कौशांबी मेडिकल कॉलेज में क्लैमाइडिया पर जागरूकता सेमिनार, छात्रों को दी गई यौन स्वास्थ्य के बारे में अहम जानकारी

कौशांबी जिले के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य यौन संचारित रोगों के बारे में जागरूकता फैलाना और विशेष रूप से क्लैमाइडिया संक्रमण के बारे में सही जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें आयोजकों ने विषय के महत्व पर प्रकाश डाला.
युवाओं में जागरूकता की जरूरत पर जोर
सेमिनार में बताया गया कि आज के समय में युवाओं को यौन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता की बेहद जरूरत है. जानकारी के अभाव में कई बार गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस सेमिनार का आयोजन किया गया ताकि छात्र इस विषय को बेहतर तरीके से समझ सकें और समाज में जागरूकता भी फैला सकें.
विद्यार्थियों ने क्लैमाइडिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी
कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति दी। इसमें क्लैमाइडिया के कारण, संक्रमण फैलने का तरीका, इसके लक्षण, संभावित जटिलताएं, पता लगाने के तरीके और आधुनिक इलाज के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्रों ने बताया कि यह एक सामान्य संक्रमण है, जो कई बार बिना लक्षण के भी रहता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह बांझपन जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।
निवारक उपाय और उचित उपचार सलाह
प्रस्तुतियों में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि क्लैमाइडिया मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध से फैलता है। इससे बचने के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना और जागरूक रहना बहुत जरूरी है। छात्रों ने लोगों को सलाह दी कि कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और स्व-उपचार से बचें।
विशेषज्ञों ने सराहा, प्रश्नोत्तर सत्र में शंकाएं दूर की गईं
कार्यक्रम में उपस्थित प्राचार्य एवं संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनारों से न केवल विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ता है बल्कि समाज में सकारात्मक सोच भी विकसित होती है। अंत में, एक प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया जिसमें छात्रों और उपस्थित लोगों ने प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उनका उत्तर दिया।
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
