सुल्तानपुर एआरटीओ कार्यालय में आरटीओ का औचक निरीक्षण, स्कूली वाहनों को लेकर सख्त निर्देश

अयोध्या. शासन के निर्देशों के तहत स्कूली वाहनों की सुरक्षा एवं दस्तावेजों की पूर्ण वैधता सुनिश्चित करने हेतु आरटीओ (प्रशासन) सुश्री रितु सिंह ने सुल्तानपुर स्थित एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय कामकाज, राजस्व वसूली एवं स्कूली वाहनों से संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच की गयी. इसके बाद करीब 50 स्कूल वाहन मालिकों और स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक की गई और उन्हें मोटर वाहन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों और वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
स्कूल वाहन के दस्तावेज पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में आरटीओ सुश्री ऋतु सिंह ने मोटर वाहन नियमावली के 26वें संशोधन 2019 एवं 28वें संशोधन 2022 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण, पीयूसी और परमिट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को तुरंत मान्य किया जाना चाहिए। जिन वाहनों के कागजात अधूरे हैं उन्हें 24 घंटे के अंदर पूरा कर स्कूल वाहन परमिट के लिए आवेदन करने को कहा गया. डीआईओएस और बीएसए कार्यालय प्रतिनिधियों ने स्कूल प्रबंधन को चेतावनी भी दी कि यदि वाहन नियमों का पालन नहीं करेंगे तो स्कूल का यूडीआईएस कोड बंद किया जा सकता है और प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
434 नोटिस जारी किये गये, 174 वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया गया
अधिकारियों ने बताया कि बिना फिटनेस और परमिट वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. अब तक 434 नोटिस जारी किए गए हैं और 174 वाहनों के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए हैं। यश कॉन्वेंट, जीडी गोयनका, गोपाल कॉन्वेंट और सूर्या स्कूल जैसे कुछ स्कूलों ने जल्द ही सभी दस्तावेज पूरे करने का आश्वासन दिया। वहीं, सेंट जेवियर्स और टावनी टॉट्स स्कूल के दस्तावेज पूर्ण पाए जाने पर सराहना की गई। उधर, शेरवुड कॉलेज के वाहनों पर पहले भी कार्रवाई के बावजूद दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है
आरटीओ ने बताया कि सभी स्कूली वाहनों में पीला रंग, आपातकालीन द्वार, अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, महिला अटेंडेंट और चालक का वैध लाइसेंस और चरित्र सत्यापन होना जरूरी है। इसके अलावा सीट के नीचे सीएनजी टैंक न लगाने और वाहनों की हालत अच्छी रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अप्रैल माह का राजस्व संग्रहण 98 प्रतिशत से अधिक होने पर संतोष व्यक्त किया गया, लेकिन डाटा सफाई एवं वाहन निरीक्षण में लापरवाही पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये. इसके साथ ही कार्यालय में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने, कर्मचारियों को पहचान पत्र पहनने और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के भी आदेश दिये गये.
(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)
