मुजफ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार की परेड की सलामी ली और अनुशासन व तैयारियों की व्यवस्था परखी।

मुजफ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने परेड की सलामी लेते हुए पुलिस बल की अनुशासनात्मक स्थिति, प्रशिक्षण व्यवस्था एवं दक्षता का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस कर्मियों की एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से टीमवार ड्रिल कराई गई तथा शारीरिक दक्षता पर विशेष जोर दिया गया।

परेड का संचालन सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के.मिश्रा ने किया, जबकि निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही.


पुलिसकर्मियों की फिटनेस और टर्न आउट का परीक्षण किया गया

परेड के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रखने के उद्देश्य से मैदान में दौड़ का आयोजन किया गया. इसके साथ ही ग्रुप वाइज निरीक्षण करते हुए पुलिसकर्मियों के टर्न आउट, हथियारों के संचालन और उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति की जांच की गई.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण के दौरान हथियारों के सुरक्षित उपयोग एवं उनके नियमित रख-रखाव के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।


प्रशिक्षु सिपाहियों की पासिंग आउट परेड की तैयारियों की समीक्षा की गयी.

निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों की पासिंग आउट परेड की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी. प्रशिक्षु आरक्षियों की परेड का अवलोकन करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता में और सुधार लाने के निर्देश दिये।

उन्होंने प्रशिक्षु आरक्षियों को अनुशासन, समय की पाबंदी एवं कर्तव्य परायणता को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।


पुलिस वाहनों के हूटर, लाइट और प्राथमिक चिकित्सा किट की जांच की गई।

परेड के दौरान रिजर्व पुलिस लाइन में मौजूद सभी वाहनों का संचालन किया गया और उनके हूटर, चेतावनी लाइट, संचार उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा किट की स्थिति का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जहां आवश्यक सुधार महसूस हुआ, वहां संबंधित अधिकारियों व चालकों को तत्काल निर्देश दिये गये.

वाहनों की तकनीकी स्थिति अच्छी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।


डायल-112 पुलिसकर्मियों को रिस्पांस टाइम बेहतर बनाए रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डायल-112 सेवा में तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये. उन्हें निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर समय पर उपस्थित होने और घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही क्षेत्र में सतर्क निगरानी रखने और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया.


मेस, बैरक और मोटर ट्रांसपोर्ट शाखा का भी निरीक्षण किया।

परेड के बाद पुलिस कर्मियों के लिए संचालित कैंटीन और बैरक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था व आवासीय सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गयी.

इसके बाद मोटर परिवहन शाखा का निरीक्षण करते हुए वाहनों के रख-रखाव, साफ-सफाई एवं अभिलेखों की जांच की गयी तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.


अर्दली रूम में अभिलेखों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए

निरीक्षण के अंतिम चरण में कमांड रूम में अर्दली रूम का आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संबंधित रजिस्टर एवं अभिलेखों की जांच की गयी. प्रशासनिक कामकाज को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये.

इस दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इंदु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के.मिश्रा, प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


रिजर्व पुलिस लाइन में शुक्रवार को आयोजित परेड एवं निरीक्षण कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने अनुशासन, प्रशिक्षण गुणवत्ता एवं संसाधनों की तैयारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इस निरीक्षण से पुलिस बल और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की दक्षता को और मजबूत करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

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संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: देहरादून ने पूछा, कहां गिराएं आलू? पाकिस्तान से आया जवाब, कोड में करते थे बात – देहरादून में संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, हमले की प्लानिंग के लिए लेटर कोड का इस्तेमाल कर करते थे बातचीत

झाझरा से गिरफ्तार आतंकी विक्रांत कश्यप पाकिस्तान में अपने आकाओं से कोड वर्ड में बात करता था. जांच में पता चला कि वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बार-बार पूछ रहा था कि आलू कहां गिराएं…वहां से जवाब मिला कि इंतजार करो। जांच एजेंसियों के मुताबिक, हैंड ग्रेनेड हमलों का वर्णन करने के लिए आलू गिराने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।


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एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इसी आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पंजाब में हैंड ग्रेनेड से हमले किए थे. इसके अलावा एक पुलिसकर्मी और एक होम गार्ड की हत्या को भी इसी गिरोह के लोगों से जोड़कर देखा जा रहा है. जांच एजेंसियां ​​अब इस बात की कड़ी जोड़ रही हैं कि कैसे विक्रांत कश्यप उस नेटवर्क का हिस्सा था जो देश के अलग-अलग राज्यों में हमले की साजिश रच रहा था.

पीएम के दौरे से पहले दून में संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: ISI एजेंट का हैंडलर था, मूसेवाला की हत्या से था आहत

अजय सिंह ने कहा कि समय पर गिरफ्तारी से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. विक्रांत के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और चैट की गहन जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। फिलहाल एजेंसी विक्रांत कश्यप के अन्य साथियों और उनके संपर्क में रहे लोगों की तलाश में जुटी हुई है. जांच का दायरा उत्तराखंड के बाहर अन्य राज्यों तक भी बढ़ाया गया है। इस खुलासे के बाद दून में सुरक्षा एजेंसियां ​​अलर्ट पर हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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कौशांबी में हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला फूंकने पहुंचे कांग्रेसियों की पुलिस से हाथापाई।

कौशांबी जिले के नगर पंचायत चरवा में उस वक्त हंगामा मच गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला फूंका. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और छीना-झपटी की स्थिति बन गई. पुलिस ने पुतला छीनकर मौके से हटाने की कोशिश की, जिससे माहौल और गरमा गया. यह प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानों के विरोध में किया गया. घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है.

पुतला दहन के दौरान पुलिस से झड़प
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता चरवा इलाके में इकट्ठा हुए और हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला जलाने लगे. इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और पुतला छीनने की कोशिश की. इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया.

जिला प्रमुख और पुलिस के बीच तीखी बहस
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया और कोई बड़ी घटना होने से रोक ली.

नेताओं के बयानों के खिलाफ प्रदर्शन
जिला अध्यक्ष गौरव ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा के खिलाफ हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था. इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका. उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है.

कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर बोला हमला
गौरव ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं के सम्मान के लिए लड़ेगी और वह बीजेपी या उसके नेताओं से नहीं डरती. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार और उसके नेताओं में अहंकार बढ़ गया है, जिसे जनता समझ चुकी है और समय आने पर वोट के माध्यम से जवाब देगी.

कार्यक्रम में कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. इनमें पूर्व प्रदेश सचिव राम बहादुर त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष दीपक पांडे बाबू जी, उदय यादव, जिला महासचिव सुरेंद्र शुक्ला, जिला सचिव जय प्रकाश जयसवाल, ब्लॉक अध्यक्ष सिराथू रामप्रकाश पंडा, ब्लॉक अध्यक्ष नेवादा रावेंद्र यादव, सोशल मीडिया जिला अध्यक्ष सचिन पांडे, शुभेंद्र यादव छोटू, आशू पांडे, रमेश यादव, राकेश पाल, मनोज प्रजापति, बाबू लाल सिंह, रामकरन रविदास, प्रदीप गौतम, छोटू शामिल हैं। केशरवानी, समर सरोज, दीपक कुशवाहा, ज्ञान देव पांडे, सुरेंद्र पासी, बड़का रैदास व राकेश रैदास समेत कई लोग शामिल रहे।

(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)

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पुरकाज़ी में बच्चों को ले जा रही स्कूल वैन में अचानक लगी आग, 5 बच्चे घायल-ग्रामीणों और पुलिस ने बचाई जान।

मुज़फ्फरनगर जिले के पुरकाजी इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सुबह स्कूल जा रहे बच्चों से भरी वैन में अचानक आग लग गई. यह घटना समसो गांव स्थित आशीष इंग्लिश एकेडमी स्कूल के छात्रों को ले जा रही गाड़ी में घटी, जिससे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल पैदा हो गया.

सुबह हुई इस घटना से माता-पिता व ग्रामीण सदमे में आ गये. आग लगते ही गाड़ी के आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करने लगे.


घटना के समय खेतों में काम कर रहे ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही वैन से धुआं उठता देखा तो आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण बिना देर किए गाड़ी के पास पहुंचे और बच्चों को बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

ग्रामीणों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली और समय रहते कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.


पांच बच्चे और ड्राइवर घायल, अस्पताल में भर्ती

इस घटना में पांच बच्चों और ड्राइवर के घायल होने की जानकारी सामने आई है. ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया.

डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है. समय पर सहायता मिलने से गंभीर क्षति से बचा जा सका।


सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य में मदद की. पुलिस ने गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है, हालांकि परिवहन विभाग और अग्निशमन विभाग के समन्वय से विस्तृत जांच की जा रही है।


स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि स्कूल वैन में नियमित तकनीकी जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल वाहनों की नियमित जांच अभियान चलाने की भी मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.


प्रशासन ने परिवहन और अग्निशमन विभाग के साथ संयुक्त जांच शुरू की

पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और परिवहन विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

जांच पूरी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


पुरकाजी क्षेत्र के सैमसो गांव में बच्चों से भरी स्कूल वैन में आग लगने की यह घटना स्कूल परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है. ग्रामीणों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा तो टल गया, लेकिन इस घटना से यह साफ हो गया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमित निरीक्षण और सतर्कता बेहद जरूरी है.



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देहरादून: केसीसी घोटाले में दो को सजा, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व मैनेजर समेत दो को सजा

विशेष न्यायाधीश सीबीआई मदन राम की अदालत ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक और एक किसान को सजा सुनाई है। पूर्व मैनेजर को चार साल की कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं, किसान को एक साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.


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बैंक मैनेजर ने ट्रैक्टर डीलरों और किसानों से मिलीभगत कर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन बांटा था. खेती की जरूरतों के लिए मिले इस लोन का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया जाता था जिसमें ट्रैक्टर डीलर के खाते का इस्तेमाल किया जाता था. सीबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक मार्च 2017 में महाप्रबंधक पूरन चंद ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर में हुए इस घोटाले की शिकायत सीबीआई से की थी.

देहरादून: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी ISI एजेंट का हैंडलर दून से गिरफ्तार, मूसेवाला की हत्या से था आहत

इस पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर, मेसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी थी. जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2014-15 के दौरान दिनकर ने अयोग्य लाभुकों को 2.85 करोड़ रुपये का केसीसी ऋण दिया था. ट्रैक्टर डीलर की मिलीभगत से यह रकम गैर-कृषि कार्यों के लिए ट्रांसफर कर दी गई, जिससे बैंक को 3.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

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लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में इनामी अपराधी घायल, साथी फरार, हथियार और चोरी का सामान बरामद

लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में शुक्रवार सुबह पुलिस और इनामी बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया. घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मौके से हथियार, कारतूस, सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है. यह अपराधी फरवरी 2026 में हुई चोरी की तीन घटनाओं में शामिल था और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया था.

चोरी की तीन घटनाओं में शामिल था
पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 में कृष्णानगर इलाके में तीन घरों में चोरी की घटनाएं हुई थीं. इन घटनाओं के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी. इस मामले में शिवम नाम के एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि विपिन और कुलदीप यादव फरार थे.

विपिन 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी निकला.
मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र निवासी विपिन के रूप में हुई है. अमित कुमार आनंद (पुलिस उपायुक्त दक्षिणी) के मुताबिक, विपिन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ चोरी, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 20 मुकदमे दर्ज हैं.

चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
शुक्रवार तड़के कृष्णानगर पुलिस डूडा कॉलोनी, मानस नगर रोड स्थित आशाराम बापू आश्रम के पास चेकिंग कर रही थी। तभी मोटरसाइकिल सवार दो युवक संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। पुलिस को देख दोनों भागने लगे. पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल हो गया
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह गिर गया और पकड़ा गया. जबकि उसका साथी कुलदीप यादव मौके का फायदा उठाकर भाग निकला. बताया जा रहा है कि कुलदीप लखनऊ के चिनहट इलाके का रहने वाला है।

हथियार और चोरी का सामान बरामद
पुलिस ने मौके से 315 बोर का पिस्तौल, कारतूस, खोखा, सोने की चेन और चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए.

फरार आरोपियों की तलाश जारी है
पुलिस अब फरार आरोपी कुलदीप यादव की तलाश में जुटी है. उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

(रिपोर्ट: संदीप शुक्ला, लखनऊ)

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चरथावल नहर टूटने से घीसूखेड़ा में नहर टूटने से सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न, किसानों को भारी नुकसान- मौके पर पहुंचे विधायक पंकज मलिक

चरथावल क्षेत्र के गांव घीसुखेड़ा में नहर का बांध टूटने से अचानक खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों की कई बीघे फसल जलमग्न हो गई। इस घटना ने क्षेत्र के किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है, क्योंकि गेहूं और गन्ने जैसी तैयार फसलें पानी में डूबकर खराब हो गईं। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मदद और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है.

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया और बड़ी संख्या में किसान अपने खेतों की हालत देखने के लिए मौके पर पहुंच गये. कई खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका है.


कई बीघे खेतों में भरा पानी, मेहनत पर पानी फिर गया

स्थानीय किसानों के मुताबिक, नहर का बांध अचानक टूटने से पानी तेजी से खेतों की ओर फैल गया. देखते ही देखते गेहूं और गन्ने की खड़ी फसलें पानी में डूब गईं। कई किसानों ने बताया कि कटाई के लिए तैयार फसलें अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की मरम्मत और निगरानी की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।


किसानों ने सिंचाई विभाग पर नाराजगी जताई

घटना के बाद किसानों ने सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि नहर की हालत पहले से ही कमजोर थी, लेकिन विभाग की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें.


सूचना मिलते ही विधायक पंकज मलिक मौके पर पहुंचे।

घटना की जानकारी मिलते ही चरथावल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मो पंकज मलिक तत्काल ग्राम घीसूखेड़ा पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात की। उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया और किसानों की समस्याएं सुनीं.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गेहूं, गन्ना समेत कई फसलें पानी में डूबने से खराब हो गयी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हो रही है.


अधिकारियों को तत्काल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिये गये

विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने का निर्देश दिया. उन्होंने साफ कहा कि किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक प्रभावित किसान को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा।


किसानों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया

विधायक पंकज मलिक ने किसानों को आश्वासन दिया कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत को नुकसान पहुंचाने वाली लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए नहरों की नियमित निगरानी और मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी।


इलाके में बढ़ी चिंता, राहत कार्य की उम्मीद

घटना के बाद पूरे इलाके के किसानों में चिंता का माहौल है. कई परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है. किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही सर्वे और राहत पैकेज की घोषणा करेगा.

ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सहायता मिलने से ही वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे।


घिस्सुखेड़ा गांव में नहर टूटने से हुई फसल क्षति ने किसानों की मेहनत पर गहरा असर डाला है और इस घटना ने सिंचाई व्यवस्था की निगरानी को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. अब प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा और स्थायी समाधान प्रदान करेगा।

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चार धाम यात्रा: सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम, धर्मस्थलों पर एटीएस तैनात, यूट्यूबर्स रहेंगे निगरानी में

चारधाम यात्रा मार्ग और धाम परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) भी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा धाम परिसर में आने वाले यूट्यूबर्स और ब्लॉगर्स भी पुलिस की निगरानी में रहेंगे. इस संबंध में डीजीपी दीपम सेठ ने पुलिस अधिकारियों को एसओपी का पालन करने का निर्देश दिया है.

यात्रा से पहले धाम और रूट का निरीक्षण करने के लिए दो एडीजी और चार आईजी की ड्यूटी लगाई गई है. आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस चारधाम यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस की ओर से सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस संबंध में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में सभी पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें सभी तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए.

देहरादून: मुख्यमंत्री ने ‘श्रमिक सेवा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया; कौशल प्रशिक्षण स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होगा

यात्रा से पहले एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी मुरुगेशन गंगोत्री धाम, एडीजी एपी अंशुमन बद्रीनाथ धाम, आईजी विम्मी सचदेवा हरिद्वार, आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे केदारनाथ धाम, आईजी अनंत शंकर ताकवाले यमुनोत्री धाम और आईजी सुनील कुमार मीना ऋषिकेश, लक्ष्मण झूला और मुनि की रेती का निरीक्षण करेंगे. ये सभी अधिकारी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थल, भीड़ प्रबंधन, पड़ाव स्थल, टोकन प्रणाली, पंजीकरण केंद्र और पुलिस बल के ठहरने के स्थान आदि की तैयारियों का जायजा लेंगे।

यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने और व्यवस्थाओं को परखने के लिए एटीएस टीमों के साथ मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी. डीजीपी ने कहा कि संभावित खतरों को कम करने के लिए बॉटल नेक, लैंड स्लाइड जोन आदि की पहचान की गयी है. यातायात नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

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प्रतापगढ़ के एनके यादव पब्लिक स्कूल में मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान, अभिभावक भी हुए सम्मानित

प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र स्थित एनके यादव पब्लिक स्कूल आंतरी गौरा में शुक्रवार 10 अप्रैल को मेधावी छात्रों के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परीक्षा सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कला व अन्य कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम में अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया, जिससे पूरे विद्यालय में खुशी और गौरव का माहौल देखा गया।

मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान.
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विद्यालय प्रबंधक नरेंद्र कुमार यादव द्वारा सम्मानित किया गया। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा सिद्धि तिवारी ने 1600 में से 1557 अंक प्राप्त कर 97.31 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीसस यादव 1542 अंक (96.37%) के साथ दूसरे और गौरव पटेल 1517 अंक (94.81%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

कला एवं अन्य गतिविधियों में भी सम्मान
न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि कला और अन्य कार्यक्रमों में भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिली।

प्रबंधक ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया
प्रबंधक नरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि यह दिन विद्यालय के लिए गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षकों का भी बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल की सबसे बड़ी संपत्ति हैं और उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण सराहनीय है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ा देता है और स्कूल उनके सपनों को पूरा करने में हमेशा उनका साथ देगा.

अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों के परिजन भी मौजूद थे. प्रबंधक द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन में अभिभावकों ने बच्चों की सफलता की सराहना की और स्कूल के प्रति आभार व्यक्त किया.

शिक्षकों ने अहम भूमिका निभाई
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र पुष्पाकर ने किया। इस मौके पर राजेश यादव, अनिल मिश्रा, नरेंद्र विश्वकर्मा, सौरभ सिंह, विष्णु, विक्रम, गीता पुष्पाकर, शिवानी तिवारी, काजल मिश्रा, काजल उमरवैश्य, विनीता, पुष्पा और शिवांगी पटेल समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।

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मुजफ्फरनगर पुलिस ने रतनपुरी में मुठभेड़ के बाद 2 को गिरफ्तार किया, गोली लगने से एक बदमाश घायल – गाय, पिस्तौल और बिना नंबर की कार बरामद

मुजफ्फरनगर रतनपुरी थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और गोकशी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. जवाबी कार्रवाई के दौरान एक आरोपी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मौके से एक जिंदा गाय का बछड़ा, अवैध पिस्तौल, कारतूस, गोकशी के उपकरण और एक बिना नंबर की होंडा सिटी कार बरामद की है।

यह कार्रवाई वरीय अधिकारियों के निर्देशन में चलाये जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गयी.


चेकिंग के दौरान संदिग्ध कार रोके जाने पर पीछा शुरू हुआ

थाना रतनपुरी पुलिस टीम नंगला पिठलोखर रोड पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पिठलोखर पुल की ओर से एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। पुलिस ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी रोकने की बजाय उसकी स्पीड बढ़ा दी.

शक होने पर पुलिस टीम ने कार का पीछा करना शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति अचानक गंभीर हो गई.


भागते समय पुलिस टीम पर फायरिंग की गयी

पीछा करने के दौरान कार में बैठे एक व्यक्ति ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी. हालांकि पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद बदमाश गाड़ी को तेज गति से भगाने का प्रयास करते रहे।

कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद घबराकर कार सड़क किनारे एक पेड़ से टकराकर रुक गई, जिसके बाद दोनों आरोपी गाड़ी से उतरकर खेतों की ओर भागने लगे।


खेतों की ओर भागने के दौरान भी फायरिंग जारी रही

कार से उतरकर दोनों आरोपी पुलिस टीम पर फायरिंग करते रहे. पुलिस ने आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और भागने की कोशिश करते रहे.

स्थिति को देखकर पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी घायल हो गया.


एक आरोपी घायल, दूसरा मौके से पकड़ा गया

मुठभेड़ के दौरान घायल हुए आरोपी की पहचान मंसाद उर्फ ​​मंसाद उर्फ ​​सोना पुत्र साबिर के रूप में हुई, जबकि दूसरे आरोपी शाहनवाज उर्फ ​​बल्ला पुत्र इश्तियाक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.

घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.


मौके से जिंदा मवेशी, पिस्टल और कार बरामद हुई है

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक जीवित गाय का बछड़ा, गोकशी में प्रयुक्त उपकरण, एक अवैध 315 बोर पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक चला हुआ कारतूस बरामद किया। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की होंडा सिटी कार भी जब्त कर ली गई।

बरामदगी से संकेत मिला कि आरोपी गोकशी की घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे।


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह सम्पूर्ण कार्यवाही अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, मेरठ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर जोन के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की गयी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महादिक अक्षय संजय, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह व प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.


गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हुई

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. बरामद सामान को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा.


मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम को सराहना मिली

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चौधरी, मोहित कुमार, अजय सोलंकी, मुख्य आरक्षी नवीन कुमार व आरक्षी गजेन्द्र मावी, प्रशांत चौधरी, प्रमोद कुमार व ललित कुमार की सक्रिय भूमिका रही।

पुलिस टीम की सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही से एक संभावित गम्भीर घटना को समय रहते रोक लिया गया।


रतनपुरी इलाके में हुई इस मुठभेड़ से एक बार फिर साफ हो गया है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार सक्रिय है. समय पर की गई कार्रवाई से न केवल गायों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली।

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