ऊपर बैठा शख्स ही करेगा फैसला… मौत को गले लगाने से पहले युवक ने ऐसा क्यों लिखा? सुसाइड नोट से खुला राज!

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 25 वर्षीय युवक ने जेल जाने के डर और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान राजाराम कुमार के रूप में की गई है. यह घटना दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव की है. युवक का शव उसके घर की छत से सटे नीम के पेड़ पर नायलॉन की रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
कैसे सामने आया मामला
स्थानीय लोगों ने सबसे पहले राजाराम का शव पेड़ से लटका देखा. इसके बाद परिवार को सूचना दी गई, जिससे घर में कोहराम मच गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कई अहम सबूत जुटाए.
विवाद के बाद तनाव बढ़ गया
परिजनों के मुताबिक 13 अप्रैल को राजाराम का शराब पीने के दौरान गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद हो गया था, जो बाद में मारपीट में बदल गया. इस घटना में दूसरे पक्ष के एक युवक का पैर टूट गया, जिसका इलाज मऊ के फातिमा अस्पताल में चल रहा है.
लगातार धमकियां मिल रही थीं
घटना के बाद से गांव के कुछ लोग राजाराम को धमकी दे रहे थे। उनसे कहा जा रहा था कि उन्होंने गंभीर अपराध किया है और उन्हें जेल जाना होगा, या मौत की सज़ा भी हो सकती है. इन धमकियों के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में था और डरा हुआ रहता था।
सुसाइड नोट में झलक रही बेबसी
पुलिस को मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला। इसमें राजाराम ने लिखा कि जो ऊपर बैठा है वही न्याय करेगा, अल्लाह तो भगवान है। यह नोट उसकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है. पुलिस ने नोट और रस्सी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जांच और आगे की कार्रवाई
गौर करने वाली बात यह है कि 13 अप्रैल को हुई मारपीट की घटना पर पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। विपक्षी पक्ष ने पहली बार 22 अप्रैल को लिखित शिकायत दी थी। राजाराम अपने परिवार में तीन भाइयों और तीन बहनों में पांचवें स्थान पर थे और अविवाहित थे। घटना के वक्त माता-पिता घर के अंदर सो रहे थे। पुलिस अब जांच कर रही है कि आत्महत्या के लिए उकसाने में किसकी भूमिका थी।
