30 अप्रैल को यूपी में सियासी घमासान तय…महिला आरक्षण बिल पर सरकार बनाम विपक्ष आमने-सामने

उत्तर प्रदेश समाचार: महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में सियासी माहौल गर्म है. इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. इस सत्र में सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करने के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोलने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि यह सत्र सिर्फ विधायी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का भी अहम हिस्सा बनेगा. पूरे देश में इस मुद्दे पर चल रही बहस के बीच यूपी का यह कदम राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है.

कैबिनेट की मंजूरी, राज्यपाल को भेजा जाएगा प्रस्ताव
नियमों के मुताबिक किसी भी विशेष सत्र को बुलाने के लिए सदस्यों को कम से कम सात दिन का नोटिस देना जरूरी है. इसी प्रक्रिया के तहत रविवार को राज्य कैबिनेट ने बाई-सर्कुलेशन के जरिये इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अब यह प्रस्ताव सोमवार को राज्यपाल के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद सत्र के आयोजन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

सरकार विपक्ष पर हमलावर रहेगी
महिला आरक्षण बिल के प्रावधानों को लेकर विपक्ष पहले से ही सरकार पर सवाल उठा रहा है और उसकी खामियां गिना रहा है. अब बीजेपी इस मुद्दे को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है. पार्टी की रणनीति संसद से लेकर विधानसभा तक विपक्ष को घेरने की है. सूत्रों के मुताबिक इस विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये पर निंदा प्रस्ताव लाने पर भी चर्चा चल रही है.

सत्र राजनीतिक टकराव का मंच बनेगा
सरकार का मानना ​​है कि यह विशेष सत्र सिर्फ कानून बनाने तक सीमित नहीं रहेगा. यह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधे राजनीतिक टकराव का मंच बन जायेगा. दोनों पक्ष इस अवसर का उपयोग जनता तक अपना संदेश पहुंचाने और अपनी-अपनी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए करेंगे।

2027 के चुनाव पर भी नजर
महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र में विपक्ष की एकजुटता और संसद में बिल पास नहीं होने के बाद अब राज्य स्तर पर भी सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ रही है और इसे अपनी छवि मजबूत करने का मौका मान रही है. विपक्ष इसे सरकार की विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा बता रहा है.

देशभर में बहस के बीच अहम सत्र
30 अप्रैल का यह विशेष सत्र ऐसे समय बुलाया गया है जब देशभर में महिला आरक्षण पर बहस चल रही है. सरकार का कहना है कि इस सत्र में वह अपनी स्पष्ट और सकारात्मक स्थिति रखेगी और विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को उजागर करेगी. ऐसे में यह सत्र आने वाले समय में यूपी की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

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उत्तराखंड: राज्य की नर्सरियों को पुनर्जीवित करने की तैयारी, यूरोपीय सब्जियों की खेती भी की जाएगी

प्रदेश की सूखती नर्सरियों को पुनर्जीवित करने की तैयारी है। इसके लिए उद्यान विभाग ने योजना बनाने के साथ ही नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं। स्थानीय मांग के अनुरूप इन नर्सरियों में यूरोपीय सब्जी बीज एवं पौध उत्पादन इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी।

प्रदेश में उद्यानिकी विभाग की 92 नर्सरियां हैं। इनमें से कई का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है. ऐसे में विभाग ने इन्हें पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है, ताकि किसानों को बेहतर गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध कराए जा सकें. प्रत्येक नर्सरी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं, जो पुनरुद्धार हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे। नोडल अधिकारी स्थानीय फसल उत्पादन चक्र और विभाग की मिशन मोड योजनाओं को ध्यान में रखते हुए वार्षिक मांग का आकलन करेंगे।

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पौध उत्पादन हेतु कार्यक्रम बनाये जायेंगे

नोडल अधिकारियों को दो वर्ष की लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनानी होगी। हम बीज, क्लोनल रूट स्टॉक और फलदार पौधों के उत्पादन के लिए कार्यक्रम तैयार करेंगे। स्थानीय बाजार की मांग के अनुरूप ग्रामीणों को पौध उपलब्ध कराने तथा यूरोपीय सब्जियों के बीज एवं पौध उत्पादन इकाइयां स्थापित कर उनकी आजीविका में सुधार करने का भी प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। नर्सरियों में मौन पालन इकाइयां स्थापित करने की भी तैयारी है। इसके अलावा वर्मी कंपोस्ट यूनिट का भी प्रस्ताव बनाया जाएगा।

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पीथीपुर में मामूली बात पर बवाल, बकरी के पानी पीने को लेकर खूनी संघर्ष

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक छोटी सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. कोतवाली क्षेत्र के पीथीपुर गांव में गुरुवार की शाम बकरी को पानी पिलाने को लेकर शुरू हुई मारपीट ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। एक ही परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों ओर से लाठी-डंडे के साथ ईंट-पत्थर भी चले, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गयी. इस घटना में एक बुजुर्ग समेत दो लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.

कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार एक पक्ष की बकरी दूसरे पक्ष के घर के बाहर रखी बाल्टी से पानी पी रही थी. इस बात को लेकर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। धीरे-धीरे दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो कुछ ही देर में गंभीर विवाद में बदल गया। एक छोटी सी बात ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया.

झगड़ा तेजी से बढ़ गया
विवाद के बाद दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर अपने-अपने घरों से निकल आए। गुस्से में आकर उन्होंने एक दूसरे पर हमला कर दिया. इस दौरान ईंट-पत्थर भी फेंके गए, जिससे आसपास के लोग डर गए और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. मारपीट में एक बुजुर्ग समेत दो लोग घायल हो गये.

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है.

हिरासत और कार्रवाई शुरू हो गई
पुलिस ने मामले में एक पक्ष के पिता-पुत्र को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।

(रिपोर्ट:बृजेश मिश्र,अमेठी)

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केदारनाथ: ट्रैकिंग रूट पर बर्फ हटाने का 80% काम पूरा, कर्मचारी सुरक्षा बलों की तैनाती में जुटे – केदारनाथ धाम ट्रैकिंग रूट पर बर्फ हटाने का 80% काम पूरा, चारधाम यात्रा 2026

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है. बर्फ हटाने के काम और पुनर्निर्माण एवं मरम्मत के काम में तेजी आ गई है. बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को आम भक्तों और तीर्थयात्रियों के लिए खुल रहे हैं। ऐसे में डीडीएमए गुप्तकाशी के कर्मचारी और कर्मचारी तेजी से निर्माण कार्यों को अंतिम रूप दे रहे हैं.


पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता राजबिंद सिंह ने बताया कि बर्फ हटाने का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है. गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच सड़क यातायात के लिए खोल दी गई है. उन्होंने कहा कि थारू, लिनचोली, हथनी, भैरव और कुबेर ग्लेशियरों में 5 से 6 फीट बर्फ हटा दी गई है. उन्होंने बताया कि धूप खिलते ही ऊपर से ग्लेशियर टूटकर पैदल मार्ग पर आने की आशंका है.

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ऐसे में इन जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच कर्मचारी हर पल बर्फ हटाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेलिंग मरम्मत, डेंट पेंट, रेन शेल्टर समेत कई अन्य कार्य पूरे कर लिये गये हैं. उन्होंने कहा कि इस बार बेमौसम बर्फबारी के कारण विभाग को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन पूरी टीम पूरे समर्पण के साथ काम कर रही है.

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गोरखपुर में दर्दनाक हादसा: राप्ती नदी में नहाने गए तीन दोस्तों की डूबने से मौत

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. राप्ती नदी में नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा चिलुवाताल थाना क्षेत्र के बंजरहा गांव के पास हुआ. घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त एक साथ नदी में नहाने गए थे, लेकिन गहरे पानी में चले जाने से यह दर्दनाक हादसा हो गया. पुलिस और राहत टीम ने काफी मशक्कत के बाद शवों को निकाला.

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे तीनों लड़के निर्माणाधीन पुल के पास राप्ती नदी में नहाने गये थे. नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। जब तक आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी हुई तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्हें बचाया नहीं जा सका.

बचाव अभियान और शव बरामदगी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की. शाम तक जब कोई सफलता नहीं मिली तो एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. टीम ने रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया और करीब 18 घंटे बाद शनिवार सुबह तीनों किशोरों के शव नदी से बरामद कर लिये.

मृतक की पहचान एवं पारिवारिक स्थिति
मृतकों की पहचान बरियारपुर निवासी 19 वर्षीय शुभम यादव, 18 वर्षीय अभय उर्फ ​​बंटी और काजीपुर निवासी 20 वर्षीय शिव सहनी के रूप में की गई है. तीनों आपस में अच्छे दोस्त थे. शुभम 12वीं कक्षा का छात्र था और उसके पिता शिक्षामित्र हैं। अभय 10वीं कक्षा का छात्र था और अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। शिव भी 12वीं कक्षा में पढ़ता था और अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। इस घटना से तीनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

प्रशासन की कार्यवाही एवं सहायता
एडीएम एफआर विनीत कुमार सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही प्रत्येक मृतक के परिवार को आपदा राहत कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने भी लोगों से नदी और गहरे पानी में सावधान रहने की अपील की है.

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चारधाम यात्रा 2026: रात में हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पर रहेगी रोक, कमिश्नर गढ़वाल ने जारी किए आदेश – चारधाम यात्रा 2026 चारधाम यात्रा मार्ग पर रात के समय वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी

संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर(चमोली)।

द्वारा प्रकाशित: रेनू सकलानी

अद्यतन शनिवार, 18 अप्रैल 2026 05:11 अपराह्न IST

आयुक्त गढ़वाल ने वाहनों के संचालन को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही यात्री वाहनों का परिचालन होगा.


चारधाम यात्रा 2026 चारधाम यात्रा मार्ग पर रात के समय वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

चारधाम यात्रा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

चारधाम यात्रा के दौरान रात में हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान केवल ट्रक और अन्य भारी वाहन ही चलेंगे. आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.


सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही यात्री वाहनों का परिचालन होगा. रात 10 बजे के बाद सुबह 4 बजे तक किसी भी यात्री वाहन को चलने की इजाजत नहीं होगी. यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं।

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इसके अलावा हाईवे पर भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए गए हैं. निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए यात्रा करें, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.

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बरेली में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, डॉक्टर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

बरेली में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह की खास बात यह है कि इसमें एक होम्योपैथिक डॉक्टर भी शामिल था. पुलिस की जांच में पता चला है कि यह गिरोह चीनी साइबर ठगों के संपर्क में रहकर देशभर में लोगों को ठग रहा था. आरोपियों के पास से हथियार, मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खातों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं. पुलिस अब गिरोह के सरगना और अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

पुलिस ने गिरोह को घेर कर पकड़ लिया
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद कैंट थाना प्रभारी संजय धीर ने टीम के साथ कृष्णा कॉलोनी रोड पर घेराबंदी की। वहां खड़ी एक काली कार में बैठे पांच लोगों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान शाकिब अली, राजकुमार, आशीष सिंह, डॉ. सचेंद्र कुमार और बब्लू उर्फ ​​माधोराम के रूप में हुई।

आरोपी चीन के साइबर गैंग से जुड़े थे
जांच में पता चला कि गिरोह का सरगना सुमित है, जो लखनऊ में रहता है और व्हाट्सएप के जरिए पूरा नेटवर्क चलाता था। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जुड़े हुए थे, जिसमें चीन के साइबर ठग भी शामिल थे। ये लोग फर्जी ऐप्स और एपीके फाइल्स के जरिए लोगों के मोबाइल फोन में सेंध लगाते थे और बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे।

डॉक्टर के खाते में आती थी ठगी की रकम
पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी से प्राप्त रकम सबसे पहले डॉ. सचेंद्र कुमार के खाते में जमा कराई गई थी। इसके बाद पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। गिरोह ने “एसआर संस एंड ग्रुप्स ट्रस्ट” के नाम से कई बैंक खाते खोले थे। इस रकम का करीब 15 फीसदी हिस्सा डॉक्टर अपने पास रखता था और बाकी रकम अन्य सदस्यों और सरगना तक पहुंचाता था.

तिहाड़ जेल से सीखी धोखाधड़ी की तकनीक
गिरफ्तार आरोपी शाकिब ने बताया कि उसने साइबर ठगी के तरीके तिहाड़ जेल में बंद लोगों से सीखे थे. बाद में उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक गैंग बना लिया. यह गिरोह लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उन्हीं खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी से पैसे ट्रांसफर करने के लिए करता था।

धोखाधड़ी का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था
पुलिस जांच में पता चला कि ट्रस्ट से जुड़े करीब 22 बैंक खातों के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई. इन खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर सैकड़ों शिकायतें दर्ज हैं। एक मामले में करीब 1.55 करोड़ रुपये की ट्रेडिंग धोखाधड़ी भी सामने आई है.

एपीके और डिजिटल अरेस्ट के जरिए बनाते थे शिकार
आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप से ​​कई एपीके फाइलें मिलीं। इनका इस्तेमाल लोगों के फोन हैक करने के लिए किया जाता था. साथ ही ये लोग ट्रेडिंग में निवेश का वादा करके और डिजिटल गिरफ्तारी जैसी तकनीकों से लोगों को डराकर पैसे वसूलते थे. गिरोह के पास से पिस्तौल, कारतूस, मोबाइल, एटीएम कार्ड व अन्य दस्तावेज भी बरामद किये गये हैं.

पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है
फिलहाल पुलिस गैंग के सरगना सुमित और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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उधम सिंह नगर: पुरानी रंजिश के चलते युवक की चाकू मारकर हत्या, घर लौटते वक्त आरोपियों ने किया हमला – उधम सिंह नगर में फास्ट फूड विक्रेता की चाकू मारकर हत्या

उधम सिंह नगर में पुरानी रंजिश के चलते एक फास्ट फूड विक्रेता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब युवक दुकान से काम कर घर लौट रहा था. आरोपी मृतक के ही इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।


पुरानी गल्ला मंडी निवासी विनीत कुमार ने बताया कि उनका भाई दीपक कुमार आवास विकास गेट पर फास्ट फूड की दुकान चलाता था। शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे दीपक अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था। तभी रास्ते में बनखंडी मंदिर के पीछे शिव नाम का युवक उसके पास पहुंचा, जो पुरानी गल्ला मंडी में अपने मामा लल्ला कोली के साथ रहता है। शिव ने दीपक की पिटाई कर दी।

मोहल्ले के लड़कों ने उन्हें घटना की जानकारी दी. विनीत के मुताबिक वह सुमित और आकाश के साथ मौके पर पहुंचा। इसी बीच शिवा ने अपने भाई दीपक पर चाकू से वार कर दिया और भाग गया. घायल को गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे एसटीएच रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. मृतक दीपक के पिता की चार साल पहले मौत हो गई थी। उनके दो भाई और एक बहन हैं। दीपक की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया. रोते-बिलखते परिजन और उनके रिश्तेदार हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए।

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यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक, तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक रुका अभियान

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड ने पुराने बिजली मीटर बदलने और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला शनिवार रात को लिया गया, जब पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने पूरे प्रदेश में मीटर बदलने का काम तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी कर दिये. यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय तकनीकी समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती.

मीटर बदलने, नए कनेक्शन पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा
डॉ. आशीष गोयल ने सभी बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी उपभोक्ता का पुराना मीटर न तो जबरन और न ही स्वेच्छा से बदला जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नये बिजली कनेक्शन देने का काम जारी रहेगा. नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे, ताकि व्यवस्था में कोई व्यवधान न हो।

क्यों उठाना पड़ा इतना बड़ा कदम?
पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के कई जिलों से स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. उपभोक्ताओं का कहना था कि उनकी अनुमति के बिना पुराने मीटर हटाकर नए प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। कई लोगों का यह भी आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिजली बिल अचानक बढ़ गया है. इसके अलावा प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही बिना चेतावनी बिजली कटौती से भी लोगों में आक्रोश बढ़ रहा था.

मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद बनी कमेटी
बढ़ते विरोध को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग के साथ समीक्षा बैठक की. इसके बाद 12 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया गया. यह कमेटी स्मार्ट मीटर की सत्यता, बिलिंग सिस्टम और उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच कर रही है.

अब तक कितने स्मार्ट मीटर लगाए गए?
विभाग के मुताबिक, राज्य में अब तक करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर हैं. सरकार का लक्ष्य पूरे राज्य को प्रीपेड सिस्टम पर लाना है, लेकिन फिलहाल इस योजना की गति धीमी हो गयी है.

जनता को रिपोर्ट का इंतजार है
पावर कॉरपोरेशन ने कहा है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना उसकी पहली प्राथमिकता है। अब सबकी नजर तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर तय होगा कि स्मार्ट मीटर योजना भविष्य में कैसे आगे बढ़ेगी.

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परम आनंद महाराज की संन्यास जयंती समारोह: सीएम धामी ने किया उद्घाटन, चारधाम यात्रा और महिला आरक्षण पर भी बोले – सीएम धामी हरिद्वार में परम आनंद महाराज की 71वीं संन्यास वर्षगांठ समारोह में शामिल हुए, कई संत शामिल हुए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखंड परमधाम में युग पुरुष स्वामी परमानंद महाराज की 71वीं सेवानिवृत्ति वर्षगांठ समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान कार्यक्रम में देश के कई बड़े संत मौजूद रहे.


मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट नजर आया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये. इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि आज शुभ मुहूर्त में गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत खोल दिए गए हैं, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई है. श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं.

उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश की महिलाओं को अधिकार देने की दिशा में ठोस और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने इसका विरोध कर अपनी संकीर्ण मानसिकता को उजागर किया.

अक्षय तृतीया पर चारधाम यात्रा की शुरुआत: गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुले, मां गंगा-यमुना के जयकारे।

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