने संकेत दिया कि उनका राजनीतिक आधार और संबद्धता स्थिर है और फिलहाल इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.
2027 के विधानसभा चुनाव पर पूरी तरह चुप्पी
जब उनसे आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाओं के बारे में अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा.
उनकी चुप्पी को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह से देखा जा रहा है, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर कोई संकेत देने से परहेज किया.
गांव में दिखी सामाजिक एकजुटता की झलक, बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
नसीरपुर गांव में आयोजित इस शोक सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने सामाजिक एकता की मजबूत तस्वीर पेश की. ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की भागीदारी से पता चला कि ऐसे अवसरों का न केवल पारिवारिक, बल्कि सामुदायिक महत्व भी होता है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी संवाद और संवेदनाएं बांटने का माहौल भी बना रहा.
नसीरपुर में आयोजित यह शोक सभा महज एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपनी सामाजिक और राजनीतिक उपस्थिति के कारण व्यापक चर्चा का विषय बन गया. बृजभूषण शरण सिंह के बयान और उनके संयमित रुख ने जहां अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से मृतकों के प्रति सम्मान और समाज की एकजुटता साफ दिखी.
