मुजफ्फरनगर पुलिस का बड़ा खुलासा: यक्ष ऐप की मदद से पकड़ा गया बाइक चोर, चोरी की 2 मोटरसाइकिलें और अवैध हथियार बरामद

मुजफ्फरनगर वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब तकनीक की मदद से बड़ी कार्रवाई कर रही है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने दो अलग-अलग वाहन चोरी की घटनाओं का सफल पर्दाफाश करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह रही कि आरोपियों की पहचान “यक्ष ऐप” के जरिए हुई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें और अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं. पुलिस अधिकारियों ने इसे तकनीक आधारित पुलिसिंग में बड़ी सफलता बताया है.


सीसीटीवी फुटेज और यक्ष एप से हुई पहचान

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर जोन के निर्देशन में चलाई जा रही अपराध नियंत्रण रणनीति के तहत की गई.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में अमृत ​​जैनसहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा और थाना प्रभारी कोतवाली नगर ब्रिजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाया.

जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की. इसके बाद संदिग्धों की तस्वीरें ”यक्ष ऐप” पर अपलोड की गईं और उनका पता लगाया गया. तकनीकी सहायता से दोनों आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.


27 अप्रैल को बाइक चोरी की दो घटनाएं हुईं।

पुलिस के मुताबिक पहली घटना 27 अप्रैल 2026 को हुई, जब सुजडू निवासी मोहम्मद शाकिर ने कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी हो गई है.

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. उसी दिन सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित कोर्ट परिसर से भी मोटरसाइकिल चोरी की एक और घटना सामने आई थी. इस मामले में भी अलग से केस दर्ज किया गया था.

दोनों घटनाओं के समय और तरीके में समानता मिलने के बाद पुलिस को संदेह हुआ कि दोनों डकैतियों में एक ही गिरोह का हाथ हो सकता है.


मुखबिर की सूचना पर आरोपी को रामपुरी क्षेत्र से पकड़ा गया

जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वाहन चोरी की वारदातों में शामिल आरोपी रामपुरी इलाके में मौजूद हैं. इसके बाद थाना कोतवाली नगर पुलिस ने भारद्वाज मेडिकल स्ट्रीट, मोहल्ला रामपुरी में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोज अहमद और मोहम्मद राशिद के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें और अवैध हथियार बरामद किये हैं.

अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है.


मुजफ्फरनगर में आरोपियों का सक्रिय नेटवर्क देहरादून से जुड़ा है

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी फिरोज अहमद देहरादून के नगर निगम कॉलोनी इलाके का रहने वाला है, जबकि राशिद मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है लेकिन फिलहाल देहरादून में रह रहा था.

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 27 अप्रैल को कोर्ट आए थे। इस दौरान उन्होंने पार्किंग और आसपास खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाकर चोरी की।

पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी पहले भी वाहन चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा होगा। अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.


अवैध हथियार मिलने से जांच की गंभीरता बढ़ी

गिरफ्तार आरोपियों के पास से अवैध हथियार मिलने के बाद पुलिस मामले को और गंभीरता से लेने में जुट गई है. अधिकारियों का मानना ​​है कि वाहन चोरी में शामिल कई गिरोह हथियारों के बल पर बड़ी वारदातों को अंजाम देने में भी शामिल हो सकते हैं.

इस कारण पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी सिर्फ बाइक चोरी तक ही सीमित थे या किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क का भी हिस्सा हैं.


टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग से अपराधियों पर नकेल

यक्ष ऐप के जरिए अपराधियों तक पहुंचने की मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई अब चर्चा का विषय बन गई है. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अपराध नियंत्रण में सीसीटीवी, डिजिटल ट्रैकिंग और ऐप आधारित पहचान प्रणाली पुलिस के लिए काफी कारगर साबित हो रही है.

पिछले कुछ वर्षों में वाहन चोरी के मामलों में तकनीकी निगरानी की भूमिका तेजी से बढ़ी है। पुलिस अब केवल पारंपरिक जांच तक ही सीमित नहीं है बल्कि डिजिटल निगरानी और डेटा विश्लेषण का भी सहारा ले रही है।


सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया

इस सफल कार्यवाही में थाना कोतवाली नगर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक ब्रिजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक सोनू कुमार, आयुष्मान शर्मा, कांस्टेबल विनीत, अंकित व अकरम शामिल रहे।

खास तौर पर इस मामले का खुलासा करने में अहम योगदान देने वाले सब-इंस्पेक्टर सोनू कुमार और सब-इंस्पेक्टर आयुष्मान शर्मा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया.


शहर में वाहन चोरी रोकने के लिए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है. संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

जनता से भी अपील की गई है कि वे अपने वाहन पार्क करते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा यक्ष ऐप की मदद से वाहन चोरी के मामलों का पता लगाना बताता है कि अपराधियों के खिलाफ तकनीक आधारित कार्रवाई अब तेजी से प्रभावी हो रही है। दो शातिर चोरों की गिरफ्तारी और चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण और वाहन चोरी रोकने के लिए इसी तरह के सख्त अभियान जारी रहेंगे.

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