राम की पैड़ी पर बड़ा खुलासा: घाट किनारे कर रहे थे मांस-मछली और शराब का सेवन, रंगे हाथ पकड़े गए साधु

रामनगरी अयोध्या स्थित राम की पैड़ी एक बार फिर विवादों में घिर गई है. यहां देर रात एक ऐसा मामला सामने आया, जिससे स्थानीय संत समाज नाराज हो गया. आरोप है कि घाट पर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों द्वारा मांस-मछली बनाकर खाया जा रहा था. यह घटना लक्ष्मण घाट चौकी के पास की बताई जा रही है, जहां पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऐसी गतिविधियां चल रही थीं. संतों का कहना है कि यह रामनगरी की मर्यादाओं के विपरीत है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.

रंगे हाथ पकड़े गए कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय संतों को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि राम की पैड़ी के आसपास मांस, मछली और शराब का सेवन किया जा रहा है. इसके चलते देर रात संत समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। वहां उन्होंने निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को मछली पकाते और खाते हुए रंगे हाथों पकड़ा। बताया जा रहा है कि ये सब सरयू नदी के किनारे बने अस्थायी घरों में हो रहा था. मौके से हड्डियां भी मिलीं और संतों ने इसका वीडियो भी बनाया.

इसे रामनगरी की परंपराओं के खिलाफ बताया
संत समाज का कहना है कि अयोध्या में खासकर राम की पैड़ी जैसे धार्मिक स्थल पर मांस, मछली और अंडे का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित है. ऐसे में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि धार्मिक परंपराओं का भी अपमान है. संतों ने इसे अनैतिक कार्य बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।

चौकी प्रभारी पर लापरवाही का आरोप
इस पूरे मामले में लक्ष्मण घाट चौकी प्रभारी रोहित पांडे पर लापरवाही का आरोप लगा है. संतों का कहना है कि ये सब चौकी के पास हो रहा था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी या उन्होंने ध्यान नहीं दिया. इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.

संत समाज शिकायत करेगा
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संतों ने अयोध्या की व्यवस्थाओं और राम की पैड़ी में हो रही अनियमितताओं को लेकर आवाज उठाई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. अब इस नई घटना के बाद संत समाज ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने का फैसला किया है. उनका कहना है कि पवित्र स्थान मानी जाने वाली राम की पैड़ी को गलत गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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उत्तराखंड: राज्य में ‘एक जिला एक खेल’ नीति का मसौदा तैयार, 39वें राष्ट्रीय खेलों पर फोकस करने के निर्देश – उत्तराखंड एक जिला एक खेल नीति का मसौदा तैयार, 39वें राष्ट्रीय खेलों पर फोकस करने के निर्देश जारी

उत्तराखंड में एक जिला एक खेल नीति का मसौदा तैयार हो चुका है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्य ने सचिवालय में आयोजित विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी. उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में होने वाले आगामी 39वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य की पदक संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। खेल मंत्री ने कहा, एक जिला एक खेल नीति का उद्देश्य हर जिले में एक विशिष्ट खेल को बढ़ावा देना है.


खेल मंत्री ने अधिकारियों को 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए 24 घंटे के भीतर पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. इसमें खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण देने और विभिन्न खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया. साथ ही राष्ट्रीय खेलों से पहले उत्तराखंड में अधिक से अधिक राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित करने की तैयारी की जा रही है. मंत्री रेखा आर्य ने यह भी कहा कि अगर पूर्वोत्तर राज्यों में साइकिलिंग या शूटिंग जैसे खेलों के लिए बुनियादी ढांचे की कमी है, तो उत्तराखंड उन्हें सुविधा देने पर विचार करेगा। बैठक में गौलापार, हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मसूरी: सीएम धामी ने शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का किया स्थलीय निरीक्षण, जल्द काम पूरा करने के निर्देश

विभागीय मंत्री ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय में जुलाई से शैक्षणिक सत्र शुरू करने के लिए पाठ्यक्रम एवं परिनियम समिति का गठन कर दिया गया है. मंत्री ने पद सृजन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया. बैठक में पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने पर भी चर्चा हुई.

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योगी की पदयात्रा पर अखिलेश का बड़ा हमला…कहा- इतनी गर्मी में ये तो सिर्फ ट्रेलर, विपक्ष में होगा असली संघर्ष

अखिलेश यादव: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सियासी माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जन आक्रोश पदयात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इतनी भीषण गर्मी में जो मार्च निकाला गया, वह दरअसल एक राजनीतिक प्रथा थी. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में बीजेपी को विपक्ष में ऐसे ही मार्च निकालने पड़ेंगे. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है.

महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह से महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसे लागू करने में असली बाधा बीजेपी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी खुद महिला आरक्षण को बंद करना चाहती है और यह उसकी गलत मंशा को दर्शाता है. अखिलेश ने कहा कि जब तक जनगणना के आधार पर आरक्षण सही ढंग से लागू नहीं होगा, तब तक सभी को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार में संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं, जो गलत है.

लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर सपा का दावा
सपा प्रमुख ने कहा कि देश में सामाजिक न्याय के लिए पीडीए सरकार जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि इतिहास में पहली बार कोई समाज किसी सरकार को हराने जा रहा है, जो पीडीए की ताकत को दर्शाता है. अखिलेश ने हालिया राजनीतिक जीत को लोकतंत्र की जीत बताते हुए जनता और गठबंधन दलों को धन्यवाद दिया.

चाय परोसने के विवाद पर तंज
एक युवक से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एक युवक ने अभी चाय दी थी, लेकिन उसकी दुकान बंद थी. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनकी गलती क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग पहले दूसरों का नाम बदलते थे, वे अब अपना नाम बदलकर बंगाल कर रहे हैं, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है.

महिला आरक्षण पर नया बिल लाने की तैयारी
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में एक निजी विधेयक लाएगी, जिसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया था, लेकिन सरकार ने इसे लागू करने में देरी की.

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खिलाड़ियों के लिए जरूरी खबर:दून समेत तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा छह के लिए प्रवेश शुरू; यहां आवेदन करें – देहरादून, चंपावत और पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6 के लिए प्रवेश शुरू, यहां आवेदन करें

खेल प्रतिभाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हरि सिंह थापा स्पोर्ट्स कॉलेज पिथौरागढ़, गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत में कक्षा छह में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। चंपावत में पहली बार होगी एंट्री तीनों कॉलेजों के लिए दक्षता परीक्षा रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 10 मई 2026 तय की गई है.

स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून के प्राचार्य राजेश ममगाई के अनुसार, राज्य के प्रमुख आवासीय खेल विद्यालयों में प्रारंभिक स्तर से ही छात्रों को व्यावसायिक खेल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में विभिन्न खेल विधाओं जैसे एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, जूडो, हॉकी, वॉलीबॉल, शूटिंग, जिमनास्टिक, तैराकी और बर्फ खेल में प्रशिक्षण की व्यवस्था है।

इसी प्रकार, हरि सिंह थापा स्पोर्ट्स कॉलेज, पिथौरागढ़ में एथलेटिक्स, फुटबॉल और बॉक्सिंग की सुविधाएं हैं और गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज, चंपावत में लड़कियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और बॉक्सिंग की सुविधाएं हैं। आवासीय खेल विद्यालयों में चयनित विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, आधुनिक उपकरण एवं अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिल सके।

उत्तराखंड: राज्य में ‘एक जिला एक खेल’ नीति का ड्राफ्ट तैयार, 39वें राष्ट्रीय खेलों पर फोकस करने के निर्देश

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SP सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला: गैस संकट, स्मार्ट मीटर और आरक्षण पर सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने गैस सिलेंडर की कमी, स्मार्ट मीटर और महिला आरक्षण बिल जैसे मुद्दे उठाए. इस मौके पर उनके साथ पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडे, निवर्तमान जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव समेत कई अन्य नेता भी मौजूद रहे.

शादी के सीजन में गैस की कमी का आरोप
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि शादी के मौसम में गैस सिलेंडर की भारी कमी है. उन्होंने दावा किया कि सिलेंडर ब्लैक में 4000 से 5000 रुपये में बेचे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आम लोग इस समस्या से परेशान हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है.

स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल
सपा सांसद ने प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 76 लाख स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं. उनके मुताबिक इन मीटरों की वजह से बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है. उन्होंने दावा किया कि पहले बिल 1000 रुपये का आता था, अब यह बढ़कर 1500 से 2000 रुपये तक पहुंच गया है.

मीटर हटाने और पैसे वापस करने की मांग की
अवधेश प्रसाद ने सरकार से सभी स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से लिया गया अतिरिक्त पैसा वापस किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह आम जनता के साथ अन्याय है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए.

महिला आरक्षण विधेयक और जाति जनगणना पर वक्तव्य
उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ”राजनीतिक खेल” बताया और कहा कि यह विधेयक 2023 में पहले ही पारित हो चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे से ध्यान भटका रही है.

डिप्टी सीएम पर निशाना और 2027 का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केशव मौर्य को पहले अपनी स्थिति तय करनी चाहिए और उन्हें एक हारा हुआ नेता बताया और कहा कि वह पार्टी के आशीर्वाद से उप मुख्यमंत्री बने हैं. अंत में उन्होंने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और बीजेपी सत्ता से बाहर हो जायेगी.

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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यूबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026: पिछले साल उत्तराखंड बोर्ड 12वीं में 83.23% बच्चे पास हुए थे, अनुष्का ने टॉप किया था – यूबीएसई यूके बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026: पिछले साल का रुझान, पास प्रतिशत और टॉपर्स के नाम देखें

यूके उत्तराखंड बोर्ड 12वीं परिणाम 2026: उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, रामनगर 25 अप्रैल 2026 को सुबह 10.30 बजे 12वीं कक्षा के नतीजे (यूबीएसई उत्तराखंड बोर्ड इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026 डेट) घोषित करेगा। ऐसे में पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी हो जाता है.




आइए जानते हैं कि पिछले साल उत्तीर्ण प्रतिशत क्या था, किसने टॉप किया, लड़के-लड़कियों का प्रदर्शन कैसा रहा और टॉपर लिस्ट में किसने जगह बनाई?

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बीकेयू की हड़ताल का असर: अयोध्या में यूरिया की बिक्री पर लगी रोक हटी, किसानों को राहत

अयोध्या में यूरिया खाद की बिक्री पर रोक को लेकर किसानों में आक्रोश है. 21 अप्रैल को भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. किसानों की मांग है कि यूरिया खाद की बिक्री पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए, क्योंकि इससे खेती प्रभावित हो रही है. प्रदर्शन के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों की मांग मान ली और जरूरतमंद किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर दिया. इसके बाद किसानों में थोड़ी राहत देखी गई.

खेती के लिए यूरिया खाद जरूरी है
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे घनश्याम वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में कई किसान सब्जी, उड़द, मक्का, चरी और गन्ना जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं, जिसके लिए यूरिया खाद बेहद जरूरी है. ऐसे में इसकी बिक्री पर रोक लगाना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता था.

प्रशासन ने दी सफाई
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस बार यूरिया की बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हुई है. इस कारण से, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए बिक्री पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने आश्वस्त किया कि कोई भी जरूरतमंद किसान यूरिया से वंचित नहीं रहेगा तथा किसान आईडी के आधार पर खाद उपलब्ध करायी जायेगी।

स्मार्ट मीटर और गेहूं खरीद पर उठाए सवाल
जिलाध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने स्मार्ट मीटर को किसानों, मजदूरों व व्यापारियों के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि इससे बिजली बिल बढ़ रहा है और कई बार अग्रिम भुगतान के बावजूद कनेक्शन काट दिया जा रहा है. उन्होंने स्मार्ट मीटर को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की। इस दौरान किसान नेता फरीद अहमद ने आरोप लगाया कि सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है, जिससे उनका शोषण हो रहा है. उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीद के बाद किसानों को नकद भुगतान किया जाए।

पंचायत में लिए गए अहम फैसले
इस दौरान मासिक पंचायत में संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई। साथ ही 15 मई को किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्य तिथि को प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर किसान जागरूकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शन में संतोष वर्मा, रविशंकर पांडे, रामू चंद विश्वकर्मा, जीतेंद्र कुमार, राजेश तिवारी, रामप्रताप गुप्ता, रवींद्र मौर्य, नन्हें यादव, आसमाननिशा, उर्मीला निषाद, रामसेवक, रामावती, प्रेम शंकर वर्मा, जगदीश यादव, विवेक पटेल, पूनम, बजरंगी मौर्य व सूरज मौर्य समेत कई किसान मौजूद रहे।

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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51 क्विंटल फूलों से सजाया गया केदारनाथ मंदिर: जयकारों के साथ बाबा की पालकी पहुंची केदारनाथ, आज खुलेंगे कपाट, अद्भुत तस्वीरें – 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट, बाबा की पालकी पहुंची केदारनाथ, उमड़ी भीड़ तस्वीरें


केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8 बजे निर्धारित लग्न के अनुसार विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार धाम को करीब 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं और उत्साह चरम पर है. कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचेंगे और पूजा में भाग लेंगे.

मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम पहुंची। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से शुरू हुई डोली 17 किमी की पैदल यात्रा कर जंगलचट्टी, रामबाड़ा, छोटी-बड़ी लिनचोली और बेस कैंप होते हुए केदारपुरी पहुंची।

चारधाम यात्रा: बाबा केदार का धाम सज गया है, कल खुलेंगे मंदिर के कपाट, मुख्यमंत्री धामी भी होंगे शामिल




22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट, बाबा की पालकी पहुंची केदारनाथ, भारी भीड़ तस्वीरें

केदारनाथ में सेना के जवान – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


मंदिर परिसर में पहुंचते ही हजारों श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के नारों के साथ पुष्प वर्षा कर डोली का भव्य स्वागत किया। पालकी ने मंदिर की परिक्रमा की और भंडार कक्ष में प्रवेश किया, जहां औपचारिक पूजा की गई।


22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट, बाबा की पालकी पहुंची केदारनाथ, भारी भीड़ तस्वीरें

केदारनाथ में बाबा की डोली – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


इस दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुन और डमरू-वाद्यों की गूंज से पूरा धाम शिवमय हो गया। इस दौरान पुलिस और आईटीबीपी की कड़ी सुरक्षा रहती है. कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा की विधिवत शुरुआत हो जाएगी.


22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट, बाबा की पालकी पहुंची केदारनाथ, भारी भीड़ तस्वीरें

केदारनाथ में बाबा की डोली – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


राजस्थान के शेर सिंह,ऋषिकेश के सौरभ कालरा,देहरादून के ध्रुव,चमोली की पुष्पा बिष्ट,पौड़ी के नरेंद्र बिष्ट और सोनाली नेगी समेत कई श्रद्धालुओं ने केदारनाथ यात्रा को लेकर उत्साह जताया।


22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट, बाबा की पालकी पहुंची केदारनाथ, भारी भीड़ तस्वीरें

केदारनाथ धाम – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


कपाट खुलने का साक्षी बनने के लिए बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती, बीकेटीसी सदस्य डॉ. विनीत पोस्ती समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं।


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प्रतापगढ़ में इथेनॉल से भरा टैंकर पलटा, जान जोखिम में डालकर लूटपाट करने लगे ग्रामीण, बाल्टियों में केमिकल भरते दिखे

प्रतापगढ़ समाचार: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब नेशनल हाईवे-19 पर जहानाबाद फ्लाईओवर के पास इथेनॉल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. टैंकर पलटते ही इथेनॉल सड़क किनारे नालियों और गड्ढों में बहने लगा. इस दौरान आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बिना खतरे को समझे जान जोखिम में डालकर रसायन एकत्र करने लगे। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

केमिकल लूटने की होड़ बढ़ी, खतरा बड़ा
मिली जानकारी के मुताबिक ये टैंकर गुजरात से कोलकाता जा रहा था तभी हथिगवां थाना क्षेत्र में ये हादसा हो गया. टैंकर पलटने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और इथेनॉल को बाल्टी और डिब्बे में भरने लगे. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग खुलेआम केमिकल इकट्ठा कर रहे हैं. यह एक बेहद खतरनाक स्थिति थी, क्योंकि इथेनॉल ज्वलनशील है और किसी भी समय आग या बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है।

पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मोर्चा संभाला
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लिया और लोगों को वहां से निकाला. प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया. अधिकारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया.

पुलिस लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित करने में जुटी है
प्रशासन अब वायरल वीडियो के आधार पर उन लोगों की पहचान कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर इथेनॉल इकट्ठा किया था. पुलिस का कहना है कि ऐसी लापरवाही न सिर्फ खतरनाक है बल्कि कानूनन भी गलत है.

प्रशासन की अपील, खतरे से रहें दूर
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी दुर्घटना या केमिकल लीक होने की स्थिति में वे मौके पर न जाएं और न ही कुछ इकट्ठा करने की कोशिश करें. इससे जान-माल को भारी नुकसान हो सकता है. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसी घटनाओं में सतर्क रहना चाहिए।



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देहरादून: उपराष्ट्रपति के दौरे से पहले पुलिस अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी – उपराष्ट्रपति के दौरे से पहले देहरादून पुलिस अलर्ट पर, जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के 23 अप्रैल को देहरादून जिले के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस विभाग ने पूरी तरह से अलर्ट जारी कर दिया है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष ब्रीफिंग में, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने ड्यूटी पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस बल के साथ बैठक की। इस बैठक में उपराष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और विभिन्न व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई.

अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वीवीआईपी रूट और कार्यक्रम स्थल पर किसी भी तरह की सुरक्षा चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पुलिसकर्मियों को निर्धारित समय से कम से कम तीन घंटे पहले अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही पहचान पत्र और ड्यूटी कार्ड ले जाना अनिवार्य है. ड्यूटी स्थल और आसपास के इलाके की गहन जांच करने के भी आदेश दिए गए हैं.

खिलाड़ियों के लिए जरूरी खबर:दून समेत तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा छह के लिए प्रवेश शुरू; यहां आवेदन करें

संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी

सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए वीवीआईपी रूट और उसके आसपास के इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों की सघन तलाशी ली जाएगी. ऊंची इमारतों का सत्यापन किया जाएगा और पानी की टंकियों और फ्लाईओवर जैसे संवेदनशील स्थानों की बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड द्वारा बारीकी से जांच की जाएगी। कड़ी सुरक्षा जांच के बाद केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।

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