मुजफ्फरनगर की एशिया प्रसिद्ध गुड़ मंडी में भीषण आग: 7 घंटे तक जलता रहा बारदाना गोदाम, लाखों के नुकसान की आशंका
मुजफ्फरनगर एशिया की मशहूर गुड़ मंडी में शुक्रवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गेट नंबर 5 के पास स्थित एक बड़े बारदान और किराना गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऊंची-ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग को छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजना पड़ा. करीब सात घंटे तक लगातार राहत और बचाव कार्य के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका. शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
सुबह आग की लपटें उठने से बाजार में अफरातफरी मच गई
घटना नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित एशिया की मशहूर गुड़ मंडी की है. जानकारी के मुताबिक, सुबह अचानक गोदाम से धुआं उठता हुआ देखा गया. कुछ ही देर में आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों और बाजार समिति के चौकीदारों ने तुरंत इसकी सूचना दुकानदारों, पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग की लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं और आसपास की दुकानों और घरों में दहशत फैल गई थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज हवा और गोदाम में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैल गई।
शॉर्ट सर्किट बनी आग की वजह, प्लास्टिक के सामान ने बढ़ाई तबाही
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. पीड़ित कारोबारी शुभम गुप्ता के मुताबिक, रात में आई आंधी के कारण बिजली के मीटर और तारों में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसके बाद अचानक आग लग गई.
गोदाम में बड़ी मात्रा में बोरियां, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, रस्सियां, गुड़, मोर्टार और चोकर जैसी ज्वलनशील वस्तुएं रखी हुई थीं। इससे कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, प्लास्टिक सामग्री की मात्रा अधिक होने के कारण आग और धुआं दोनों तेजी से फैल गए, जिससे आग बुझाना काफी मुश्किल हो गया।
दमकल की 6 गाड़ियां और फैक्ट्री के फायर टेंडर मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया. दमकल विभाग की करीब छह गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके अलावा आसपास की फैक्ट्रियों से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं ताकि आग पर जल्द काबू पाया जा सके.
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने दोनों तरफ से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कई घंटों तक लगातार पानी और फोम का इस्तेमाल किया गया. आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एहतियातन आसपास का इलाका भी खाली करा लिया गया.
अग्निशमन विभाग अधिकारी आरके यादव बताया कि उन्हें रात 1.30 से 2 बजे के बीच आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची.
7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास के बाद करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया. अधिकारियों का कहना है कि अगर दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचता तो आग आसपास की अन्य दुकानों और गोदामों में भी फैल सकती थी.
दमकल अधिकारियों के मुताबिक गोदाम काफी बड़ा था और भारी मात्रा में सामान भरा हुआ था. इस कारण आग पर काबू पाने में काफी समय लग गया.
राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के घायल होने या मरने की कोई सूचना नहीं है।
‘पूरा कारोबार बर्बाद हो गया’- पीड़ित कारोबारी की दर्दभरी कहानी
घटना के बाद पीड़ित व्यवसायी शुभम गुप्ता ने बताया कि उन्हें रात में फोन पर सूचना मिली कि उनकी दुकान में आग लग गयी है. जब वह मौके पर पहुंचे तो पूरा गोदाम जल रहा था।
उन्होंने बताया कि दुकान में किसानों के उपयोग में आने वाली वस्तुएं जैसे रस्सियां, तिरपाल, गुड़, ओखली, चोकर सहित अन्य आवश्यक सामग्री रखी हुई थी, जो आग में पूरी तरह जल गई।
कारोबारी ने भावुक होकर कहा, “हमारा पूरा कारोबार बर्बाद हो गया है. नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हुआ है, लेकिन सबकुछ बर्बाद हो गया है.”
व्यापारियों में चिंता, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस भीषण अग्निकांड के बाद गुड़ मंडी के व्यापारियों में चिंता का माहौल है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए.
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, बोरियां और ज्वलनशील पदार्थ जमा होते हैं, वहां नियमित विद्युत जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
अग्निशमन विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही गुड़ मंडी क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि व्यापारी आग से बचाव के आवश्यक उपायों को गंभीरता से लें.
सरकारी मदद का आश्वासन
घटना के बाद जिला अध्यक्ष खाद्यान विभाग से जुड़े जीतेन्द्र कुशल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मंत्री जी कपिल देव अग्रवाल इस मामले पर भी चर्चा हुई है.
उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग और बाजार अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किये जायेंगे.
गुड़ मंडी में आग लगने की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी
मुजफ्फरनगर की गुड़ मंडी एशिया की प्रमुख मंडियों में गिनी जाती है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में व्यापारिक गतिविधियां होती हैं। ऐसे में इस तरह की आग की घटनाएं व्यापारियों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तूफान के मौसम में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए मंडी क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है।
मुजफ्फरनगर की एशिया प्रसिद्ध गुड़ मंडी में हुए इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर व्यावसायिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गंभीर आवश्यकता को सामने ला दिया है। सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन कारोबारी को हुए भारी नुकसान से पूरा मंडी क्षेत्र सदमे में है। इस घटना के बाद अब प्रशासन बाजार में विशेष सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में जुट गया है.
