जिंदा शख्स को 14 साल तक सरकारी रिकॉर्ड में दिखाया गया मृत, ले रहा है पेंशन लेकिन फिर भी लड़ रहा है पहचान की लड़ाई!

बस्ती समाचार: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक शख्स को पिछले 14 साल से सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि हकीकत में वह अभी भी जिंदा है और बैंक से पेंशन भी ले रहा है. पीड़ित बुजुर्ग अपने जिंदा होने का सबूत लेकर लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है. यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.
2012 में कागजों पर दर्ज हुई मौत
यह पूरा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के बानपुर गांव का है. पीड़ित इशहाक अली पुत्र फुल्लुर संतकबीरनगर के नाथनगर सीएचसी में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि दो दिसंबर 2012 को तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ललित कुमार मिश्र ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कागजात में उनका इंतकाल दर्ज कर दिया। इस फर्जी अभिलेख के आधार पर उनकी पैतृक कृषि भूमि गाटा संख्या 892 एक महिला के नाम दर्ज कर दी गई। यह पूरा खेल बिना उचित जांच के किया गया, जिसमें गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आयी.
सात वर्ष तक वेतन मिलता रहा
सबसे आश्चर्य की बात यह है कि 2012 से 2019 के बीच इशाक अली को राजस्व विभाग में मृत दिखा दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उन्हें नियमित वेतन देता रहा। इससे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या विभागों के बीच तालमेल नहीं था. यदि कर्मचारी मर चुका था तो वेतन किसे दिया जा रहा था और यदि जीवित था तो मृत्यु रिकार्ड कैसे दर्ज किया गया। इस विरोधाभास ने पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
भूमि पर कब्ज़ा और पहचान के लिए संघर्ष
इशाक अली अभी भी जीवित हैं और उनके पास पेंशन भुगतान आदेश, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज हैं। इसके बावजूद तहसील के अभिलेखों में उसे मृत दिखाकर उसकी जमीन पर कब्जा जारी है। पीड़ित का कहना है कि वह वर्षों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. उनका आरोप है कि भ्रष्ट तंत्र अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय मामले को दबाने में लगा हुआ है.
डीएम ऑफिस पहुंचे बुजुर्ग, कफन पहनकर जताया विरोध
न्याय की मांग करते हुए पीड़ित बुजुर्ग कफन ओढ़कर और माला पहनकर डीएम कार्यालय बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन किया. यह नजारा देखकर लोग हैरान रह गए. बुजुर्ग ने कहा कि उसे हर दिन अपने जिंदा होने का सबूत देना पड़ता है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत दिखाया गया है.
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले पर एसडीएम शत्रुघ्न पाठक ने कहा कि शिकायत मिली है, जांच करायी जा रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा.
