मुज़फ्फरनगर संपूर्ण समाधान दिवस: तहसील सदर में एसपी सिटी अमृत जैन ने सुनी जनसमस्याएं, महिला अपराध और साइबर धोखाधड़ी के मामलों पर दिए विशेष निर्देश
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये. तहसील सदर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जहां संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया.
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक शहर अमृत जैन ने जनसमस्याओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
शिकायतों के मौके पर ही समाधान पर विशेष जोर दिया गया
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये कि वे प्राप्त शिकायतों की केवल औपचारिक सुनवाई तक ही सीमित न रहकर मौके पर जाकर उनकी वास्तविक स्थिति की जांच करें। साथ ही यह भी कहा कि सभी मुद्दों का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए.
अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब न हो तथा निर्धारित समय सीमा के अन्दर परिणाम सामने आ जायें।
महिला अपराध से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. अधिकारियों को महिला अपराध से संबंधित शिकायतों की संवेदनशीलता एवं तत्परता से जांच करने के निर्देश दिये गये।
ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया.
साइबर अपराध और धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरुकता बढ़ाई गई
समाधान दिवस के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिकायतकर्ताओं को साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बारे में भी जागरूक किया गया। नागरिकों को बताया गया कि अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियों से बचना जरूरी है।
लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित रूप से उपयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करने की सलाह दी गई।
अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में हुआ जनसुनवाई कार्यक्रम
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर समेत कई पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों के प्रतिनिधियों ने मिलकर शिकायतें सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ऐसे समाधान दिवस कार्यक्रमों को नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।
समाधान दिवस कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना
संपूर्ण समाधान दिवस जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों को अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होती है और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित गति से समाधान संभव हो पाता है।
स्थानीय नागरिकों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहल से विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी बनेगी.
तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनसमस्याओं को सुनने और उनका मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश ने प्रशासनिक सक्रियता को साफ रेखांकित कर दिया। महिला सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष जोर देने से नागरिकों में यह विश्वास बढ़ा है कि उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से समाधान किया जाएगा।
