कौशांबी में जल सखी का विरोध प्रदर्शन: 5 साल तक काम किया, लेकिन मानदेय के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला

कौशांबी जिले के सिराथू ब्लॉक में जल सखियों का गुस्सा सामने आया है. गांव-गांव में पानी की गुणवत्ता जांचने का काम करने वाली सैकड़ों महिलाएं आज भी अपनी मजदूरी के लिए तरस रही हैं। बताया जा रहा है कि करीब 600 जल सखियां पिछले पांच साल से लगातार काम कर रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला है. इस मामले को लेकर महिलाएं ब्लॉक सभागार पहुंची और अधिकारियों से शिकायत की।
ब्लॉक पहुंचकर विरोध जताया और बीएमएम से शिकायत की
सिराथू ब्लॉक सभागार में जल परीक्षण के लिए किट बांटने के लिए जल सखियों को बुलाया गया था। इस दौरान महिलाएं एकजुट होकर बीएमएम रामप्रकाश कुशवाह से मिलीं और अपनी समस्या बताई. महिलाओं ने बताया कि उन्हें प्रति जांच 20 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक किसी के खाते में पैसा नहीं आया है. इस दौरान अर्चना देवी, प्रीति देवी, रंजना देवी, पूजा देवी, विनीता सिंह, स्वेता सिंह, सुमिला देवी, रेनू देवी समेत सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं.
जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रहे हैं
महिलाओं ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्हें जल जीवन मिशन के तहत जल सखी के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई थी. तब से वह हर घर जल योजना के तहत गांवों में नल, हैंडपंप और समरसेबल पानी का परीक्षण कर रही हैं। वे पोर्टल पर पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट भी अपलोड करते हैं।
कई बार खाता और आधार लिया, फिर भी पैसा नहीं मिला
जल सखियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कई बार उनका खाता नंबर और आधार कार्ड लिया गया. उन्हें आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही पैसा मिल जाएगा, लेकिन आज तक किसी को एक रुपया भी नहीं मिला। महिलाओं ने कहा कि वे अपने खर्च पर ब्लॉक आती-जाती हैं और घर-घर जाकर पानी की जांच करती हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.
अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट, जल्द समाधान का दिया आश्वासन
इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि 600 जल सखियों को मानदेय नहीं मिलने की जानकारी उन्हें नहीं थी. अब संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी और जल्द ही महिलाओं को उनका मानदेय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
