मक्का-मदीना में रील बनाना पड़ा महंगा…लाखों का जुर्माना, सऊदी से सख्त आदेश

हज यात्रा 2026 को लेकर इस बार सऊदी अरब सरकार ने कई सख्त नियम लागू किए हैं। इस पवित्र यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत से हजारों तीर्थयात्री रवाना हो रहे हैं। इस बीच सऊदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना की मस्जिद-ए-नबी के अंदर तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इस फैसले का मकसद पवित्र स्थलों की गरिमा बनाए रखना और भीड़ को नियंत्रित करना बताया गया है.

फोटो-वीडियो पर भारी जुर्माना
सऊदी सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल मस्जिद अल-हरम और मस्जिद-ए-नबी में आवश्यक संचार के लिए किया जाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति वहां फोटो या वीडियो लेते पकड़ा गया तो उस पर 10,000 रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 2.47 लाख रुपये के बराबर है। हज प्रशिक्षकों ने तीर्थयात्रियों को सख्त सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने से बचें।

बिना वीजा यात्रा पर सख्त कार्रवाई
इस बार बिना वैध हज वीजा के मक्का या मदीना में प्रवेश करने वालों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है. ऐसे मामलों में 30,000 रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही अगर कोई होटल मालिक किसी व्यक्ति को बिना वीजा के ठहराता है तो उस पर 1 लाख रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

होटलों में खाना बनाने पर रोक
इस बार हज यात्रा में एक और बड़ा बदलाव किया गया है. अब हाजियों को अपने होटलों में खुद खाना बनाने की इजाजत नहीं होगी. पहले यात्री अपनी सुविधा के लिए खाना बना सकते थे, लेकिन अब सुरक्षा और स्वच्छता कारणों से इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी यात्रियों को होटल द्वारा उपलब्ध कराया गया खाना ही खाना होगा।

प्रस्थान और वापसी का पूरा शेड्यूल
इस साल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से करीब 2,090 हज यात्री इस पवित्र यात्रा पर जा रहे हैं. इनका प्रस्थान 16 अप्रैल से शुरू हो चुका है और अब तक दो उड़ानें मदीना पहुंच चुकी हैं. सभी यात्रियों को 20 मई तक सऊदी अरब पहुंचा दिया जाएगा. हज पूरा होने के बाद 2 जून से वापसी यात्रा शुरू होगी और 28 जून को आखिरी उड़ान भारत लौटेगी.

यात्रियों को दी गई जरूरी सलाह
हज प्रशिक्षकों ने तीर्थयात्रियों को सभी नियमों का पालन करने और केवल इबादत पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है. किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर भारी आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में सावधानी और जागरूकता बहुत जरूरी है.

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फर्जी कस्टम-सीबीआई अधिकारी बनकर की 5 लाख की ठगी, शाहपुर मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक महिला समेत दो साइबर ठगों को पकड़ा।

मुजफ्फरनगर शाहपुर थाना क्षेत्र में सामने आए साइबर ठगी के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों पर खुद को कस्टम और सीबीआई अधिकारी बताकर एक लड़की और उसके परिवार को ब्लैकमेल करने और करीब 5 लाख रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप है.

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने तीन डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन, एक फर्जी पहचान पत्र, फर्जी सर्च वारंट की कॉपी, बैंक पासबुक, चेक बुक और 2,00,760 रुपये नकद बरामद किए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब आरोपियों और अन्य संभावित पीड़ितों के नेटवर्क की जांच कर रही है.


व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर शुरू हुई धोखाधड़ी की साजिश

पीड़िता इकरा पुत्री हारून निवासी हुजूरनगर थाना शाहपुर ने 4 अप्रैल को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें बताया था कि उसकी व्हाट्सएप पर दौश एप के जरिए हिदायतुल्ला खान नाम के व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई थी. शुरुआती बातचीत के बाद आरोपी ने यह दावा कर विश्वास हासिल कर लिया कि वह एक सरकारी एजेंसी से जुड़ा हुआ है।

धीरे-धीरे बातचीत का दायरा बढ़ाते हुए आरोपी खुद को कस्टम अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताने लगे और लड़की और उसके परिवार को जांच की धमकी देकर मानसिक दबाव में डाल दिया।


फर्जी आईडी और सर्च वारंट भेजकर दबाव का माहौल बनाया

जांच में पता चला कि आरोपी ने पीड़िता को डराने के लिए फर्जी सीबीआई अधिकारी के पहचान पत्र की फोटो और फर्जी सर्च वारंट की प्रतियां भेजीं। इन दस्तावेजों के जरिए यह विश्वास दिलाया गया कि उनके खिलाफ जांच चल रही है और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रकम तुरंत जमा करानी होगी.

डर और असमंजस की स्थिति में पीड़ित से कई किश्तों में करीब पांच लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।


विश्वास जीतने के लिए ‘बहन’ बनकर रचा जाल

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता से संपर्क स्थापित किया और उसे विश्वास में लेने के लिए ‘बहन’ जैसा रिश्ता बनाया। इसके बाद आरोपी मंसूर अहमद ने पीड़िता से लगातार बात कर उसका भरोसा मजबूत किया.

इसके बाद ‘गिफ्ट भेजने’ के बहाने एक नया दौर शुरू हुआ, जिसमें लोग फर्जी अधिकारी बनकर अलग-अलग नंबरों से कॉल करते थे और उन्हें डरा-धमका कर पैसे वसूलते थे.


मुखबिर की सूचना पर हजूरनगर रोड से गिरफ्तारी की गई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहपुर थाने और सर्विलांस टीम की संयुक्त इकाई गठित की गई. विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर 19 अप्रैल को दोनों आरोपियों को हजूरनगर रोड से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों और नकदी से इस फर्जीवाड़े गिरोह की गतिविधियों के पुख्ता सबूत सामने आए हैं.


आरोपियों के तार दिल्ली और बिजनौर से जुड़े हैं

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोजी पुत्री मोहम्मद मकसूद निवासी हजरत निजामुद्दीन सराय काले खां दिल्ली और मंसूर अहमद पुत्र मनव्वर अली निवासी शेखपुरा तुर्क, पोस्ट जीतपुर पलड़ी, जिला बिजनौर के रूप में हुई है। फिलहाल आरोपी साउथ दिल्ली इलाके में रह रहे थे.

पुलिस अब उनके संपर्कों और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुट गई है.


इसी तरह दूसरे लोगों को भी ठगने का कबूलनामा

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि उन्होंने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया है. फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का यह उनका नियमित तरीका था।

पुलिस अब इस संभावना की जांच कर रही है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।


पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई

यह सम्पूर्ण कार्यवाही अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की गयी। पुलिस अधीक्षक देहात अक्षय संजय महाडिक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल और थाना प्रभारी शाहपुर गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने गिरफ्तारी को अंजाम दिया.

जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है.


गिरफ्तारी टीम में कई पुलिसकर्मी शामिल थे

आरोपियों की गिरफ्तारी में सब इंस्पेक्टर विशाल यादव, अभिषेक चौधरी, हेड कांस्टेबल विकास सिरोही, कांस्टेबल रविशंकर कुमार, मोहम्मद अलीम, शिवम यादव, सोमवीर सिंह, रविशंकर और महिला कांस्टेबल सुनीता की अहम भूमिका रही.

पुलिस टीम की सक्रियता से मामले को अपेक्षाकृत कम समय में सुलझाया जा सका.


ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर पुलिस की विशेष नजर

हाल के दिनों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं। ऐसे मामलों में अपराधी लोगों को डराने और वित्तीय नुकसान पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश या सरकारी अधिकारियों द्वारा की गई मांगों पर तुरंत भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


शाहपुर इलाके में फर्जी कस्टम और सीबीआई अधिकारी बनकर की गई इस धोखाधड़ी का खुलासा पुलिस की सक्रियता से हो गया है, जिससे न सिर्फ पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का स्पष्ट संदेश भी गया है. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है, ताकि ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सके.

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केदारनाथ धाम: फूलों से सजने लगा बाबा केदार का धाम, उत्सव डोली आज पहुंचेगी गौरीकुंड, 22 को खुलेंगे कपाट – चारधाम यात्रा 2026 केदारनाथ धाम फूलों से सजा शुरू, गौरीकुंड पहुंचेगी औपचारिक पालकी

संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन सोम, 20 अप्रैल 2026 10:04 पूर्वाह्न IST

चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ मंदिर के दरवाजे 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. इससे पहले धाम को सजाने का काम शुरू हो गया है.


चारधाम यात्रा 2026 शुरू, केदारनाथ धाम को फूलों से सजाया गया, पालकी गौरीकुंड पहुंचेगी

सजने लगा बाबा केदार का धाम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

बाबा केदार के धाम की यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरे केदारपुरी क्षेत्र को फूलों से सजाया जा रहा है। रविवार को फाटा में रात्रि विश्राम के बाद बाबा की पंचमुखी उत्सव विग्रह डोली आज गौरीकुंड पहुंचेगी। ट्रॉली अपने निर्धारित पड़ावों से केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रही है. पूरे रास्ते भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है.


गौरीकुंड में डोली के स्वागत की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं. वहीं कल 21 अप्रैल को केदारनाथ की पंच मुखी उत्सव डोली धाम पहुंचेगी. जिसके बाद 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे निर्धारित लग्न के अनुसार आम श्रद्धालुओं के लिए दरवाजे खोल दिए जाएंगे. केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य पंडित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि यात्रा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं।

चारधाम यात्रा: संचालन के लिए 12 सदस्यीय सेल गठित, एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह लगातार दूसरे वर्ष प्रभारी नियुक्त





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पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को झटका…सेशन कोर्ट ने खारिज की अपील

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में बड़ा झटका लगा है. सेशन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी है. इससे पहले निचली अदालत ने दोनों को दोषी पाया था और सजा सुनाई थी. इस फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. कोर्ट का यह फैसला राज्य की राजनीति में भी अहम माना जा रहा है.

निचली अदालत की सज़ा बरकरार है
जानकारी के मुताबिक निचली अदालत ने इस मामले में आजम खान और उनके बेटे को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी. साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. इस फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन अब कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है.

दो पैन कार्ड मामलों में दोषी ठहराया गया
यह मामला दो पैन कार्ड बनाने से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नियमों का उल्लंघन कर अलग-अलग दस्तावेजों के आधार पर पैन कार्ड बनाए गए. इसी आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया था. इस मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया.

अपील खारिज होने से बढ़ी मुश्किलें
सेशन कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद दोनों की सजा बरकरार रहेगी. इससे उनके सामने कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं. हालाँकि, आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय जाने का विकल्प अभी भी खुला है।

राजनीतिक असर भी संभव
इस फैसले का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है. आजम खान की गिनती उत्तर प्रदेश की राजनीति के बड़े नेताओं में होती है. ऐसे में उनके और उनके बेटे के खिलाफ यह फैसला भविष्य में राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है. फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.

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बुढ़ाना/मुजफ्फरनगर: सोशल मीडिया पर पिस्टल लहराने वाला युवक गिरफ्तार, मेरठ से खरीदा था अवैध हथियार

मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में पिस्तौल लहराते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल 315 बोर व एक जिन्दा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बताया गया है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रहे धरपकड़ अभियान के तहत बुढ़ाना थाना पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी बीच वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम सक्रिय हो गई और आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिल गई.


सूचना के आधार पर एचपी गैस गोदाम के पीछे ट्यूबवेल के पास घेराबंदी की गयी.

पुलिस को सूचना मिली थी कि बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर विज्ञाना जाने वाली सड़क के पास स्थित एचपी गैस गोदाम के पीछे ट्यूबवेल के पास एक युवक अवैध हथियार के साथ मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मिशन शक्ति टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी।

पुलिस टीम की सतर्कता के चलते युवक को मौके से हिरासत में ले लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए।


तलाशी के दौरान 315 बोर का पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ

पूछताछ में आरोपी ने खुद को बुढ़ाना कस्बे के चंदेडी रोड का निवासी बताया। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके कब्जे से एक 315 बोर का देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ.

बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई.


मेरठ से खरीदा अवैध हथियार, लोगों में डर फैलाने के लिए बनाया वीडियो

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने यह पिस्तौल मेरठ से एक अज्ञात व्यक्ति से खरीदी थी. उसका मकसद सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट कर लोगों में डर और प्रभाव पैदा करना था.

जांच अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं बल्कि युवाओं के बीच गलत संदेश भी भेजते हैं.


पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की

थाना प्रभारी सुभाष बाबू अत्री ने बताया कि आरोपी ने तमंचे के साथ बनाया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड किया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है

जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन लगातार अवैध हथियार रखने वालों और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चला रहा है. इसी क्रम में संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.

अधिकारियों के मुताबिक ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस टीमों को नियमित रूप से सक्रिय रखा गया है.


सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन चिंता का विषय बन जाता है

हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हथियारों के साथ फोटो और वीडियो शेयर करने का चलन तेजी से बढ़ा है. पुलिस का मानना ​​है कि ऐसी गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती हैं.

इसलिए ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि समाज में भय का माहौल पैदा करने की कोशिशों को रोका जा सके.


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उत्तराखंड: पहली बार होगी बद्री तुलसी की व्यावसायिक खेती, भगवान बद्री विशाल की पूजा में होता है इसका उपयोग – उत्तराखंड में शुरू होगी बद्री तुलसी की व्यावसायिक खेती, पहली बार तैयार हो रही नर्सरी

बद्रीनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली बद्री तुलसी की पहली बार व्यावसायिक खेती की जाएगी। इसके लिए सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई तुलसी की नर्सरी तैयार कर रहा है। तुलसी के पत्तों से अर्क बनाने की भी योजना है.

बद्री तुलसी एक औषधीय पौधा है, जो बद्रीनाथ क्षेत्र में पाया जाता है। बद्री तुलसी का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। बद्रीनाथ मंदिर में पूजा और प्रसाद के रूप में तुलसी की माला चढ़ाई जाती है। अभी तक बद्री तुलसी प्राकृतिक रूप से उगती है, लेकिन अब सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई इसकी व्यावसायिक खेती पर काम कर रहा है।

सेलाकुई स्थित एरोमा सेंटर में पहली बार बद्री तुलसी की नर्सरी स्थापित की गई है। बद्री तुलसी के पौधे तैयार कर स्थानीय लोगों को खेती के लिए दिये जायेंगे। बद्री तुलसी में एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं, जिसके कारण इसका उपयोग मलेरिया, पाचन संबंधी समस्याओं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, तनाव कम करने, त्वचा में सुधार, सर्दी-खांसी में किया जाता है।

चारधाम यात्रा की शुरुआत: जयकारों के साथ खुले गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर के कपाट, पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

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कौशांबी में सड़क हादसा, ट्रैक्टर की टक्कर से चपरासी की मौत

कौशांबी जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिससे पूरा इलाका दहल गया। सैनी कोतवाली क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक एक स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत था और रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर जा रहा था. इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

कैसे हुआ हादसा?
यह घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के श्री का पुरवा गांव के पास की है. जानकारी के मुताबिक कखराली पर धुमाई गांव निवासी 35 वर्षीय हीरा लाल सोमवार सुबह करीब 10 बजे अपनी बाइक से स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हीरा लाल गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई
घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा. लेकिन रास्ते में ही हीरा लाल की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि वह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात था और रोजाना की तरह ड्यूटी पर जा रहा था.

परिवार में मचा हाहाकार
हीरा लाल की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में मातम छा गया. उनकी पत्नी प्रीति, बेटे आदित्य व आर्यन और बेटी मधु का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने आ रहे हैं.

पुलिस ने जांच शुरू की
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे की वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)

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भीमताल: समुदाय विशेष के युवक ने नाम बदलकर किया लड़कियों का शोषण, भाजपाइयों ने बाजार बंद कर थाने का किया घेराव – भीमताल में समुदाय विशेष के युवक ने नाम बदलकर किया लड़कियों का शोषण

भीमताल में समुदाय विशेष के युवक पर नाम बदलकर धोखाधड़ी करने और लड़कियों के शोषण के आरोप को लेकर भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया और थाने का घेराव किया।


भीमताल में एक समुदाय विशेष के युवक ने नाम बदलकर लड़कियों का शोषण किया

विरोध प्रदर्शन करते भाजपा नेता और व्यापारी।
– फोटो : संवाद



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भीमताल में समुदाय विशेष के युवक पर लड़कियों का शारीरिक शोषण करने, आर्थिक शोषण करने और नाम बदलकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने भीमताल बाजार बंद कर थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया।






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मर जाऊंगा तो बेटियों को भी ले जाऊंगा…कानपुर घटना से पहले हत्यारे पिता ने क्या कहा? एक खौफनाक कहानी सामने आई

कानपुर समाचार: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता की क्रूरता ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. आरोपी शशि रंजन मिश्रा ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी. यह घटना तब सामने आई जब आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर अपने अपराध की जानकारी दी. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे का नजारा देखकर सभी दंग रह गए। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी काफी समय से मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया.

हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 18 अप्रैल को ही अपनी बेटियों की हत्या करने की योजना बना ली थी. इसके लिए उसने काकादेव इलाके से 500 रुपये में धारदार चापड़ खरीदा। घटना की रात उसने अपनी बेटियों के खाने में नशीली गोलियां मिला दीं। जब दोनों लड़कियां बेहोश हो गईं तो उसने पहले उनका गला दबाया और फिर चप्पल से उनका गला रेत दिया.

आर्थिक तंगी और डिप्रेशन से परेशान थे
शशि रंजन मिश्रा पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करते थे, लेकिन नौकरी छूटने के बाद बेरोजगार हो गए। आर्थिक तंगी और डिप्रेशन के कारण वह शराब और ड्रग्स के आदी हो गए। उसने पुलिस को बताया कि वह अपनी बेटियों से बहुत प्यार करता था और उनके भविष्य को लेकर चिंतित था. इसी डर के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

घर में लगे सीसीटीवी और संदेह का माहौल
आरोपी की पत्नी रेशमा के मुताबिक, उनकी शादीशुदा जिंदगी काफी तनावपूर्ण थी. शशि को अक्सर उस पर शक था और उसने उस पर नजर रखने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। घटना की रात रेशमा अपने 6 साल के बेटे के साथ अलग कमरे में सो रही थी, जबकि शशि अपनी बेटियों के साथ दूसरे कमरे में थी. रात करीब 2.30 बजे तक लड़कियां जिंदा थीं, इसका सबूत सीसीटीवी फुटेज में मिला है.

खुद पुलिस को सूचना दी, तब खुलासा हुआ
बेटियों की हत्या के बाद शशि ने खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा सका. सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी. पुलिस के पहुंचने तक मां को इस घटना की जानकारी तक नहीं थी. जब सच्चाई सामने आई तो पूरा परिवार हैरान रह गया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, जांच जारी है
डीसीपी साउथ दीपेंद्र चौधरी के मुताबिक, पत्नी रेशमा की शिकायत पर नौबस्ता थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस की जांच में आर्थिक तंगी, डिप्रेशन और पारिवारिक विवाद जैसे कई कारण सामने आए हैं. फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है.

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चारधाम यात्रा: बद्रीनाथ धाम यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, एटीएस भी तैनात

बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चमोली पुलिस अलर्ट मोड पर है. यात्रा के सुचारु एवं सुरक्षित संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


धाम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की गई है. सभी प्रवेश मार्गों, प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

केदारनाथ धाम: फूलों से सजने लगा बाबा केदार का धाम, उत्सव डोली आज पहुंचेगी गौरीकुंड, 22 को खुलेंगे कपाट

साथ ही सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है और नियमित चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है. सबसे अहम बात यह है कि आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने मोर्चा संभाल लिया है. एटीएस की तैनाती के साथ ही सुरक्षा कड़ी हो गई है.

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