गाजियाबाद में एसी सर्विस सेंटर में भीषण आग, सिलेंडर धमाकों से दहला इलाका, बुजुर्ग की मौत

गाजियाबाद के पटेल नगर इलाके में शनिवार तड़के एक एसी सर्विस सेंटर में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में तीन मंजिला इमारत धुएं और आग की लपटों से घिर गई। हादसे में 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई गाड़ियां भी जलकर राख हो गईं. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं.
पटेल नगर में तीन मंजिला इमारत में लगी आग
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित प्लॉट नंबर एफ-87 में हुआ. यहां एसी मरम्मत एवं सर्विस सेंटर संचालित था। शनिवार सुबह करीब 3:05 बजे अचानक बिल्डिंग में आग लग गई। शुरुआती आग लगने के बाद अंदर रखे एसी गैस सिलेंडर और कंप्रेशर में धमाके होने लगे। तेज धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी. चूंकि यह इलाका घनी आबादी वाला है, इसलिए आसपास की इमारतों में आग फैलने का खतरा भी बढ़ गया था.
घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाया गया
घटना की जानकारी मिलते ही गाजियाबाद फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए करीब 8 दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया. दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया. राहत कार्य के दौरान पूरी बिल्डिंग की तलाशी ली गई. इसी दौरान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ ग्राउंड फ्लोर पर मृत पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि धुएं और आग के कारण उनकी मौत हो गई.
कई गाड़ियां भी जलकर राख हो गईं
इस भीषण आग में दो कारें और करीब 10 मोटरसाइकिलें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. आग लगने से आसपास के लोगों में डर का माहौल हो गया. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन विभाग मौके पर नहीं पहुंचता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आग लगने के कारणों की जांच जारी है
बताया जा रहा है कि एसी सर्विस सेंटर का संचालन ओमकार तोमर नाम का व्यक्ति करता था। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग की टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर से जुड़ी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है. हालांकि असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
