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रतनपुरी पटाखा फैक्ट्री में लगी आग: बिना लाइसेंस के चल रहे पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग, दो नाबालिग झुलसे- मुजफ्फरनगर के डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे.

मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर माफी गांव में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. इस हादसे में वहां काम कर रहे दो नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग तेजी से फैली, जिससे कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आग पर काबू पाया जा सका.


इलाके में पटाखा बनाने का काम चल रहा था

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांव निवासी उमरेज पुत्र कसमुद्दीन के घर के पड़ोस में पटाखा निर्माण से संबंधित गोदाम संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था.

घटना वाले दिन अचानक आग लगने के कारण परिसर में रखे ज्वलनशील पदार्थ ने आग को तेजी से फैलने दिया, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो गयी.


घटना में दो नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गए

आग लगने के समय गोदाम के अंदर काम कर रहे दो किशोर इसकी चपेट में आ गए। घायल बच्चों की पहचान कादिर पुत्र कासिम (उम्र करीब 15 वर्ष) और हुजैफा पुत्र आजम (उम्र करीब 15 वर्ष) के रूप में हुई है।

दोनों को गंभीर हालत में तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है.


फायर ब्रिगेड और पुलिस की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और रतनपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। संयुक्त प्रयास से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और फैलने से रोक लिया गया.

अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के अन्य घरों और खेतों को भी नुकसान होने की आशंका थी।


बिना लाइसेंस के चल रहा था गोदाम, संचालक मौके से फरार

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित पटाखा गोदाम के संचालन के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं लिया गया था. घटना के बाद गोदाम संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गोदाम जिले के लोनी में स्थित है गाजियाबाद इसे कुछ लोगों ने किराये पर ले रखा था और यहां पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था. इस जानकारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है.


क्षेत्राधिकारी व पुलिस टीम ने मौका मुआयना किया

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी फुगाना/बुढ़ाना यतेंद्र सिंह नगर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई और गोदाम की स्थिति का जायजा लिया.

जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों के अभाव को गंभीरता से लिया जा रहा है।


डीएम उमेश मिश्र और एसएसपी संजय वर्मा ने घटना स्थल का जायजा लिया.

दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मो उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

प्रशासन ने साफ किया कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


अवैध पटाखा निर्माण पर प्रशासन सख्त, जांच तेज

इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में चल रही ऐसी सभी इकाइयों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

स्थानीय पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुट गई है और गोदाम को किराये पर लेने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है.


ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद गांव मोहम्मदपुर माफी और आसपास के इलाके में लोगों में चिंता का माहौल देखा गया. ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण जैसी गतिविधियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं.

लोगों ने प्रशासन से ऐसे अवैध गोदामों की नियमित जांच व निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है.


प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश, आगे की कार्रवाई जारी

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है. गोदाम संचालन में शामिल व्यक्तियों की भूमिका, सुरक्षा मानकों की स्थिति और लाइसेंसिंग पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है.


मोहम्मदपुर माफ़ी में पटाखा गोदाम में आग लगने की यह घटना अवैध रूप से संचालित विस्फोटक इकाइयों के जोखिमों को उजागर करती है। दो नाबालिगों के जलने से मामला और गंभीर हो गया है, जिसके बाद प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इलाके में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें तेज किया जाएगा.

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