गाजियाबाद का सोया चाप अब बनेगा ग्लोबल ब्रांड…सरकार की इस योजना ने बदल दी 10 हजार लोगों की किस्मत

गाजियाबाद समाचार: उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद अब न सिर्फ इंडस्ट्री, रियल एस्टेट और प्रदूषण के लिए जाना जाएगा, बल्कि अपनी खास स्ट्रीट फूड पहचान के लिए भी मशहूर होने जा रहा है। सरकार की एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत लोकप्रिय स्ट्रीट फूड सोया चाप को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला उद्योग केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अब यह सिर्फ फास्ट फूड नहीं रह गया है, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बन गया है. अब इसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

योजना में सोया चाप का चयन
सरकार की महत्वाकांक्षी एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत गाजियाबाद के सोया चाप को जिले की खास पहचान के तौर पर चुना गया है. इस योजना का मकसद हर जिले के एक खास व्यंजन को देश-दुनिया में पहचान दिलाना है. रिपोर्ट में बताया गया है कि सोया चाप अब शहर के स्ट्रीट फूड कल्चर का अहम हिस्सा बन गया है.

रोजगार और उद्योग में बड़ा योगदान
जिला उद्योग केंद्र की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सोया चाप उद्योग से करीब 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है. यह तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस है, जो गाजियाबाद की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने लगा है।

उत्पादन और खपत के बड़े आंकड़े
रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद में करीब 20 बड़े वेंडर इस कारोबार से जुड़े हैं. हर साल लगभग 20,000 टन सोया चाप का उत्पादन होता है, जबकि प्रतिदिन लगभग 70 टन की खपत होती है। शहर में 1000 से ज्यादा रजिस्टर्ड रेस्टोरेंट हैं, जहां अफगानी, मलाई, मसाला, हरियाली, सोया टिक्का और तंदूरी चाप जैसे कई फ्लेवर मिलते हैं. इसके अलावा 100 से अधिक छोटी इकाइयां, 300 से अधिक रेस्तरां, 250 थोक व्यापारी और लगभग 1000 खुदरा विक्रेता इस व्यवसाय से जुड़े हैं।

फूड हब के रूप में उभरते क्षेत्र
लोनी, मोदीनगर, आरडीसी और लोहिया नगर इस कारोबार के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचाने गए हैं। ये इलाके अब स्ट्रीट फूड प्रेमियों के लिए खास हब बन गए हैं, जहां शाम के वक्त सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है।

इतिहास और बढ़ती लोकप्रियता
सर्वे के मुताबिक, सोया चाप की शुरुआत 1960 से 1980 के बीच दिल्ली और पंजाब में हुई थी. इसे शाकाहारियों को नॉनवेज जैसा स्वाद देने के लिए बनाया गया था. समय के साथ यह बेहद लोकप्रिय हो गया और अब घरों तक पहुंच गया है।

ब्रांडिंग की तैयारी और भविष्य की योजना
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक आशुतोष सिंह के मुताबिक शासन से निर्देश मिल गए हैं और बजट का इंतजार है। जल्द ही सोया चाप की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और प्रमोशन पर बड़े पैमाने पर काम किया जाएगा. इसका उद्देश्य गाजियाबाद के सोया चाप को अंतरराष्ट्रीय खाद्य ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

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