Breaking News
फ़तेहपुर गैंगरेप मामले पर गरमाई सियासत, बीजेपी प्रतिनिधिमंडल और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हुए एक सनसनीखेज गैंग रेप मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. 24 अप्रैल 2026 को खागा तहसील क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और नेताओं के दौरे से माहौल गरमा गया है. पीड़िता और उसके मंगेतर ने पहले तो पुलिस पर मामला दर्ज न करने का आरोप लगाया, जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया. अब इस पूरे घटनाक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों की सक्रियता और प्रशासन की सख्ती ने इसे और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है.

शुरुआत में मामला दर्ज नहीं किया गया था
घटना के बाद पीड़िता और उसका मंगेतर खागा थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उस वक्त मामला दर्ज नहीं किया. इसके बाद दोनों पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक से मिले और उन्हें पूरी कहानी बताई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोतवाली प्रभारी रमेश पटेल को लाइन हाजिर कर दिया. साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और तीसरे आरोपी बीजेपी नेता बब्लू सेंगर पर 25,000 रुपये और बाद में 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया.

राजनीतिक दलों की बढ़ी सक्रियता
यह मामला सामने आने के बाद सपा और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. इसके बाद बीजेपी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए निकला, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक दिया.

बीजेपी और पुलिस के बीच झड़प
प्रशासन द्वारा रोके जाने पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इसके बाद भाजपा नेता जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव और खागा विधायक कृष्णा पासवान समेत अन्य पदाधिकारी स्थानीय पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे और करीब तीन घंटे तक वहां रहे। प्रशासन और नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई, लेकिन कानून-व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें गांव में जाने की इजाजत नहीं दी गई.

फ़ोन पर बातचीत और पुलिस का बयान
भाजपा नेताओं ने पीड़िता के पिता से फोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली. इस दौरान यह भी चर्चा रही कि प्रतिनिधिमंडल परिवार पर समझौते के लिए दबाव बनाने जा सकता है, हालांकि नेताओं ने इससे इनकार किया और कहा कि वे सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं और दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अपर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नेताओं को रोका गया था। पुलिस ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

(रिपोर्ट:देवेंद्र सिंह,फतेहपुर)

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *