आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी गठित 2026-27: सामाजिक जागृति एवं वैदिक मूल्यों को नई गति देने का संकल्प।

मुजफ्फरनगर वर्ष 2026-27 के लिए आर्य समाज नई मण्डी नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से सम्पन्न हुआ। यह चुनाव प्रक्रिया रविवार 29 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे दयानंद मार्ग स्थित आर्य समाज मंदिर परिसर में पारदर्शी एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न करायी गयी। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया ने न केवल संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक चेतना, वैदिक परंपरा और जनसेवा के एक नये अध्याय की शुरुआत का संकेत भी दिया। 📿

आर्य समाज नई मंडी मुजफ्फरनगर लंबे समय से क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा प्रसार, संस्कृति निर्माण और राष्ट्रीय हित से संबंधित कार्यक्रमों का केंद्र रहा है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही संगठन ने आगामी वर्ष के लिए अपने मिशन एवं गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का स्पष्ट संकेत दिया है।


सर्वसम्मति से चुनाव, संगठनात्मक एकता की मिसाल

आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर कार्यकारिणी का चुनाव चुनाव अधिकारी प्रदीप कुमार मलिक आर्य एवं चुनाव पर्यवेक्षक अभिषेक आर्य एडवोकेट के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला आर्य प्रतिनिधि सभा मुजफ्फरनगर के मंत्री अनूप सिंह राठी आर्य की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।

इस सर्वसम्मति से चुनाव को संगठन की एकता और अनुशासन का प्रतीक माना जा रहा है. बिना किसी विवाद के सभी पदाधिकारियों का चयन संगठन की आंतरिक लोकतांत्रिक परंपरा की मजबूती को दर्शाता है।


संरक्षकों से लेकर आमंत्रित सदस्यों तक पूरी टीम की घोषणा की गई

चुनाव प्रक्रिया के बाद आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर नई कार्यकारिणी में निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।

संरक्षक के रूप में आरपी शर्मा, करण सिंह आर्य, बीरेंद्र सिंह बालियान आर्य, महिपाल सिंह आर्य और राम मेहर आर्य को चुना गया।

प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी रणवीर सिंह तोमर आर्य को सौंपी गई, जबकि वरिष्ठ उपप्रधान पद पर अनूप सिंह राठी आर्य चुने गए। उपप्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी भूपेन्द्र सिंह वर्मा आर्य को मिली.

सतीश कुमार आर्य को मंत्री पद और मंत सिंह आर्य व राजेंद्र सिंह राठी आर्य को उपमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई।

दिनेश त्यागी आर्य को कोषाध्यक्ष और राजेंद्र प्रसाद वर्मा को सह कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

डॉ. अश्विनी कुमार मित्तल को पुस्तकालय अध्यक्ष और आमोद कुमार आर्य को आर्यवीर दल अध्यक्ष चुना गया।

अंतरंग सदस्य के रूप में सोमपाल सिंह आर्य, डा. जीत सिंह आर्य, राकेश कुमार आर्य, सत्यपाल सिंह आर्य, रतन सिंह आर्य, राकेश कुमार आर्य व यशपाल सिंह आर्य शामिल रहे।

आमंत्रित सदस्य के रूप में रवीन्द्र बालियान आर्य, रतन सिंह आर्य और नारायण सिंह आर्य को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई।


आर्य समाज की सामाजिक भूमिका एवं ऐतिहासिक योगदान नई मण्डी मुजफ्फरनगर

आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर इसे केवल एक धार्मिक संस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त धुरी के रूप में मान्यता दी गई है। वैदिक सिद्धांतों पर आधारित यह संस्था शिक्षा, नशामुक्ति अभियान, महिला सशक्तिकरण, संस्कार निर्माण और देशभक्ति जैसे विषयों पर निरंतर कार्य कर रही है।

स्थानीय स्तर पर समय-समय पर आयोजित होने वाले यज्ञ, वैदिक प्रवचन, सांस्कृतिक शिविर, युवा प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता अभियानों ने इस संस्था को जनता से गहराई से जोड़े रखा है।

नई कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठन की गतिविधियों को और व्यापक स्वरूप देने की योजना जताई जा रही है।


नई कार्यकारिणी के समक्ष भविष्य की प्राथमिकताएँ

आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर नई टीम के सामने कई महत्वपूर्ण सामाजिक और संगठनात्मक लक्ष्य निर्धारित माने जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से युवाओं को वैदिक संस्कृति से जोड़ना, शिक्षा कार्यक्रमों का विस्तार करना, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाना और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना शामिल है।

इसके अलावा आर्य समाज की गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित करने की दिशा में भी काम करने की रणनीति बनाई जा सकती है. संगठन से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों का मानना ​​है कि नई कार्यकारिणी सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।


युवा शक्ति को जोड़ने की दिशा में विशेष पहल की उम्मीद

समाज के बदलते परिवेश में युवाओं की भागीदारी किसी भी संगठन की सफलता की कुंजी मानी जाती है। इसे ध्यान में रखकर आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर नई कार्यकारिणी युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे सकती है।

आर्यवीर दल के माध्यम से अनुशासन, सेवा भावना और देशभक्ति के विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत किया जा सकता है। इससे आने वाले समय में संगठन की सामाजिक पहुंच और प्रभाव क्षेत्र दोनों में विस्तार की संभावना है. 🚩


महिलाओं की भागीदारी और संस्कृति निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा

नई कार्यकारिणी से उम्मीद है कि महिला शिक्षा, बालिका सुरक्षा और पारिवारिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी.

आर्य समाज की परंपरा रही है कि वह समाज में समानता और शिक्षा के प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करता रहा है। इसी क्रम में महिला जागरूकता कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक शिविरों को और अधिक सक्रिय बनाने की योजना बनायी जा सकती है।


सर्वसम्मत चयन को व्यापक समर्थन मिला

आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर नई कार्यकारिणी के गठन पर क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने संतोष जताया है। सर्वसम्मति से चयन को संगठन की मजबूती और सकारात्मक नेतृत्व का प्रतीक माना जा रहा है।

इस प्रक्रिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संगठन के भीतर संचार और सहयोग की परंपरा मजबूत बनी हुई है, जो भविष्य के संगठनात्मक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार साबित होगी।


वैदिक परंपरा और आधुनिक सामाजिक सोच में संतुलन बनाए रखने का संकल्प

नई कार्यकारिणी के गठन के साथ आर्य समाज नई मण्डी मुजफ्फरनगर वैदिक विचारधारा को आधुनिक सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने का संकेत दिया है।

आने वाले समय में समाज सुधार, शिक्षा विस्तार, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में संगठन की सक्रियता और तेज होने की उम्मीद है।


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ऋषिकेश: रोमांच के नाम पर जान जोखिम में डालकर गरुड़ चट्टी पुल से युवक ने लगाई गंगा में छलांग, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें एक युवक पुल से नदी में छलांग लगाता नजर आ रहा है. वीडियो लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मार्ग पर स्थित गरुड़ चट्टी पर गंगा पर बने पुल का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ऐसी किसी घटना से इनकार कर रही है. पुलिस का कहना है कि संभव है कि कोई पुराना वीडियो वायरल किया जा रहा हो.

वीकेंड पर जहां एक ओर पर्यटक गंगा में राफ्टिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग एडवेंचर के नाम पर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. गरुड़ चट्टी पुल की ऊंचाई से गंगा में छलांग लगाना बेहद खतरनाक है, क्योंकि गंगा नदी का प्रवाह तेज है और नीचे चट्टानें भी हैं। ऐसी हरकत किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती थी.

ऋषिकेश: नोएडा से घूमने आए थे तीन दोस्त, चीला नहर में सेल्फी लेने गया युवक तेज लहरों में बह गया.

हैरानी की बात यह है कि पुल से कुछ ही दूरी पर गरुड़ चट्टी पुलिस चौकी मौजूद है और वहां नियमित रूप से पुलिस बल तैनात रहता है। इसके बावजूद पर्यटक ऐसे जोखिम भरे कदम उठा रहे हैं.

देखें वायरल वीडियो…

युवक का यह वीडियो नीचे से गुजर रही राफ्ट में बैठे कुछ युवकों ने बनाया है और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है. प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मणझूला सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि फिलहाल ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। ये वीडियो पुराना हो सकता है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सास-ससुर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी बहू की नहीं

इलाहाबाद उच्च न्यायालय: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि बहू अपने ससुराल वालों का भरण-पोषण करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। अदालत ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत, जिसे अब भारतीय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 के रूप में लागू किया गया है, ससुराल वालों को गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार नहीं दिया गया है। इस फैसले से ऐसे मामलों में कानूनी स्थिति स्पष्ट हो गयी है.

कानून में सास-ससुर के अधिकार स्पष्ट नहीं हैं
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मदन पाल सिंह ने कहा कि भरण-पोषण का अधिकार एक वैधानिक अधिकार है और यह केवल उन्हीं लोगों को प्राप्त है जिनका कानून में स्पष्ट उल्लेख है. उन्होंने कहा कि सास-ससुर इस श्रेणी में नहीं आते, इसलिए बहू को उनका भरण-पोषण करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर किसी को कानूनी तौर पर बाध्य नहीं किया जा सकता.

याचिका खारिज करते हुए कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने बुजुर्ग दंपत्ति की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में आगरा के फैमिली कोर्ट के अगस्त 2025 के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें भरण-पोषण के लिए उनकी अर्जी खारिज कर दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि विधायिका ने जानबूझकर सास-ससुर को इस कानून के दायरे में शामिल नहीं किया है, इसलिए यह जिम्मेदारी बहू पर नहीं डाली जा सकती.

बुजुर्ग दंपत्ति ने क्या दिए तर्क?
दंपति ने अपनी याचिका में कहा था कि वे बुजुर्ग, अशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने बेटे पर निर्भर हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बहू उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है और उसकी पर्याप्त आय है. दंपति ने कहा कि उनका भरण-पोषण करना बहू का नैतिक कर्तव्य है और इसे कानूनी दायित्व माना जाना चाहिए।

कोर्ट ने दलीलें खारिज कर दीं
कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बहू को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मृत बेटे की संपत्ति से संबंधित विरासत के मुद्दों को इस प्रकार के भरण-पोषण मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता है। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि ऐसे मामलों में कानून के दायरे में आने वाले अधिकार ही मान्य होंगे.

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ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 4 वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार, अपराधियों में हड़कंप

मुजफ्फरनगर जिले में अपराधियों के खिलाफ जारी है ऑपरेशन चक्रव्यूह अभियान के तहत पुलिस ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर चार वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून का शिकंजा कस दिया है. अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई इन कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि जिले में फरार और वांछित अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। 🚨

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य न्यायालय के आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराना तथा जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत करना है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में भय का माहौल है, वहीं आम नागरिकों में भी सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है.


ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत खतौली पुलिस की त्वरित कार्रवाई मुजफ्फरनगर

अभियान के तहत थाना खतौली पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर त्वरित कार्यवाही करते हुए दो वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। यह कार्यवाही अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर जोन सहारनपुर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देशन में की गयी।

नगर पुलिस अधीक्षक व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक खतौली के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद के नेतृत्व में गठित टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारकर आरोपी मनोज पुत्र कर्णसिंह निवासी चांदसमेड थाना खतौली व विनोद पुत्र रामकिशन निवासी कैलावड़ा थाना खतौली को गिरफ्तार कर लिया।

इन दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय द्वारा जारी वारंट पर काफी समय से कार्रवाई लंबित थी, जिसे अब सफलतापूर्वक निष्पादित कर दिया गया है. गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई. ⚖️


गिरफ्तारी अभियान में पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभायी.

ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस टीम की सतर्कता और रणनीतिक समन्वय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक आरिफ अली, उपनिरीक्षक राजीव तेवतिया, कांस्टेबल बलवीर सिंह, रोबिन चौधरी, सुशील भाटी एवं महिला कांस्टेबल रश्मी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत किया जा सके.


ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने भी दो शातिर योद्धाओं को किया गिरफ्तार मुजफ्फरनगर।

जिले में चल रहा है ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर अभियान के तहत थाना कोतवाली नगर पुलिस ने भी बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. यह कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर के निकट पर्यवेक्षण में की गयी।

थाना प्रभारी बब्लू सिंह वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और सूचना एकत्र कर आरोपी हसन पुत्र अल्लाराजी निवासी शमीम मेंबर स्ट्रीट लद्दावाला और कशिश कुमार कश्यप पुत्र मोहनलाल निवासी आबकारी क्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया।

इन आरोपियों की गिरफ्तारी को लंबे समय से लंबित वारंट के अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.


अभियान से अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास बढ़ता है

ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर के लगातार प्रभावी संचालन से जिले के अपराधियों में स्पष्ट संदेश गया है कि अब कानून से बचना आसान नहीं है। पुलिस की सक्रियता से फरार वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी तेज कर दी गयी है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आ रही है.

स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इस तरह के अभियान जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में बेहद कारगर साबित हो रहे हैं. 👮‍♂️


न्यायालय के आदेशों के अनुपालन पर विशेष जोर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर केवल गिरफ्तारी तक सीमित अभियान नहीं है, बल्कि अदालती आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत ऐसे आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे.

इस अभियान के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहे और समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो।


ऑपरेशन चक्रव्यूह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी मुजफ्फरनगर

जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन चक्रव्यूह मुजफ्फरनगर इसी दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी, फरार अपराधियों की तलाश एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून का राज स्थापित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जाते रहेंगे. 🛡️


मुज़फ्फरनगर में चल रहा है ऑपरेशन चक्रव्यूह आईपीसी के तहत पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. खतौली व कोतवाली नगर पुलिस द्वारा चार वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में कानून का भय और गहरा हुआ है।

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उत्तराखंड: नारी निकेतन में मनोचिकित्सकों की होगी नियुक्ति, प्रस्ताव कैबिनेट में रखने के निर्देश

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने नारी निकेतन, केदारपुर में संवासिनी की आत्महत्या की घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नारी निकेतन की अधीक्षिका, अन्य कर्मचारियों और शव बरामद करने वाले चौकीदार से पूछताछ की.


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उन्होंने अधिकारियों को मानसिक रूप से बीमार कैदियों की उचित देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नारी निकेतन प्रशासन को परिसर के सभी हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, उनकी नियमित लाइव निगरानी सुनिश्चित करने और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

उत्तराखंड: धार्मिक शिक्षा के लिए मदरसों को लेनी होगी नए सिरे से मान्यता, प्राधिकरण तैयार कर रहा कोर्स

उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी. मंत्री ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. यदि जांच में नारी निकेतन का कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभागीय सचिव एवं निदेशक को राज्य के सभी नारी निकेतनों में महिलाओं के बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से शामिल करने का निर्देश दिया.

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भगवान, मुझे मेरी पत्नी से मुक्ति दिला दो…मन्नत पूरी होते ही पति ने की 9KM की प्रार्थना यात्रा, बोला- मुझे नर्क से मुक्ति मिल गई

उत्तर प्रदेश समाचार: बस्ती जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने शादी और रिश्तों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. आमतौर पर शादी को सात जन्मों का बंधन माना जाता है, लेकिन यहां एक पति ने अपनी पत्नी से छुटकारा पाने के लिए भगवान से प्रार्थना की। जब उनकी इच्छा पूरी हुई तो उन्होंने 9 किलोमीटर लंबी साष्टांग यात्रा कर इसे पूरा किया। इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं.

शादी के दो साल में रिश्ते खराब हो गए
यह मामला सोनहा थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां सुरेश नाम के युवक का रिश्ता शादी के दो साल बाद ही खराब हो गया. लगातार विवादों और मानसिक तनाव से तंग आकर उसने मंदिर में जाकर मन्नत मांगी। युवक ने कहा था कि अगर उसे पत्नी से छुटकारा मिल गया तो वह मंदिर में साष्टांग प्रणाम करने जाएगा।

मन्नत पूरी होने के बाद किया गया वादा
कुछ समय बाद कानूनी प्रक्रिया के जरिए युवक को अपनी पत्नी से तलाक मिल गया। इसके बाद उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने का फैसला किया. सुबह वह बिना कुछ खाए-पिए अपने गांव से भानपुर स्थित मां बैदवा समय माता मंदिर की यात्रा पर निकल पड़े। ये यात्रा करीब 9 किलोमीटर लंबी थी और उन्होंने हर कदम पर माथा टेकते हुए मंदिर तक का सफर तय किया.

ग्रामीणों में भक्ति का माहौल बन गया।
इस सफर में युवक अकेला नहीं था. उनके पीछे उनके माता-पिता और गांव के कई लोग गाजे-बाजे के साथ चल रहे थे. माता के जयकारों के बीच यह यात्रा किसी धार्मिक आयोजन जैसी लग रही थी। जहां आमतौर पर रिश्ता टूटने पर दुख होता है, वहीं यहां इस घटना को अलग तरह से देखा गया और लोग इसमें शामिल हो गए।

मंदिर पहुंचकर आभार व्यक्त किया
शाम करीब छह बजे युवक मंदिर पहुंचा। उनके घुटनों में चोट लगी हुई थी और वह बहुत थके हुए थे, लेकिन उनके चेहरे पर राहत साफ़ दिखाई दे रही थी। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मां को धन्यवाद दिया. युवक ने बताया कि वह काफी समय से मानसिक परेशानी में था और अब उसे राहत मिल गई है.

समाज के लिए सोचने योग्य विषय
यह घटना आज रिश्तों में बढ़ते तनाव को दर्शाती है. जहां लोग अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिए व्रत रखते हैं, वहीं इस मामले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब सिर्फ आस्था के सहारे ही रिश्तों के बोझ को कम किया जा सकता है.

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मुजफ्फरनगर में तेज रफ्तार THAR का कहर: जानसठ रोड शेरनगर में सड़क पार करते समय वृद्ध की दर्दनाक मौत, चालक फरार

मुजफ्फरनगर एक बार फिर जिले में सड़क दुर्घटना इससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. नई मंडी थाना क्षेत्र के जानसठ रोड शेरनगर में सोमवार को हुए भीषण हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर लगते ही बुजुर्ग कई फीट दूर जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिससे इलाके में गुस्से और भय का माहौल बन गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा अचानक हुआ, लेकिन इसकी भयावहता ने आसपास मौजूद लोगों को चौंका दिया. स्थानीय नागरिकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की.


जानसठ रोड पर एक जिंदगी पल भर में बुझ गई

बताया गया कि बिजनौर जिले का रहने वाला करीब 70 वर्षीय मुंशी अपनी बेटी से मिलने शेरनगर आया था। सोमवार को वह जानसठ रोड पार कर रहा था तभी तेज रफ्तार थार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि ड्राइवर को संभलने का मौका ही नहीं मिला.

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुजुर्ग उछलकर सड़क किनारे जा गिरा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


मुजफ्फरनगर सड़क हादसे के बाद हड़कंप

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हादसे की भयावहता देख हर कोई हैरान रह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जानसठ रोड पर तेज रफ्तार वाहनों का खतरा काफी समय से बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना कितना घातक साबित हो सकता है.


टक्कर के बाद चालक मौके से भाग गया

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन समेत मौके से भाग गया। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया. लोगों का कहना है कि अगर ड्राइवर मौके पर रुककर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करता तो शायद स्थिति कुछ और हो सकती थी।

फिलहाल पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.


पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं

मौके पर पहुंची नई मंडी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है.

आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से गाड़ी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ड्राइवर को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.


मुजफ्फरनगर सड़क हादसा फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाता है

यह दर्दनाक मुज़फ्फरनगर सड़क हादसा इससे जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. जानसठ रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का खतरा लगातार बना रहता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था की कमी के कारण बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से खतरा होता है।


परिवार में छाया मातम, मिलने आए बेटी के घर

मृतक मुंशी अपनी बेटी से मिलने शेरनगर आया था. किसी को अंदाजा नहीं था कि ये मुलाकात उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी. हादसे की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उनके घर पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ लगी हुई है.


स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है

घटना के बाद इलाके के लोगों ने प्रशासन से तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और सड़क सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग की है. नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे.

लोगों ने स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।


मुजफ्फरनगर सड़क दुर्घटना के बढ़ते मामलों से लोगों में चिंता

जिले में पिछले कुछ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी इसका मुख्य कारण है।

ऐसे में ड्राइवर का मौके से फरार हो जाना स्थिति को और भी गंभीर बना देता है. इससे न केवल जांच प्रभावित होती है बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में भी देरी होती है।


पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की बात कही है

नई मंडी थाना पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

जांच टीम वाहन की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय जानकारी दोनों पर भरोसा कर रही है।


विशेषज्ञों की सलाह है कि सड़क पार करते समय सावधान रहें

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त मार्गों से गुजरते समय विशेष सतर्कता जरूरी है। तेज गति से चलने वाले वाहनों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

विशेषज्ञों ने प्रशासन से पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग सिस्टम को मजबूत करने की भी मांग की है.


मुजफ्फरनगर सड़क दुर्घटना: जिम्मेदार ड्राइविंग की जरूरत पर जोर

यह दर्दनाक मुज़फ्फरनगर सड़क हादसा इसने एक बार फिर याद दिलाया है कि सड़क पर जिम्मेदारी और सतर्कता दोनों बहुत जरूरी हैं. थोड़ी सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है और कई परिवारों को हमेशा के लिए दुख में डुबा सकती है।

मुजफ्फरनगर में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना समाज के लिए कितना बड़ा खतरा बन गया है. प्रशासन की सख्ती, यातायात नियमों का पालन और नागरिकों की सतर्कता ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में सबसे मजबूत कदम साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द कार्रवाई होगी और दोषी को कानून के तहत सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.

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उत्तराखंड का मौसम: पहाड़ी इलाकों में आज मौसम रहेगा अस्थिर, तूफान के लिए येलो अलर्ट जारी

मंगलवार को भी उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम बदला रहने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 31 मार्च को चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान आने का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा.


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उत्तरकाशी: बारिश के बाद गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन से रास्ता बंद, यात्री फंसे

5 अप्रैल तक मौसम बदला रहेगा

आने वाले दिनों की बात करें तो पर्वतीय जिलों में 5 अप्रैल तक मौसम बदला रहेगा।

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दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम, बारिश का येलो अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं और काले बादलों के कारण माहौल खुशनुमा हो गया है. मौसम विभाग ने आज के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इससे लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.

तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बाद में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. इस बदलाव से दिल्ली का मौसम फिर से सुहावना हो जाएगा और तापमान में गिरावट की संभावना है.

कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर
इस बार दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम प्रभावित होगा। इस हफ्ते राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश की संभावना है. कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ बर्फबारी का भी अलर्ट जारी किया गया है.

कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश और आंधी आ सकती है. इसके अलावा केरल में 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

फसलों पर खतरा, शहरों में राहत
पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जहां शहरों में गर्मी से राहत मिली है, वहीं ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो रहा है. यह किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.

तापमान में गिरावट के आसार
आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. अगले दिन न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है, जिससे मौसम और ठंडा हो सकता है.

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पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह: एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

मुजफ्फरनगर में आयोजित पुलिस मॉडर्न स्कूल का दीक्षांत समारोह इसने शिक्षा, मूल्यों और उपलब्धियों के उत्सव का माहौल बनाया, जिससे उपस्थित छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के मन में गर्व और प्रेरणा की एक नई भावना पैदा हुई। पुलिस मॉडर्न स्कूल परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण की अनूठी झलक देखने को मिली.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय कुमार वर्मा जबकि, उपस्थित रहें इंदु सिद्धार्थ की विशेष उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया। स्कूल परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए सम्मान का अवसर बना, बल्कि शिक्षा के महत्व और भविष्य की संभावनाओं का संदेश भी लेकर आया।


प्रेरणादायी समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना से हुआ

पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह इसकी शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और देवी सरस्वती की पूजा के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया और छात्रों को ज्ञान के पथ पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह, अनुशासन एवं गौरव का वातावरण स्पष्ट दिखाई दे रहा था। मंच पर सुसज्जित सांस्कृतिक प्रस्तुति स्थल, विद्यार्थियों की आकर्षक वेशभूषा और अभिभावकों की उत्सुकता ने समारोह को विशेष रंग दे दिया।


ओलंपियाड विजेताओं सहित 36 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया

समारोह का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरक क्षण वह था जब पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह ओलंपियाड प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जीतने वाले कुल 36 छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इन छात्रों की उपलब्धियाँ न केवल स्कूल के लिए गौरव का विषय बनीं, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत साबित हुईं। सम्मान पाने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह की झलक साफ दिख रही थी.


नर्सरी से कक्षा 8 तक के टॉप 3 विद्यार्थियों को विशेष सम्मान मिला

पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह शैक्षणिक सत्र के दौरान नर्सरी से कक्षा 8 तक अपनी-अपनी कक्षाओं में शीर्ष 3 स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

इस सम्मान समारोह ने छोटे बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का काम किया। इससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना मजबूत हुई।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया और दर्शकों ने उनकी सराहना की।

समारोह के दौरान प्रस्तुत किये गये रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य, समूह गान, नाटक मंचन एवं देशभक्ति प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

इन प्रस्तुतियों से यह स्पष्ट हो गया पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह यह केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने का भी उत्कृष्ट प्रयास था।


एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने छात्रों से आत्मीय बातचीत की.

समारोह के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा का छात्रों के प्रति विशेष स्नेह एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार देखने को मिला. उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके प्रदर्शन की खुलकर सराहना की।

उन्होंने छात्रों से अनुशासन, नियमित अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता की कुंजी बताया और कहा कि शिक्षा वह शक्ति है जो जीवन को नई दिशा देती है। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने बच्चों के मन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।


राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को आधारशिला बताया गया

पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने विद्यालय के शिक्षकों की भूमिका की भी विशेष रूप से सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान दाता नहीं होते बल्कि वे छात्रों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास के वास्तविक वास्तुकार होते हैं।

उन्होंने शिक्षकों की लगन और कड़ी मेहनत को छात्रों की सफलता का आधार बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है।


अभिभावकों की मौजूदगी ने समारोह को और भी भावुक बना दिया.

इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने अपने बच्चों को सम्मान प्राप्त करते देख गर्व एवं प्रसन्नता व्यक्त की। समारोह में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे कार्यक्रम को पारिवारिक एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान किया।

अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है.


फोटो सेशन बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन जाता है 📸

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने छात्र-छात्राओं के साथ समय बिताया और उनके साथ फोटो खिंचवाये. ये पल बच्चों के लिए बेहद खास और यादगार साबित हुआ.

बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ नजर आ रहा था, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बन गया।


विद्यालय, परिवार और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण

पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर का दीक्षांत समारोह इससे यह भी पता चला कि जब प्रशासन और शैक्षणिक संस्थान मिलकर काम करते हैं तो छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर अवसर पैदा होते हैं।

यह आयोजन छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व के बारे में एक मजबूत संदेश लेकर आया।


एक प्रेरक घटना जो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देगी

विद्यालय स्टाफ, अभिभावकों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने समारोह को और भी गरिमामय बना दिया। यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का मंच भी साबित हुआ।

ऐसे समारोह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ताकि वे भविष्य में समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।


पुलिस मॉडर्न स्कूल मुजफ्फरनगर के दीक्षांत समारोह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शिक्षा केवल अंकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की प्रेरक उपस्थिति, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान तथा शिक्षकों के योगदान की सराहना ने इस समारोह को मुजफ्फरनगर के शैक्षिक वातावरण में एक यादगार एवं प्रेरणादायक अध्याय बना दिया।

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